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किसान बाजार से अन्नदाताओं के लिए खुलेगी मुनाफे की राह
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Fri, 12 Feb 2016 10:10 PM IST
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बहराइच। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को अपने बजट में बहराइच के किसानों का खास ख्याल रखा। जिले में किसान बाजार की स्थापना के लिए उन्होंने हरी झंडी दे दी है।
अब फसल बेचने के लिए किसानों को भटकना नहीं पड़ेगा। वहीं, सुगम परिवहन योजना में बहराइच मंडी को शामिल किए जाने से किसानों को खेत से मंडी तक अपनी फसल को लाने के लिए भाड़े का बोझ भी नहीं सहना पड़ेगा।
इसके अलावा प्रदेश सरकार ने वित्तविहीन विद्यालय के शिक्षकों को मानदेय का तोहफा दिया है। वहीं, मिहींपुरवा में अग्निशमन केंद्र स्थापना को भी हरी झंडी दी गई है।
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समाजवादी और वृद्धावस्था पेंशन का दायरा बढ़ने से कतार में लगे आवेदकों के भी दिन बहुरने के आसार जगे हैं। बजट के अभाव में सुस्त गति से चल रहे भारत-नेपाल सीमा सड़क मार्ग निर्माण को भी गति मिलने की उम्मीद जगी है।
लेकिन, बहराइच में मेडिकल कॉलेज निर्माण का इंतजार कर रहे लोगों को प्रदेश सरकार ने मायूस किया है। इसके लिए कोई बजट नहीं दिया गया है।
एक साल बाद मिलेगा किसान बाजार का लाभ
उपनिदेशक मंडी निर्माण खंड आरटी यादव का कहना है कि किसान बाजार के लिए अभी कुष्ठ आश्रम के पास जमीन देखी गई है। हालांकि, जमीन अभी तक विभाग को हस्तानांतरित नहीं हो सकी है।
बजट में घोषणा के बाद जमीन मिलने पर किसान बाजार के निर्माण में लगभग एक साल का समय लगेगा। उपनिदेशक का कहना है कि बहराइच मंडी को सुगम परिवहन योजना के तहत शामिल किया गया है।
इससे दूरदराज के किसानों को अपनी फसल को लाने के लिए मंडी प्रशासन वाहन की व्यवस्था कराएगा, जिससे उनका किराए पर होने वाला खर्च कम हो सकेगा।
किसान बाजार में मिलेंगी ये सुविधाएं
किसान बाजार के स्थापित होने पर यहां दुकानों का निर्माण होगा। साथ ही, किसानों के लिए पेस्टीसाइड्स और दवाओं की दुकानें खुलेंगी।
इन दुकानों का आवंटन करने के साथ ही नीलामी चबूतरे का भी निर्माण होगा, जिससे किसान अपने उत्पादों की अधिक से अधिक बोली लगाकर मुनाफा हासिल कर सकें।
एनओसी मिले तो रफ्तार पकड़े नोमेंस लैंड की समानांतर सड़क
आम बजट में शुक्रवार को भारत-नेपाल सीमा पर प्रस्तावित नोमेंस लैंड के समानांतर सड़क निर्माण को रफ्तार देने के लिए 470 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।
गौरतलब हो कि बहराइच में नेपाल की सीमा 105 किलोमीटर तक है। इस परिक्षेत्र में सड़क निर्माण की कवायद साल भर पूर्व शुरू हुई लेकिन बजट के साथ वन विभाग की एनओसी न मिलने से निर्माण कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।
एसएसबी सातवीं वाहिनी के कमांडेंट दिनेश कुमार ने बताया कि इस मामले में शासन से बजट की डिमांड की गई थी, उसी के तहत आम बजट में धन की व्यवस्था सरकार ने की है।
लेकिन वन विभाग को एनओसी की कवायद भी शुरू करनी होगी। उन्होंने कहा कि एनओसी के अभाव में बहराइच वन प्रभाग के अब्दुल्लागंज, चकिया और रुपईडीहा रेंज में सड़क का निर्माण कार्य थमा हुआ है।
अब तक पेड़ भी नहीं कट सके हैं। बता दें कि इस सड़क के निर्माण से दोनों देशों के बीच आवागमन तो सुगम होगा ही, पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
