UP: कछार में आदमखोर भेड़िये का आतंक, 15 दिन में चार बच्चों को बनाया निवाला; वन विभाग ने मांगा शूट आउट का आदेश
सरयू कछार में आदमखोर भेड़िया आतंक पर्याय बना है। 15 दिन में चार बच्चों को निवाला बना चुका है। सर्च आपरेशन लगातार फेल हो रहा है। थक हारकर वन विभाग ने सरकार से शूट आउट का आदेश मांगा है।
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यूपी के बहराइच में सरयू नदी के कछार में आदमखोर भेड़िया लगातार हमला करके वन विभाग को छका रहा है। पिछले 15 दिनों से आधा दर्जन गांवों के लोग दहशत में जी रहे हैं। भेड़िया लगातार सक्रिय है। जबकि, वन विभाग का सर्च आपरेशन फेल दिख रहा है। वन विभाग ने हार मानते हुए अब राज्य सरकार से भेड़िये के शूट आउट की अनुमति मांगी है।
कैसरगंज और महसी के कछार क्षेत्र में सक्रिय भेड़िये को पकड़ने के लिए वन विभाग माह भर से अधिक समय से सघन सर्च ऑपरेशन चला रहा है। ड्रोन की मदद ली गई, ट्रैप लगाए गए, एक्सपर्ट बुलाए गए, लेकिन आदमखोर भेड़िया पकड़ से बाहर है। इलाके में दिन-रात गश्त के बावजूद वह अब हर दिन आबादी में पहुंचकर हमला कर रहा है।
...मार गिराने की अनुमति दी जाए
स्थिति पर काबू पाने के लिए वन विभाग ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर मांग की है कि आदमखोर भेड़िये को देखते ही मार गिराने की अनुमति दी जाए। आदेश मिलते ही ऑपरेशन शूट एट साइट चलाया जाएगा।
कैसरगंज के रेंजर ओंकार नाथ यादव ने कहा भेड़िये को पकड़ने के लिए हर संभव कोशिश की गई है। स्थिति दिन-प्रतिदिन गंभीर हो रही है। इसीलिए विभाग ने सरकार को पत्र भेजकर शूट आउट की अनुमति मांगी है।
वन विभाग की नाकामी पर उठ रहे सवाल
15 दिन के अंदर भेड़िये ने चार बच्चों की जान ले ली है। हर दिन हो रहे हमलों से गांवों में दहशत और गुस्सा दोनों है। वन विभाग की नाकामी पर सवाल भी उठ रहे हैं।
32 टीमें तैनात, फिर भी नतीजा शून्य
भेड़िये को पकड़ने के लिए डीएफओ बाराबंकी, गोंडा और श्रावस्ती को जिम्मेदारी दी गई है। वन विभाग की 32 टीमें, एसएसबी, स्थानीय पुलिस, पंचायत विभाग के कर्मचारी, रोजगार सेवक और सफाईकर्मी तक इस अभियान में लगाए गए हैं। इसके बावजूद अब तक कोई नतीजा नहीं निकला।