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नशा छोड़ स्वरोजगारी बनें ग्रामीण
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मोतीपुर तहसील के बलई गांव में आयोजित गोष्ठी में अपर कृषि अधिकारी प्रसार को हस्तशिल्प की वस्तुएं
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच/उर्रा। थारू बाहुल्य बलई गांव में गुरुवार को अपर कृषि निदेशक प्रसार लखनऊ पहुंचे। पुलिस और कृषि विभाग के साथ सामाजिक संस्थाओं ने गोष्ठी परिचर्चा में भाग लिया। अपर कृषि निदेशक प्रसार ने कहा कि गांव के लोगों को नशा छोड़कर स्वरोजगारी बनने के लिए आगे बढ़ना चाहिए। सरकार की सभी योजनाओं से विकास गांव में हो, इसके लिए गांव का चयन कलस्टर के रूप में किया जाए। सभी योजनाओं का लाभ गांव के लोगों को मिलेगा। बाराबंकी से आए मधुमक्खी पालक विशेषज्ञ ने मधुमक्खी पालन के बारे में जानकारी दी। महिला सिपाहियों ने मिशन शक्ति के बारे में महिलाओं को जागरूक किया।
मिहींपुरवा विकास खंड अंतर्गत बलई गांव भारत-नेपाल सीमा पर बसा हुआ है। गांव थारू बाहुल्य है। थारू बाहुल्य गांव में सरकारी योजनाएं पहुंचाने के लिए गुरुवार को परिचर्चा व गोष्ठी का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि लखनऊ के अपर कृषि निदेशक प्रसार आनंद त्रिपाठी व विशिष्ट अतिथि डीडी एपी श्रीवास्तव रहे। सर्वप्रथम थारू समूह की महिलाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया।
गोष्ठी में कृषि विभाग, पुलिस और महामना मदन मोहन मालवीय मिशन की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। लोगों को संबोधित करते हुए अपर कृषि निदेशक प्रसार ने कहा कि थारू समुदाय के लोग नशा छोड़ें। रोजगार से जुड़कर स्वावलंबी बनें। जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार पांडेय ने खाद-बीज व रसायन योजना के बारे में लोगों को जानकारी दी। बाराबंकी से आए मुधमक्खी पालन के विशेषज्ञ निमित सिंह ने मधुमक्खी पालन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन से वह बाराबंकी जिले में रोल मॉडल बन गए हैं। एएसपी ग्रामीण अशोक कुमार ने मिशन शक्ति के बारे में महिलाओं को संबोधित किया। थाने की महिला सिपाहियों ने आत्मरक्षा के टिप्स सुझाए। कृषि गोष्ठी में किसानों गेहूं बीज व सरसो किट वितरित किया गया। अंत में थारू महिलाओं ने हस्तनिर्मित सामान अपर कृषि निदेशक प्रसार को दिया। इस मौके पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी सदर जय कुमार सरोज, डॉ. वीपी शाही, डॉ. आनंद गोंड, थानाध्यक्ष जेएन शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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सीमा पर बसे थारू बाहुल्य गांव बलई गांव को कलस्टर योजना में शामिल करने की बात अपर कृषि निदेशक प्रसार ने कही। उन्होंने कहा कि इससे सरकार की तरफ से चलाई जा रही सभी योजनाओं का लाभ गांव के लोगों को मिलेगा।
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मिहींपुरवा विकास खंड अंतर्गत बलई गांव भारत-नेपाल सीमा पर बसा हुआ है। गांव थारू बाहुल्य है। थारू बाहुल्य गांव में सरकारी योजनाएं पहुंचाने के लिए गुरुवार को परिचर्चा व गोष्ठी का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि लखनऊ के अपर कृषि निदेशक प्रसार आनंद त्रिपाठी व विशिष्ट अतिथि डीडी एपी श्रीवास्तव रहे। सर्वप्रथम थारू समूह की महिलाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया।
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गोष्ठी में कृषि विभाग, पुलिस और महामना मदन मोहन मालवीय मिशन की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। लोगों को संबोधित करते हुए अपर कृषि निदेशक प्रसार ने कहा कि थारू समुदाय के लोग नशा छोड़ें। रोजगार से जुड़कर स्वावलंबी बनें। जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार पांडेय ने खाद-बीज व रसायन योजना के बारे में लोगों को जानकारी दी। बाराबंकी से आए मुधमक्खी पालन के विशेषज्ञ निमित सिंह ने मधुमक्खी पालन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन से वह बाराबंकी जिले में रोल मॉडल बन गए हैं। एएसपी ग्रामीण अशोक कुमार ने मिशन शक्ति के बारे में महिलाओं को संबोधित किया। थाने की महिला सिपाहियों ने आत्मरक्षा के टिप्स सुझाए। कृषि गोष्ठी में किसानों गेहूं बीज व सरसो किट वितरित किया गया। अंत में थारू महिलाओं ने हस्तनिर्मित सामान अपर कृषि निदेशक प्रसार को दिया। इस मौके पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी सदर जय कुमार सरोज, डॉ. वीपी शाही, डॉ. आनंद गोंड, थानाध्यक्ष जेएन शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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सीमा पर बसे थारू बाहुल्य गांव बलई गांव को कलस्टर योजना में शामिल करने की बात अपर कृषि निदेशक प्रसार ने कही। उन्होंने कहा कि इससे सरकार की तरफ से चलाई जा रही सभी योजनाओं का लाभ गांव के लोगों को मिलेगा।