आठ लाख लोगों को अग्निशमन केंद्र का लाभ
आम बजट में मिहींपुरवा में अग्निशमन केंद्र स्थापना को हरी झंडी दी गई है। मिहींपुरवा का इलाका वनाच्छादित है। जिला मुख्यालय से दूरी लगभग 100 किलोमीटर के आसपास है।
ऐसे में आग लगने पर दमकल पहुंचने में दो से ढाई घंटे का समय लगता था। इसके चलते अग्निशमन विभाग ने छह माह पूर्व मिहींपुरवा में अग्निशमन केंद्र स्थापना का प्रस्ताव भेजा था।
अग्निशमन केंद्र के प्रभारी अधिकारी सत्यप्रकाश द्विवेदी ने बताया कि मिहींपुरवा की कुड़वा ग्राम पंचायत में अग्निशमन स्थापना के लिए 3.6 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। बजट का इंतजार है।
उन्होंने कहा कि बजट मिलते ही निर्माण शुरू होगा। क्षेत्र की लगभग आठ लाख की आबादी को केंद्र से सहायता मिल सकेगी।
1200 शिक्षकों के दिन बहुरेंगे
प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को आम बजट पेश करते हुए अशासकीय विद्यालय के शिक्षकों के मानदेय के लिए 200 करोड़ का बजट पास किया है।
गौरतलब हो कि जिले में लगभग 150 वित्तविहीन विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे ऐसे शिक्षकों की संख्या 1200 के आसपास है। उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा।
माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री डॉ. दीनबंधु शुक्ल का कहना है कि अभी तक ये शिक्षक स्कूल में आने वाली फीस पर ही निर्भर थे लेकिन मानदेय मिलने से उनके दिन बहुर सकेंगे। वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों के लिए सरकार का ये कदम बेहतर है।
22 हजार गन्ना किसानों को मिलेगी राहत
मूल्य न बढ़ने व मिल प्रबंधन के अड़ियल रवैये से परेशान गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार ने गन्ना किसानों के दर्द पर 1366 करोड़ रुपये का बजट देकर मरहम लगाने का काम किया है।
बता दें कि सिंभावली शुगर मिल चिलवरिया, आईपीएल जरवलरोड, पारलेजी परसेंडी व श्रावस्ती किसान सहकारी चीनी मिल नानपारा पर करीब डेढ़ लाख किसानों के गन्ने की पेराई का दबाव है।
अभी तक चारों मिलों ने एक अरब 47 करोड़ 78 लाख 75 हजार रुपये की कीमत का गन्ना पेरा है। 77 करोड़ 81 लाख 32 हजार रुपये किसानों का चीनी मिलों पर बकाया है।
भुगतान में सबसे फिसड्डी चिलवरिया मिल है। शुक्रवार को पेश बजट की धनराशि से सिर्फ सहकारी चीनी मिलों के किसानों को लाभ मिलने की बात विभागीय अधिकारी बता रहे हैं।
नानपारा सहकारी चीनी मिल से 22 हजार गन्ना किसान जुड़े हुए हैं। इस मिल पर किसानों का 5 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपये फंसा है।
जिला गन्ना अधिकारी राम किशन का कहना है कि सरकार की पहल से गन्ना किसानों को काफी सहूलियत मिलेगी लेकिन निजी मिलों से जुड़े गन्ना किसानों को निराशा हाथ लगी है।
पेंशन के 12500 आवेदकों का खत्म होगा इंतजार
साल भर से पेंशन पाने के लिए भटक रहे आवेदकों को बजट में लक्ष्य बढ़ाए जाने के बाद कुछ आस जगी है। बजट में समाजवादी पेंशन का दायरा बढ़ाकर 55 लाख करने और वृद्धावस्था पेंशन को 39 लाख करने का निर्णय लिया है।
इससे अधिक लोगों को पेंशन का लाभ मिल सकेगा। बहराइच में बीते साल 60 हजार और वर्तमान समय में 65 हजार 457 लोगों को समाजवादी पेंशन मिल रही है, जबकि 73 हजार 353 लोगों को वृद्धावस्था पेंशन दी जा रही है।
समाजवादी पेंशन के लिए दस हजार और वृद्धावस्था पेंशन के लिए 2500 आवेदन जमा हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी डीके सिंह का कहना है कि अभी बजट घोषित किया गया है।
