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कहीं ओमीक्रॉन के वाहक न बन जाएं प्रवासी मजदूर

Sun, 16 Jan 2022 11:39 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jan 2022 11:39 PM IST
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Migrant laborers should not become carriers of Omicron
बहराइच में केडीसी के पास सड़क किनारे बसों से उतर रहे प्रवासी श्रमिक। - फोटो : BAHRAICH
बहराइच। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के वैरिएंट ओमिक्रॉन का सबसे ज्यादा प्रभाव देश के महानगरों में देखने को मिल रहा है। जिले में मिले 290 संक्रमितों में अभी ओमिक्रॉन के लक्षण देखने को नहीं मिले हैं। हालांकि ये दूसरी बात है कि ओमिक्रॉन की जांच के लिए लखनऊ भेजे गए संक्रमितों के नमूनों में एक भी जांच रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन पिछले कई दिनों से निजी बसों द्वारा महानगरों से लौट रहे प्रवासी मजदूर जिले में ओमिक्रॉन के वाहक बन सकते हैं, जो बिना जांच सीधे अपने घरों को पहुंच रहे हैं।
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कोरोना संक्रमण के डेल्टा वेरिएंट की अपेक्षा ओमिक्रॉन वैरिएंट देश में काफी तेजी से फैल रहा है। जिसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर चिंता जाहिर की थी और इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए परीक्षण, निगरानी और उपचार पर विशेष बल देने की बात कही थी। लेकिन जिले में ऐसा होता नहीं दिख रहा है। कोविड जांच का दायरा सिर्फ रोडवेज बस अड्डे तक ही सीमित नजर आ रहा है, जबकि लगभग हर दिन निजी बसों से प्रवासी मजदूर जिले में प्रवेश कर रहे हैं और सीधे अपने घरों को जा रहे हैं। जिले के जिम्मेदार न तो इन बस संचालकों पर अंकुश लगाते दिख रहे हैं और न ही प्रवासी मजदूरों की कोविड जांच कराई जा रही है, जबकि यह मजदूर मुंबई, दिल्ली, पंजाब, लुधियाना आदि जगहों से वापस लौट रहे हैं और यहां ओमिक्रॉन का कहर सबसे ज्यादा है।
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केडीसी के पास रुकती डग्गामार बसें
किसान महाविद्यालय के पास लगभग हर दिन गैर प्रदेशों से आने वाली अवैध निजी बसें रुकती हैं, और सैकड़ों की संख्या में प्रवासी मजदूर आते हैं। शहर के बीचो-बीच धड़ल्ले से यह गोरखधंधा चल रहा है और जिम्मेदार मौन बने हुए हैं। यही नहीं बहुत सी निजी बसें मजदूरों को शहर की सीमा बंजारी मोड़, नानपारा बाईपास आदि पर भी उतार रही हैं। इसके अलावा ट्रक व डीसीएम से भी भारी मात्रा में प्रवासी मजदूर बिना जांच के जिले में प्रवेश कर रहे हैं। अवैध बसों के संबंध में जब एआरटीओ को फोन किया गया तो उनका फोन नहीं मिला।
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रोडवेज बस अड्डे पर स्वास्थ्य टीमें तैनात हैं और लगातार बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच की जा रही है। अन्य जगहों पर बसों के ठहराव की जानकारी नहीं है। -डॉ. सतीश सिंह, सीएमओ
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