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मुस्लिम युवक ने पेश की मिसान, खून देकर हिंदू की बचाई जान
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बहराइच के जिला अस्पताल में सड़क हादसे में घायल युवक की जान बचाने के लिए रक्तदान करते नबी अहमद सिद?
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। जिला अस्पताल में मुस्लिम युवक ने अपना खून देकर हिंदू युवक की जान बचाकर मिसाल पेश की। दुर्घटना में घायल युवक की हालत काफी गंभीर थी। उसे खून की जरूरत थी। परिवारीजनों ने खून का इंतजाम करने के लिए काफी खोज की, लेकिन खून नहीं मिल पाया।
बहराइच-हुजूरपुर मार्ग पर रंजीतपुर चौराहे पर शनिवार को स्कूटी व चार पहिया वाहन से भिड़ंत हो गयी थी, जिसमें थाना रानीपुर के अहिराटाड़ निवासी रोहित सिंह पुत्र फौजदार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसका इलाज बहराइच मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। चेहरे व शरीर पर ज्यादा चोट लगने की वजह से खून का काफी रिसाव हो गया था।
हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने दो यूनिट खून चढ़ाने के बाद सुधार होने की बात की। इस पर परिवारीजनों ने किसी तरह एक यूनिट खून की व्यवस्था की थी। एक यूनिट खून की व्यवस्था नहीं कर पाये थे। बहराइच निवासी नवदी अहमद सिद्दीकी जिला अस्पताल में दवा लेने गया था। मरीज की हालत देखकर नवी अहमद सिद्दीकी ने ब्लड बैंक में जाकर रक्तदान किया, जिससे रक्त चढ़ाने के बाद मरीज की हालत में सुधार हो रहा है।
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नवी अहमद ने बताया कि आगे भी युवक को अगर खून की जरूरत पड़ी तो वह खून देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। इंसान को एक-दूसरे के लिए हमेशा मददगार होना चाहिए।
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बहराइच-हुजूरपुर मार्ग पर रंजीतपुर चौराहे पर शनिवार को स्कूटी व चार पहिया वाहन से भिड़ंत हो गयी थी, जिसमें थाना रानीपुर के अहिराटाड़ निवासी रोहित सिंह पुत्र फौजदार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसका इलाज बहराइच मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। चेहरे व शरीर पर ज्यादा चोट लगने की वजह से खून का काफी रिसाव हो गया था।
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हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने दो यूनिट खून चढ़ाने के बाद सुधार होने की बात की। इस पर परिवारीजनों ने किसी तरह एक यूनिट खून की व्यवस्था की थी। एक यूनिट खून की व्यवस्था नहीं कर पाये थे। बहराइच निवासी नवदी अहमद सिद्दीकी जिला अस्पताल में दवा लेने गया था। मरीज की हालत देखकर नवी अहमद सिद्दीकी ने ब्लड बैंक में जाकर रक्तदान किया, जिससे रक्त चढ़ाने के बाद मरीज की हालत में सुधार हो रहा है।
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नवी अहमद ने बताया कि आगे भी युवक को अगर खून की जरूरत पड़ी तो वह खून देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। इंसान को एक-दूसरे के लिए हमेशा मददगार होना चाहिए।