बजट की घोषणा के बाद अब जिलेवार लक्ष्य मिलेगा, तभी सही स्थिति सामने आ सकेगी। फिर भी ज्यादातर लोगों को पेंशन मिल सकेगी।
कतर्नियाघाट में ग्रासलैंड होगा विकसित, सड़कें भी सुधरेंगी
मुख्यमंत्री ने पर्यटन स्थलों के लिए सड़क निर्माण में 75 करोड़ रुपये निवेश करने का बजट पेश किया है। बहराइच में कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र इको टूरिज्म पर्यटन स्थल है लेकिन यहां मिहींपुरवा से कतर्नियाघाट तक सड़क खस्ताहाल है।
अब इस सड़क निर्माण की उम्मीद जगी है। वहीं, बजट में दुधवा नेशनल पार्क के विकास के लिए 10 करोड़ का इंतजाम किया गया है।
गौरतलब हो कि कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग भी दुधवा नेशनल पार्क के अंतर्गत ही स्थित है। वन प्रभाग के डीएफओ आशीष तिवारी ने बताया कि दुधवा नेशनल पार्क को जो बजट मिला है, उसका कुछ हिस्सा कतर्निया में भी खर्च होगा।
इससे ग्रासलैंड, पुल, पुलियों की मरम्मत, सोलर लाइट, पेयजल, इको टूरिज्म के तहत थारू हट निर्माण, गेस्ट हाउस की मरम्मत के कार्य हो सकेंगे।
नेपाल सीमा पर छुट्टा जानवरों को मिलेगा आसरा
घुमंतू मवेशियों से छुटकारा पाने का उपाय न तो ग्रामीण इलाकों में है न ही शहरों में। लेकिन, जल्द ही प्रदेश सरकार घुमंतू मवेशियों को आश्रय देगी और उनके भोजन का समुचित प्रबंध भी कराएगी।
बीमार मवेशियों के उपचार की व्यवस्था मुकम्मल की जाएगी। प्रदेश सरकार ने इंडो-नेपाल सीमा से जुड़े जिलों में कान्हा पशु आश्रय के निर्माण की कवायद शुरू की है। इसके लिए 30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
इस बाबत मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. बलवंत का कहना है कि अभी शासनादेश या कोई गाइड लाइन नहीं मिली है। चूंकि नेपाल सीमा से जुड़े जनपदों में आश्रय बनाने की बात चल रही है तो बहराइच में जरूर बनेगा।
लेकिन, कहां और कितने बजट से आश्रय का निर्माण होगा, यह स्पष्ट नहीं है। इतना जरूर है है आश्रयों में मवेशियों को रखने के लिए बाड़े बनेंगे।
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अब फसल बेचने के लिए किसानों को भटकना नहीं पड़ेगा। वहीं, सुगम परिवहन योजना में बहराइच मंडी को शामिल किए जाने से किसानों को खेत से मंडी तक अपनी फसल को लाने के लिए भाड़े का बोझ भी नहीं सहना पड़ेगा।
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इसके अलावा प्रदेश सरकार ने वित्तविहीन विद्यालय के शिक्षकों को मानदेय का तोहफा दिया है। वहीं, मिहींपुरवा में अग्निशमन केंद्र स्थापना को भी हरी झंडी दी गई है।
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लेकिन, बहराइच में मेडिकल कॉलेज निर्माण का इंतजार कर रहे लोगों को प्रदेश सरकार ने मायूस किया है। इसके लिए कोई बजट नहीं दिया गया है।
एक साल बाद मिलेगा किसान बाजार का लाभ
उपनिदेशक मंडी निर्माण खंड आरटी यादव का कहना है कि किसान बाजार के लिए अभी कुष्ठ आश्रम के पास जमीन देखी गई है। हालांकि, जमीन अभी तक विभाग को हस्तानांतरित नहीं हो सकी है।
बजट में घोषणा के बाद जमीन मिलने पर किसान बाजार के निर्माण में लगभग एक साल का समय लगेगा। उपनिदेशक का कहना है कि बहराइच मंडी को सुगम परिवहन योजना के तहत शामिल किया गया है।
इससे दूरदराज के किसानों को अपनी फसल को लाने के लिए मंडी प्रशासन वाहन की व्यवस्था कराएगा, जिससे उनका किराए पर होने वाला खर्च कम हो सकेगा।
किसान बाजार में मिलेंगी ये सुविधाएं
