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Bahraich News: लखनऊ-बहराइच हाईवे बना मौत का कॉरिडोर
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हादसे में तीन लोगों की मौत के बाद क्षतिग्रस्त बाइक।
बहराइच। लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग अब लोगों के लिए सफर का नहीं, बल्कि दहशत का रास्ता बनता जा रहा है। तेज रफ्तार, लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी के चलते इस मार्ग पर लगभग हर दिन एक से दो लोगों की मौत हो रही है। पिछले एक माह में इस हाईवे पर 42 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सोमवार को जिले में अलग-अलग स्थानों पर हुए पांच सड़क हादसों में सात लोगों की मौत ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे दर्दनाक हादसा लखनऊ-बहराइच मार्ग पर मुस्तफाबाद मोड़ के पास हुआ, जहां एक वर्षीय भांजे की मिट्टी में शामिल होने जा रहे एक ही परिवार के दो सगे भाइयों और उनके चाचा की बाइक अनियंत्रित होकर पुलिया के नीचे जा गिरी। तीनों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इससे एक दिन पहले फखरपुर के पास हुए हादसे में कैसरगंज के कपड़ा कारोबारी और गोंडा निवासी उसके दोस्त की जान चली गई थी।
यातायात विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में सबसे अधिक जानलेवा हादसे लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही हो रहे हैं। ओवरटेक की जल्दबाजी, तेज रफ्तार, भारी वाहनों का दबाव और सुरक्षा नियमों की अनदेखी हादसों की बड़ी वजह बन रही है। पुलिस और प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं, लेकिन सड़क पर लापरवाही कम होने का नाम नहीं ले रही।
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हेलमेट नहीं पहनना बन रहा मौत की वजह
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के अनुसार अधिकांश दोपहिया दुर्घटनाओं में मृतक हेलमेट नहीं लगाए हुए थे। मुस्तफाबाद हादसे में भी तीनों बाइक सवारों के सिर में गंभीर चोट आई, जो उनकी मौत का मुख्य कारण बनी। यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि मानक हेलमेट का नियमित प्रयोग और गति सीमा का पालन किया जाए तो बड़ी संख्या में जानें बचाई जा सकती हैं। एसपी ने लोगों से अपील की है कि छोटी दूरी हो या लंबा सफर, हेल्मेट और सीट बेल्ट का प्रयोग हर हाल में करें।
प्रमुख सड़क हादसों का रिकॉर्ड
1 जून से 22 जून तक प्रमुख सड़क हादसे : 6
कुल मौतें : 8
कुल घायल : 19 से अधिक
21-22 जून के सिर्फ दो दिनों में : 9 लोगों की मौत
22 जून को जिले में पांच अलग-अलग हादसों में : 7 लोगों ने गंवाई जान
सबसे अधिक हादसे : लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर
प्रमुख वजहें : तेज रफ्तार, गलत ओवरटेक, हेलमेट का प्रयोग न करना और यातायात नियमों की अनदेखी
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सबसे दर्दनाक हादसा लखनऊ-बहराइच मार्ग पर मुस्तफाबाद मोड़ के पास हुआ, जहां एक वर्षीय भांजे की मिट्टी में शामिल होने जा रहे एक ही परिवार के दो सगे भाइयों और उनके चाचा की बाइक अनियंत्रित होकर पुलिया के नीचे जा गिरी। तीनों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इससे एक दिन पहले फखरपुर के पास हुए हादसे में कैसरगंज के कपड़ा कारोबारी और गोंडा निवासी उसके दोस्त की जान चली गई थी।
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यातायात विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में सबसे अधिक जानलेवा हादसे लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही हो रहे हैं। ओवरटेक की जल्दबाजी, तेज रफ्तार, भारी वाहनों का दबाव और सुरक्षा नियमों की अनदेखी हादसों की बड़ी वजह बन रही है। पुलिस और प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं, लेकिन सड़क पर लापरवाही कम होने का नाम नहीं ले रही।
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हेलमेट नहीं पहनना बन रहा मौत की वजह
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के अनुसार अधिकांश दोपहिया दुर्घटनाओं में मृतक हेलमेट नहीं लगाए हुए थे। मुस्तफाबाद हादसे में भी तीनों बाइक सवारों के सिर में गंभीर चोट आई, जो उनकी मौत का मुख्य कारण बनी। यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि मानक हेलमेट का नियमित प्रयोग और गति सीमा का पालन किया जाए तो बड़ी संख्या में जानें बचाई जा सकती हैं। एसपी ने लोगों से अपील की है कि छोटी दूरी हो या लंबा सफर, हेल्मेट और सीट बेल्ट का प्रयोग हर हाल में करें।
प्रमुख सड़क हादसों का रिकॉर्ड
1 जून से 22 जून तक प्रमुख सड़क हादसे : 6
कुल मौतें : 8
कुल घायल : 19 से अधिक
21-22 जून के सिर्फ दो दिनों में : 9 लोगों की मौत
22 जून को जिले में पांच अलग-अलग हादसों में : 7 लोगों ने गंवाई जान
सबसे अधिक हादसे : लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर
प्रमुख वजहें : तेज रफ्तार, गलत ओवरटेक, हेलमेट का प्रयोग न करना और यातायात नियमों की अनदेखी