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12 साल बाद घर पहुंचा नंदलाल
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Sat, 10 Oct 2015 09:40 PM IST
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विशेश्वरगंज (बहराइच)। कांधभारी निवासी एक परिवार के लिए शनिवार खुशियों की सौगात लेकर आया। 12 साल पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुआ किशोर जब अपने घर पहुंचा तो सारा नजारा बदला हुआ नजर आया।
युवक घर में किसी को नहीं पहचान सका पर मां अपने लाडले को देख कर रो पड़ी और उसे अपने गले से लगा लिया। बातचीत में जब युवक को पिता की मृत्यु की खबर मिली तो वह भी भी रो पड़ा।
विशेश्वरगंज के ग्राम कांधभारी निवासी नंदलाल (अब 24) 12 वर्ष की उम्र में घर से संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। परिवारीजनों ने नंदलाल की खाफी खोजबीन की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। मुस्कान संस्था के प्रयास से नंदलाल शनिवार को घर पहुंचा तो परिवारीजनों के आंखों में खुशी के आंसु छलक पड़े।
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घर से 12 साल पहले लापता हुआ नंदलाल जब 24 साल की उम्र में घर पहुंचा तो सभी ने उसे गले लगा लिया। नंदलाल ने परिवारीजनों को बताया कि वह घर से भटककर कानपुर पहुंचा गया था। वहां एक होटल संचालक ने उसे नौकरी पर रख लिया। आठ वर्ष तक उसने उसी होटल पर काम किया। इसके बाद वह संतकबीरनगर पहुंच गया।
वहां भी होटल की नौकरी की। इस दौरान नंदलाल की मुलाकात मुस्कान संस्था के संचालकों से हुई। उसने संस्था के लोगों से बातचीत की और कहा कि वह 12 वर्ष पूर्व घर से भटका था। नंदलाल संस्था के लोगों को जिले का नाम नहीं बता पा रहा था। उसने सिर्फ थाना और गांव का नाम बताया।
इस पर संस्था के सदस्यों ने प्रयास करके कांधभारी गांव में लोगों से संपर्क साधा। विशेश्वरगंज पुलिस को भी मामले से अवगत कराया। इस पर विशेश्वरगंज पुलिस के साथ गांव निवासी मोहन, जगदीश और रामकुमार संतकबीर नगर पहुंचे।
वहां से नंदलाल उनके साथ शनिवार को घर पहुंचा लेकिन मां को नहीं पहचान सका। मां जनकदुलारी ने बेटे को देखते ही पहचान लिया और गले लगाकर रो पड़ी। बातचीत के दौरान जब मां से नंदलाल को पता चला कि दो वर्ष पूर्व पिता माता प्रसाद की मौत हो चुकी है तो उसकी आंखों से भी आंसू बह निकले।
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युवक घर में किसी को नहीं पहचान सका पर मां अपने लाडले को देख कर रो पड़ी और उसे अपने गले से लगा लिया। बातचीत में जब युवक को पिता की मृत्यु की खबर मिली तो वह भी भी रो पड़ा।
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विशेश्वरगंज के ग्राम कांधभारी निवासी नंदलाल (अब 24) 12 वर्ष की उम्र में घर से संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। परिवारीजनों ने नंदलाल की खाफी खोजबीन की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। मुस्कान संस्था के प्रयास से नंदलाल शनिवार को घर पहुंचा तो परिवारीजनों के आंखों में खुशी के आंसु छलक पड़े।
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घर से 12 साल पहले लापता हुआ नंदलाल जब 24 साल की उम्र में घर पहुंचा तो सभी ने उसे गले लगा लिया। नंदलाल ने परिवारीजनों को बताया कि वह घर से भटककर कानपुर पहुंचा गया था। वहां एक होटल संचालक ने उसे नौकरी पर रख लिया। आठ वर्ष तक उसने उसी होटल पर काम किया। इसके बाद वह संतकबीरनगर पहुंच गया।
वहां भी होटल की नौकरी की। इस दौरान नंदलाल की मुलाकात मुस्कान संस्था के संचालकों से हुई। उसने संस्था के लोगों से बातचीत की और कहा कि वह 12 वर्ष पूर्व घर से भटका था। नंदलाल संस्था के लोगों को जिले का नाम नहीं बता पा रहा था। उसने सिर्फ थाना और गांव का नाम बताया।
इस पर संस्था के सदस्यों ने प्रयास करके कांधभारी गांव में लोगों से संपर्क साधा। विशेश्वरगंज पुलिस को भी मामले से अवगत कराया। इस पर विशेश्वरगंज पुलिस के साथ गांव निवासी मोहन, जगदीश और रामकुमार संतकबीर नगर पहुंचे।
वहां से नंदलाल उनके साथ शनिवार को घर पहुंचा लेकिन मां को नहीं पहचान सका। मां जनकदुलारी ने बेटे को देखते ही पहचान लिया और गले लगाकर रो पड़ी। बातचीत के दौरान जब मां से नंदलाल को पता चला कि दो वर्ष पूर्व पिता माता प्रसाद की मौत हो चुकी है तो उसकी आंखों से भी आंसू बह निकले।