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महसी के तीन गांवों में खसरा, बच्चे की मौत

Wed, 22 Jun 2016 11:00 PM IST
Amar ujala Bureau
Amar ujala Bureau Updated Wed, 22 Jun 2016 11:00 PM IST
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measles spred in three villages,  the baby's death
बानपुर में खसरे से पीड़ित बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
तराई में बदल रहे मौसम के कारण खसरे का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। महसी के तीन गांवों में खसरा फैल गया है लेकिन स्वास्थ्य महकमा अंजान बना हुआ है। इलाज के अभाव में खसरा पीड़ित एक बच्चे की मौत हो गई। जबकि 48 लोग बीमार हैं। इनमें 13 रोगियों की हालत नाजुक है। सूचना के बावजूद स्वास्थ्य कर्मी गांव नहीं पहुंचे हैं।
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तराई में बदल रहा मौसम खसरा समेत अन्य संक्रामक बीमारियों का वाहक बन गया है। खसरे का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। महसी के घुरेहरीपुर, ककरहिया और मनेरी गांव में तीन दिन से खसरा फैला हुआ है। लोगों को तेज बुखार के साथ शरीर पर दाने निकले हैं। ये दाने 24 घंटे में फफोले में तब्दील हो जाते हैं।
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इसके कारण रोगी को असहनीय पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है। खसरा फैलने की सूचना गांव के लोगों ने स्वास्थ्य केंद्र और जिला मुख्यालय को दी लेकिन अभी तक एक भी चिकित्सा कर्मी गांव नहीं पहुंचा है। प्रतिदिन किसी न किसी परिवार के लोग चपेट में आ रहे हैं।
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खसरे से पीड़ित घुरेहरीपुर निवासी मोशीन (3) पुत्र मोबीन की बुधवार भोर में हालत बिगड़ गई। इलाज का कोई इंतजाम नहीं हो सका। परिवार के लोग उसे जिला अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे। तभी मोशीन की मौत हो गई। दोपहर बाद मोशीन के शव को दफनाया गया। 

खसरे की चपेट में रमेश (15), रेनू (9), ममता (8), रामवृक्ष (25), रामसनेही (30), विष्णु (30), राधे (35), संतराम (40), रामजीत (15), मनेरी निवासी संदीप (25), ओंकार (40), घुरेहरीपुर निवासी रामू (10), बबली (5) समेत 48 लोग बीमार हैं। इनमें 13 रोगियों की हालत नाजुक है।

गांव के लोगों ने खसरे के प्रकोप से स्वास्थ्य केंद्र फखरपुर और सीएचसी महसी के चिकित्साधिकारियों को अवगत कराने के साथ ही जिला मुख्यालय को भी सूचना दी लेकिन अब तक कोई भी चिकित्साकर्मी प्रभावित गांवों में नहीं पहुंचा है।


बिसवां गांव में एएनएम का सेंटर तो बना हुआ है लेकिन तीन साल से एएनएम तक की तैनाती नहीं है। इसके कारण मामूली समस्याओं के लिए भी लोगों को जिला अस्पताल की ओर रुख करना पड़ता है।
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