किसान बाजार के स्थापित होने पर यहां दुकानों का निर्माण होगा। साथ ही, किसानों के लिए पेस्टीसाइड्स और दवाओं की दुकानें खुलेंगी।
इन दुकानों का आवंटन करने के साथ ही नीलामी चबूतरे का भी निर्माण होगा, जिससे किसान अपने उत्पादों की अधिक से अधिक बोली लगाकर मुनाफा हासिल कर सकें।
एनओसी मिले तो रफ्तार पकड़े नोमेंस लैंड की समानांतर सड़क
आम बजट में शुक्रवार को भारत-नेपाल सीमा पर प्रस्तावित नोमेंस लैंड के समानांतर सड़क निर्माण को रफ्तार देने के लिए 470 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।
गौरतलब हो कि बहराइच में नेपाल की सीमा 105 किलोमीटर तक है। इस परिक्षेत्र में सड़क निर्माण की कवायद साल भर पूर्व शुरू हुई लेकिन बजट के साथ वन विभाग की एनओसी न मिलने से निर्माण कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।
एसएसबी सातवीं वाहिनी के कमांडेंट दिनेश कुमार ने बताया कि इस मामले में शासन से बजट की डिमांड की गई थी, उसी के तहत आम बजट में धन की व्यवस्था सरकार ने की है।
लेकिन वन विभाग को एनओसी की कवायद भी शुरू करनी होगी। उन्होंने कहा कि एनओसी के अभाव में बहराइच वन प्रभाग के अब्दुल्लागंज, चकिया और रुपईडीहा रेंज में सड़क का निर्माण कार्य थमा हुआ है।
अब तक पेड़ भी नहीं कट सके हैं। बता दें कि इस सड़क के निर्माण से दोनों देशों के बीच आवागमन तो सुगम होगा ही, पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
आठ लाख लोगों को अग्निशमन केंद्र का लाभ
आम बजट में मिहींपुरवा में अग्निशमन केंद्र स्थापना को हरी झंडी दी गई है। मिहींपुरवा का इलाका वनाच्छादित है। जिला मुख्यालय से दूरी लगभग 100 किलोमीटर के आसपास है।
ऐसे में आग लगने पर दमकल पहुंचने में दो से ढाई घंटे का समय लगता था। इसके चलते अग्निशमन विभाग ने छह माह पूर्व मिहींपुरवा में अग्निशमन केंद्र स्थापना का प्रस्ताव भेजा था।
अग्निशमन केंद्र के प्रभारी अधिकारी सत्यप्रकाश द्विवेदी ने बताया कि मिहींपुरवा की कुड़वा ग्राम पंचायत में अग्निशमन स्थापना के लिए 3.6 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। बजट का इंतजार है।
उन्होंने कहा कि बजट मिलते ही निर्माण शुरू होगा। क्षेत्र की लगभग आठ लाख की आबादी को केंद्र से सहायता मिल सकेगी।
1200 शिक्षकों के दिन बहुरेंगे
प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को आम बजट पेश करते हुए अशासकीय विद्यालय के शिक्षकों के मानदेय के लिए 200 करोड़ का बजट पास किया है।
गौरतलब हो कि जिले में लगभग 150 वित्तविहीन विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे ऐसे शिक्षकों की संख्या 1200 के आसपास है। उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा।
माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री डॉ. दीनबंधु शुक्ल का कहना है कि अभी तक ये शिक्षक स्कूल में आने वाली फीस पर ही निर्भर थे लेकिन मानदेय मिलने से उनके दिन बहुर सकेंगे। वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों के लिए सरकार का ये कदम बेहतर है।
22 हजार गन्ना किसानों को मिलेगी राहत
मूल्य न बढ़ने व मिल प्रबंधन के अड़ियल रवैये से परेशान गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार ने गन्ना किसानों के दर्द पर 1366 करोड़ रुपये का बजट देकर मरहम लगाने का काम किया है।
बता दें कि सिंभावली शुगर मिल चिलवरिया, आईपीएल जरवलरोड, पारलेजी परसेंडी व श्रावस्ती किसान सहकारी चीनी मिल नानपारा पर करीब डेढ़ लाख किसानों के गन्ने की पेराई का दबाव है।
