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चित्तौरा में दिखेगी महाराजा सुहेलदेव की विजयगाथा की तस्वीर
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बहराइच। चित्तौरा झील के तट पर अब महाराजा सुहेलदेव के शौर्य और पराक्रम की तस्वीर दिखेगी। इसकी तैयारियों में पूरा प्रशासनिक अमला जुटा हुआ है। महाराजा सुहेलदेव की कर्मस्थली को पूरे देश के पर्यटन मानचित्र पर अलग पहचान दिलाने की जद्दोजहद भी साफ नजर आ रही है।
बहराइच के राजभर समाज के महाराजा सुहेलदेव के पराक्रम व शौर्य को पूरे देश में अलग पहचान दिलाने के लिए सरकार ने पहल की है। चित्तौरा झील के तट पर बना महाराजा सुहेलदेव का मंदिर लंबे अरसे से उपेक्षित पड़ा था। सरकार की अनदेखी के चलते प्रशासन भी झील की साफ-सफाई कराने की दिशा में काम नहीं करता था। मगर बदलते समय के साथ अब महाराजा सुहेलदेव की कर्मस्थली को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम शुरू किया गया है।
16 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल उद्घाटन के दौरान पूरे परिसर को महाराजा सुहेलदेव की विजयगाथा की तस्वीरों से सजाने की तैयारी चल रही है। अभी तक उनके शौर्य से अनभिज्ञ लोग कार्यक्रम में वीर शिरोमणि महाराजा सुहेलदेव के शौर्य की कहानी से भी रूबरू हो सकेंगे। इसको देखते हुए पूरा प्रशासन एकसाथ लगा हुआ है। महाराजा सुहेलदेव स्मारक के पास की चित्तौरा झील को अब देश के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।
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चित्तौरा स्थित महाराजा सुहेलदेव स्मारक स्थल पर 16 फरवरी को प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ के आगमन के चलते सुरक्षा के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात की जाएगी। डीएम व सीडीओ ने मंगलवार को कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिया।
डीएम शंभु कुमार व सीडीओ कविता मीणा ने कार्यक्रम के लिए पार्किंग स्थल, बैरीकेडिंग, हैलीपैड, साफ-सफाई, मंच-पंडाल के लिए कराये जा रहे कार्यों का जायजा लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर एडीएम जयचंद्र पांडेय, एसडीएम सदर सौरभ गंगवार, नानपारा के सूरज पटेल, पीडी अनिल कुमार सिंह, जिला आबकारी अधिकारी प्रगल्भ लवानिया समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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बहराइच के राजभर समाज के महाराजा सुहेलदेव के पराक्रम व शौर्य को पूरे देश में अलग पहचान दिलाने के लिए सरकार ने पहल की है। चित्तौरा झील के तट पर बना महाराजा सुहेलदेव का मंदिर लंबे अरसे से उपेक्षित पड़ा था। सरकार की अनदेखी के चलते प्रशासन भी झील की साफ-सफाई कराने की दिशा में काम नहीं करता था। मगर बदलते समय के साथ अब महाराजा सुहेलदेव की कर्मस्थली को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम शुरू किया गया है।
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16 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल उद्घाटन के दौरान पूरे परिसर को महाराजा सुहेलदेव की विजयगाथा की तस्वीरों से सजाने की तैयारी चल रही है। अभी तक उनके शौर्य से अनभिज्ञ लोग कार्यक्रम में वीर शिरोमणि महाराजा सुहेलदेव के शौर्य की कहानी से भी रूबरू हो सकेंगे। इसको देखते हुए पूरा प्रशासन एकसाथ लगा हुआ है। महाराजा सुहेलदेव स्मारक के पास की चित्तौरा झील को अब देश के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।
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चित्तौरा स्थित महाराजा सुहेलदेव स्मारक स्थल पर 16 फरवरी को प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ के आगमन के चलते सुरक्षा के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात की जाएगी। डीएम व सीडीओ ने मंगलवार को कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिया।
डीएम शंभु कुमार व सीडीओ कविता मीणा ने कार्यक्रम के लिए पार्किंग स्थल, बैरीकेडिंग, हैलीपैड, साफ-सफाई, मंच-पंडाल के लिए कराये जा रहे कार्यों का जायजा लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर एडीएम जयचंद्र पांडेय, एसडीएम सदर सौरभ गंगवार, नानपारा के सूरज पटेल, पीडी अनिल कुमार सिंह, जिला आबकारी अधिकारी प्रगल्भ लवानिया समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।