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Bahraich News: चार अगस्त तक मांगी अधिवक्ताओं की सूची
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बहराइच। उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश के अनुपालन में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने जिला बार एसोसिएशन से गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी अधिवक्ताओं की सूची 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में मंगलवार को जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महामंत्री ने अधिवक्ताओं से चार अगस्त तक आवश्यक सूचना उपलब्ध कराने की अपील की है।
उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा याचिका संख्या 122231/2025, मोहम्मद कफील बनाम स्टेट ऑफ यूपी एंड अन्य में तीन जून को पारित आदेश के अनुपालन में ऐसे अधिवक्ताओं की सूची बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को भेजी जानी है, जिनके विरुद्ध गंभीर अपराधों में प्राथमिकी दर्ज है, आरोपपत्र (चार्जशीट) न्यायालय में दाखिल हो चुका है तथा मामला विचाराधीन है।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश शुक्ल और महामंत्री शैलेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से जारी पत्र में कहा है कि यदि बार काउंसिल के निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित बार एसोसिएशन का बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश से संबद्धीकरण निरस्त किया जा सकता है। इसके बाद एसोसिएशन के सदस्यों को बार काउंसिल की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। साथ ही इसे उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना मानते हुए संबंधित रिपोर्ट न्यायालय को भी भेजी जा सकती है। पदाधिकारियों ने सभी अधिवक्ताओं से अनुरोध किया है कि वे चार अगस्त तक निर्धारित प्रारूप में अपनी लिखित सूचना जिला बार एसोसिएशन कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपलब्ध करा दें।
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उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा याचिका संख्या 122231/2025, मोहम्मद कफील बनाम स्टेट ऑफ यूपी एंड अन्य में तीन जून को पारित आदेश के अनुपालन में ऐसे अधिवक्ताओं की सूची बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को भेजी जानी है, जिनके विरुद्ध गंभीर अपराधों में प्राथमिकी दर्ज है, आरोपपत्र (चार्जशीट) न्यायालय में दाखिल हो चुका है तथा मामला विचाराधीन है।
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जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश शुक्ल और महामंत्री शैलेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से जारी पत्र में कहा है कि यदि बार काउंसिल के निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित बार एसोसिएशन का बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश से संबद्धीकरण निरस्त किया जा सकता है। इसके बाद एसोसिएशन के सदस्यों को बार काउंसिल की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। साथ ही इसे उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना मानते हुए संबंधित रिपोर्ट न्यायालय को भी भेजी जा सकती है। पदाधिकारियों ने सभी अधिवक्ताओं से अनुरोध किया है कि वे चार अगस्त तक निर्धारित प्रारूप में अपनी लिखित सूचना जिला बार एसोसिएशन कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपलब्ध करा दें।
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