अभी तक चारों मिलों ने एक अरब 47 करोड़ 78 लाख 75 हजार रुपये की कीमत का गन्ना पेरा है। 77 करोड़ 81 लाख 32 हजार रुपये किसानों का चीनी मिलों पर बकाया है।
भुगतान में सबसे फिसड्डी चिलवरिया मिल है। शुक्रवार को पेश बजट की धनराशि से सिर्फ सहकारी चीनी मिलों के किसानों को लाभ मिलने की बात विभागीय अधिकारी बता रहे हैं।
नानपारा सहकारी चीनी मिल से 22 हजार गन्ना किसान जुड़े हुए हैं। इस मिल पर किसानों का 5 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपये फंसा है।
जिला गन्ना अधिकारी राम किशन का कहना है कि सरकार की पहल से गन्ना किसानों को काफी सहूलियत मिलेगी लेकिन निजी मिलों से जुड़े गन्ना किसानों को निराशा हाथ लगी है।
पेंशन के 12500 आवेदकों का खत्म होगा इंतजार
साल भर से पेंशन पाने के लिए भटक रहे आवेदकों को बजट में लक्ष्य बढ़ाए जाने के बाद कुछ आस जगी है। बजट में समाजवादी पेंशन का दायरा बढ़ाकर 55 लाख करने और वृद्धावस्था पेंशन को 39 लाख करने का निर्णय लिया है।
इससे अधिक लोगों को पेंशन का लाभ मिल सकेगा। बहराइच में बीते साल 60 हजार और वर्तमान समय में 65 हजार 457 लोगों को समाजवादी पेंशन मिल रही है, जबकि 73 हजार 353 लोगों को वृद्धावस्था पेंशन दी जा रही है।
समाजवादी पेंशन के लिए दस हजार और वृद्धावस्था पेंशन के लिए 2500 आवेदन जमा हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी डीके सिंह का कहना है कि अभी बजट घोषित किया गया है।
बजट की घोषणा के बाद अब जिलेवार लक्ष्य मिलेगा, तभी सही स्थिति सामने आ सकेगी। फिर भी ज्यादातर लोगों को पेंशन मिल सकेगी।
कतर्नियाघाट में ग्रासलैंड होगा विकसित, सड़कें भी सुधरेंगी
मुख्यमंत्री ने पर्यटन स्थलों के लिए सड़क निर्माण में 75 करोड़ रुपये निवेश करने का बजट पेश किया है। बहराइच में कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र इको टूरिज्म पर्यटन स्थल है लेकिन यहां मिहींपुरवा से कतर्नियाघाट तक सड़क खस्ताहाल है।
अब इस सड़क निर्माण की उम्मीद जगी है। वहीं, बजट में दुधवा नेशनल पार्क के विकास के लिए 10 करोड़ का इंतजाम किया गया है।
गौरतलब हो कि कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग भी दुधवा नेशनल पार्क के अंतर्गत ही स्थित है। वन प्रभाग के डीएफओ आशीष तिवारी ने बताया कि दुधवा नेशनल पार्क को जो बजट मिला है, उसका कुछ हिस्सा कतर्निया में भी खर्च होगा।
इससे ग्रासलैंड, पुल, पुलियों की मरम्मत, सोलर लाइट, पेयजल, इको टूरिज्म के तहत थारू हट निर्माण, गेस्ट हाउस की मरम्मत के कार्य हो सकेंगे।
नेपाल सीमा पर छुट्टा जानवरों को मिलेगा आसरा
घुमंतू मवेशियों से छुटकारा पाने का उपाय न तो ग्रामीण इलाकों में है न ही शहरों में। लेकिन, जल्द ही प्रदेश सरकार घुमंतू मवेशियों को आश्रय देगी और उनके भोजन का समुचित प्रबंध भी कराएगी।
बीमार मवेशियों के उपचार की व्यवस्था मुकम्मल की जाएगी। प्रदेश सरकार ने इंडो-नेपाल सीमा से जुड़े जिलों में कान्हा पशु आश्रय के निर्माण की कवायद शुरू की है। इसके लिए 30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
इस बाबत मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. बलवंत का कहना है कि अभी शासनादेश या कोई गाइड लाइन नहीं मिली है। चूंकि नेपाल सीमा से जुड़े जनपदों में आश्रय बनाने की बात चल रही है तो बहराइच में जरूर बनेगा।
लेकिन, कहां और कितने बजट से आश्रय का निर्माण होगा, यह स्पष्ट नहीं है। इतना जरूर है है आश्रयों में मवेशियों को रखने के लिए बाड़े बनेंगे।