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केंद्रों पर लटक रहे ताले, नहीं हो रही धान खरीद
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खैरीघाट (बहराइच)। जिले के किसान संकट के दौर से गुजरने को विवश हैं। जिले मेें एक नवंबर से धान खरीद शुरू हो चुकी है। पीसीएफ ने अपने अधिकांश केंद्र सहकारी समितियों मेें ही खोल रखें है। लेकिन मौजूदा समय समिति के सचिवों के हड़ताल पर चले जाने से केंद्रों पर ताला लटक रहा है।
विकास खंड शिवपुर स्थित खैराकलां समेत अधिकांश धान क्रय केंद्रों पर सोमवार को सचिवों की हड़ताल के चलते ताला लटका रहा। ऐसे मेें केंद्रों पर धान की बिक्री कराने पंहुचे क्षेत्र के किसानों को बैरंग वापस लौटना पड़ा।
हड़ताल के चलते किसानों को अपनी फसलों की बुआई के लिए डीएपी खाद नहीं मिल रही है। साधन सहकारी समिति खैराकला में किसान सागर, मेराज अली, मंसाराम, रामसूरत समेत कई किसान डीएपी लेने पंहुचे। लेकिन केंद्रों पर ताला लटकने के चलते किसानों को यहां भी खाली हाथ लौटना पड़ा। किसानों का कहना है कि एक तरफ केंद्र पर ताला लटक रहा है, वहीं दूसरी तरफ निजी दुकानों पर दुकान संचालक डीएपी के दामों मेें काफी बढ़ोत्तरी कर खुलेआम बेच रहे हैं। ऐसी स्थिति मेें किसान कहां जाए, प्रशासन भी मामले मेें चुप्पी साधे हुए है। (संवाद)
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विकास खंड शिवपुर स्थित खैराकलां समेत अधिकांश धान क्रय केंद्रों पर सोमवार को सचिवों की हड़ताल के चलते ताला लटका रहा। ऐसे मेें केंद्रों पर धान की बिक्री कराने पंहुचे क्षेत्र के किसानों को बैरंग वापस लौटना पड़ा।
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हड़ताल के चलते किसानों को अपनी फसलों की बुआई के लिए डीएपी खाद नहीं मिल रही है। साधन सहकारी समिति खैराकला में किसान सागर, मेराज अली, मंसाराम, रामसूरत समेत कई किसान डीएपी लेने पंहुचे। लेकिन केंद्रों पर ताला लटकने के चलते किसानों को यहां भी खाली हाथ लौटना पड़ा। किसानों का कहना है कि एक तरफ केंद्र पर ताला लटक रहा है, वहीं दूसरी तरफ निजी दुकानों पर दुकान संचालक डीएपी के दामों मेें काफी बढ़ोत्तरी कर खुलेआम बेच रहे हैं। ऐसी स्थिति मेें किसान कहां जाए, प्रशासन भी मामले मेें चुप्पी साधे हुए है। (संवाद)
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