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गांव से जंगल की ओर चले गए तेंदुए
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मोतीपुर के झाला गांव में आबादी में घुसे तेंदुए के बाद ग्रामीणों को समझाते वनाधिकारी।
- फोटो : BAHRAICH
उर्रा (बहराइच)। मोतीपुर रेंज के झाला बख्शीपुरवा गांव में शुक्रवार को सुबह दो तेंदुए आ गए थे। लगभग 13 घंटे तक तेंदुओं ने वनकर्मियों व पुलिस को छकाया। तेंदुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग ने जाल व खाबड़ भी लगाया। लेकिन संभावना जतायी जा रही है कि गन्ने के खेत से होते हुए तेंदुए जंगल में चले गए। वन विभाग की दो टीमों के साथ वन्यजीव विशेषज्ञ क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज अंतर्गत सेमरहना-झाला मार्ग से होते हुए तेंदुए का जोड़ा शुक्रवार सुबह चार बजे पहुंचा। इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ को देखकर वह झाला बख्शीपुरवा गांव चला गया। पुलिस और वन विभाग की टीम ने तेंदुओं को पकड़ने के लिए एक किलोमीटर की परिधि में खेतों के निकट जाल व खाबड़ लगाया। लेकिन शाम पांच बजे तक तेंदुएं कहीं दिखायी नहीं दिए।
डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि तेंदुए जंगल की ओर चले गए हैं। लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से वन विभाग की दो टीमों लगाई गई हैं। दोनों टीमें निरंतर खेत के निकट कांबिंग कर रही हैं। जिससे पुन: आगमन होने पर उन्हें गांव की ओर जाने से रोका जा सके।
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डीएफओ ने बताया कि सर्दी का मौसम शुरू होने व गन्ने की फसल तैयार होने से तेंदुए जंगल से निकलकर गांवों में पहुंच रहे हैं। इससे ग्रामीण भी सजग रहें। जीव विज्ञानी सुशांत सोमा व वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. दक्ष गंगवार ने बताया कि पदचिन्हों से नर व मादा तेंदुए के गांव में आने की पुष्टि हुई है।
सूर्यास्त के समय जंगल की ओर न जाएं ग्रामीण
डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि धीरे-धीरे ठंड बढ़ रही है। ऐसे में बाघ और तेंदुए गांव के निकट आ सकते हैं। ग्रामीण हमलों से बचने के लिए शाम के समय जंगल की ओर न जाएं। दिन में भी समूह में जंगल से सटे क्षेत्रों में जाएं, जिससे हमला होने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि तेंदुए के निकलने पर उनके नंबर के साथ वनकर्मियों को जानकारी दें।
यह टीम कर रही निगरानी
डीएफओ ने बताया कि डिप्टी रेंजर महेंद्र मौर्या की अगुवाई में पृथ्वीपुरवा और फारेस्टर टीपीएन सिंह की अगुवाई में बख्शीपुरवा गांव में ड्यूटी लगाई गई है। जबकि क्षेत्र के वाचरों को भी जिम्मेदारी सौपंी गई है। डीएफओ ने बताया कि वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. दक्ष गंगवार, जीव विज्ञानी सुशांत सोमा, सुमित साहा, फील्ड असिस्टेंट पालू भी निगरानी कर रहे हैं।
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कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज अंतर्गत सेमरहना-झाला मार्ग से होते हुए तेंदुए का जोड़ा शुक्रवार सुबह चार बजे पहुंचा। इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ को देखकर वह झाला बख्शीपुरवा गांव चला गया। पुलिस और वन विभाग की टीम ने तेंदुओं को पकड़ने के लिए एक किलोमीटर की परिधि में खेतों के निकट जाल व खाबड़ लगाया। लेकिन शाम पांच बजे तक तेंदुएं कहीं दिखायी नहीं दिए।
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डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि तेंदुए जंगल की ओर चले गए हैं। लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से वन विभाग की दो टीमों लगाई गई हैं। दोनों टीमें निरंतर खेत के निकट कांबिंग कर रही हैं। जिससे पुन: आगमन होने पर उन्हें गांव की ओर जाने से रोका जा सके।
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डीएफओ ने बताया कि सर्दी का मौसम शुरू होने व गन्ने की फसल तैयार होने से तेंदुए जंगल से निकलकर गांवों में पहुंच रहे हैं। इससे ग्रामीण भी सजग रहें। जीव विज्ञानी सुशांत सोमा व वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. दक्ष गंगवार ने बताया कि पदचिन्हों से नर व मादा तेंदुए के गांव में आने की पुष्टि हुई है।
सूर्यास्त के समय जंगल की ओर न जाएं ग्रामीण
डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि धीरे-धीरे ठंड बढ़ रही है। ऐसे में बाघ और तेंदुए गांव के निकट आ सकते हैं। ग्रामीण हमलों से बचने के लिए शाम के समय जंगल की ओर न जाएं। दिन में भी समूह में जंगल से सटे क्षेत्रों में जाएं, जिससे हमला होने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि तेंदुए के निकलने पर उनके नंबर के साथ वनकर्मियों को जानकारी दें।
यह टीम कर रही निगरानी
डीएफओ ने बताया कि डिप्टी रेंजर महेंद्र मौर्या की अगुवाई में पृथ्वीपुरवा और फारेस्टर टीपीएन सिंह की अगुवाई में बख्शीपुरवा गांव में ड्यूटी लगाई गई है। जबकि क्षेत्र के वाचरों को भी जिम्मेदारी सौपंी गई है। डीएफओ ने बताया कि वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. दक्ष गंगवार, जीव विज्ञानी सुशांत सोमा, सुमित साहा, फील्ड असिस्टेंट पालू भी निगरानी कर रहे हैं।