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माताओं ने पुत्रों के दीर्घायु के लिए रखा निर्जल व्रत
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बहराइच के बरवलिया में सकट पर्व पर पूजा करतीं महिलाएं।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। सकट का पर्व जिले में सोमवार को परंपरागत तरीके से मनाया गया। गणेश संकष्टी (सकट) पर्व के अवसर पर माताओं ने अपने पुत्रों के दीर्घायु होने की कामना के साथ निर्जल व्रत रखकर पूजन-अर्चन किया। पर्व के मौके पर बाजारों में तिल व लाई के लड्डू की जमकर बिक्री हुई। देर शाम चंद्रमा के दर्शन कर माताओं ने निर्जल व्रत तोड़ा।
पर्व की तैैयारियों में महिलाएं सुबह से ही जुटी रहीं। त्योहार को लेकर बाजार में भी काफी चहल-पहल दिखाई दी। महिलाओं ने व्रत के अवसर पर पूजन के लिए चावल के आटा की भी व्यवस्था की। शहर के पानी टंका तिराहा, अस्पताल चौराहा, घंटाघर, पीपल तिराहा, छावनी चौराहा, डिगिहा तिराहा समेत अन्य स्थानों पर तिल व लाई के लड्डू की दुकानें सजी रहीं। बाजार में पूजन के लिए गंजी की भी जमकर बिक्री हुई।
इस दौरान बाजार में काफी भीड़ रही। पूजन-अर्चन के सामान की बिक्री भी तेज रही। कुछ घरों में पूजन के लिए सफेद व काले तिल के लड्डू बनाए गए। जबकि बाजार में भी तिल व लाई के लड्डू की जमकर बिक्री हुई। कोहरे के धुंध के बीच देर शाम महिलाओं ने चंद्रमा के दर्शन कर पूजन-अर्चन किया। इस दौरान भगवान गणेश की पूजा करते हुए माताओं ने अपने पुत्रों के दीर्घायु होने व सुख समृद्धि की कामना की। पूजन-अर्चन के बाद महिलाओं ने अपना व्रत तोड़ा।
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पर्व की तैैयारियों में महिलाएं सुबह से ही जुटी रहीं। त्योहार को लेकर बाजार में भी काफी चहल-पहल दिखाई दी। महिलाओं ने व्रत के अवसर पर पूजन के लिए चावल के आटा की भी व्यवस्था की। शहर के पानी टंका तिराहा, अस्पताल चौराहा, घंटाघर, पीपल तिराहा, छावनी चौराहा, डिगिहा तिराहा समेत अन्य स्थानों पर तिल व लाई के लड्डू की दुकानें सजी रहीं। बाजार में पूजन के लिए गंजी की भी जमकर बिक्री हुई।
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इस दौरान बाजार में काफी भीड़ रही। पूजन-अर्चन के सामान की बिक्री भी तेज रही। कुछ घरों में पूजन के लिए सफेद व काले तिल के लड्डू बनाए गए। जबकि बाजार में भी तिल व लाई के लड्डू की जमकर बिक्री हुई। कोहरे के धुंध के बीच देर शाम महिलाओं ने चंद्रमा के दर्शन कर पूजन-अर्चन किया। इस दौरान भगवान गणेश की पूजा करते हुए माताओं ने अपने पुत्रों के दीर्घायु होने व सुख समृद्धि की कामना की। पूजन-अर्चन के बाद महिलाओं ने अपना व्रत तोड़ा।
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