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तेंदुए ने चार घंटे गांव में मचाई दहशत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 May 2016 09:52 PM IST
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कतर्नियाघाट रेंज के आंबा ग्राम में सोमवार रात घर में घुसे तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया गया जाल व जमा ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कतर्नियाघाट (बहराइच)। कतर्नियाघाट रेंज के आंबा गांव में सोमवार देर रात तेंदुए ने चार घंटे तक ग्रामीणों और वन विभाग की टीम को छकाया।
कुत्तों के झुंड के खदेड़ने पर वह एक ग्रामीण के घर में घुस गया, जिसे निकालने में लोगों ने खूब मशक्कत की। तड़के तीन बजे के आसपास वह दीवार फांदकर जब जंगल की ओर चला गया, तब लोगों ने राहत की सांस ली।
कतर्नियाघाट रेंज के आंबा गांव की जंगल से दूरी महज 150 मीटर है। सोमवार रात 11 बजे के आसपास एक तेंदुआ गांव में पहुंच गया। तेंदुए को देख कुत्तों के झुंड ने भौंकते हुए उसे खदेड़ा तो वह गांव निवासी बकरीदी पुत्र रमजान खान के घर में घुस गया।
उस समय परिवार के लोग सोने की तैयारी कर रहे थे। तेंदुए को आंगन में देख सभी के हाथ-पांव फूल गए। शोर मचाते हुए बकरीदी व परिवार के सदस्यों ने अपने को कमरे में बंद कर सुरक्षित किया।
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चीख-पुकार सुनकर गांव के लोगों ने हांका लगाना शुरू किया। घर के बाहर काफी संख्या में लोग जमा हो गए लेकिन आवाज अधिक होने के चलते तेंदुआ घर से बाहर नहीं निकला।
सूचना पाकर कतर्नियाघाट के डिप्टी रेंजर रमेश चंद्र, वन दरोगा मनोज कुमार, जमुना प्रसाद व अन्य वनकर्मी मौके पर पहुंचे। घर के बरामदे की दीवार पर जाल लगाया गया, फिर सभी ने हांका लगाया लेकिन ये सारी मशक्कत काम न आई।
तेंदुआ अंदर ही जमा रहा। भोर में तीन बजे तेंदुआ मकान के पीछे की दीवार फांदकर जंगल की ओर चला गया। इस बीच बकरीदी के परिवार समेत पूरे गांव वाले रात भर दहशत में रहे।
...लगा खत्म हो गई जिंदगी
गांव निवासी बकरीदी रात की घटना से काफी दहशत में हैं। बोले कि जिस समय तेंदुआ घर में घुसा, उस समय परिवार के लोग आंगन में थे। तेंदुए को देख जब बच्चे शोर मचाने लगे, तब नजर उधर पड़ी। एक क्षण तो लगा कि जिंदगी यहीं खत्म। फिर तत्काल परिवार के सभी सदस्यों को कमरे की ओर भागने का इशारा किया और खुद भी कमरे में घुसकर दरवाजा बंद कर लिया।
एहतियात बरतें ग्रामीण
डिप्टी रेंजर रमेश चंद्र ने कहा कि इस समय गर्मी के चलते वन्यजीव पानी की तलाश में जंगल में निकल रहे हैं। ऐसे में कभी-कभार भटक कर आबादी में पहुंच जाते हैं। ऐसे में एहतियात बरतकर ही सुरक्षा हो सकती है।
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कुत्तों के झुंड के खदेड़ने पर वह एक ग्रामीण के घर में घुस गया, जिसे निकालने में लोगों ने खूब मशक्कत की। तड़के तीन बजे के आसपास वह दीवार फांदकर जब जंगल की ओर चला गया, तब लोगों ने राहत की सांस ली।
कतर्नियाघाट रेंज के आंबा गांव की जंगल से दूरी महज 150 मीटर है। सोमवार रात 11 बजे के आसपास एक तेंदुआ गांव में पहुंच गया। तेंदुए को देख कुत्तों के झुंड ने भौंकते हुए उसे खदेड़ा तो वह गांव निवासी बकरीदी पुत्र रमजान खान के घर में घुस गया।
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उस समय परिवार के लोग सोने की तैयारी कर रहे थे। तेंदुए को आंगन में देख सभी के हाथ-पांव फूल गए। शोर मचाते हुए बकरीदी व परिवार के सदस्यों ने अपने को कमरे में बंद कर सुरक्षित किया।
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चीख-पुकार सुनकर गांव के लोगों ने हांका लगाना शुरू किया। घर के बाहर काफी संख्या में लोग जमा हो गए लेकिन आवाज अधिक होने के चलते तेंदुआ घर से बाहर नहीं निकला।
सूचना पाकर कतर्नियाघाट के डिप्टी रेंजर रमेश चंद्र, वन दरोगा मनोज कुमार, जमुना प्रसाद व अन्य वनकर्मी मौके पर पहुंचे। घर के बरामदे की दीवार पर जाल लगाया गया, फिर सभी ने हांका लगाया लेकिन ये सारी मशक्कत काम न आई।
तेंदुआ अंदर ही जमा रहा। भोर में तीन बजे तेंदुआ मकान के पीछे की दीवार फांदकर जंगल की ओर चला गया। इस बीच बकरीदी के परिवार समेत पूरे गांव वाले रात भर दहशत में रहे।
...लगा खत्म हो गई जिंदगी
गांव निवासी बकरीदी रात की घटना से काफी दहशत में हैं। बोले कि जिस समय तेंदुआ घर में घुसा, उस समय परिवार के लोग आंगन में थे। तेंदुए को देख जब बच्चे शोर मचाने लगे, तब नजर उधर पड़ी। एक क्षण तो लगा कि जिंदगी यहीं खत्म। फिर तत्काल परिवार के सभी सदस्यों को कमरे की ओर भागने का इशारा किया और खुद भी कमरे में घुसकर दरवाजा बंद कर लिया।
एहतियात बरतें ग्रामीण
डिप्टी रेंजर रमेश चंद्र ने कहा कि इस समय गर्मी के चलते वन्यजीव पानी की तलाश में जंगल में निकल रहे हैं। ऐसे में कभी-कभार भटक कर आबादी में पहुंच जाते हैं। ऐसे में एहतियात बरतकर ही सुरक्षा हो सकती है।