फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   katarniya ghat forest will open today

कतर्निया के वेटलैंड्स की सुरम्यता पर्यटकों को करेगी आकर्षित

Thu, 14 Nov 2019 10:54 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 14 Nov 2019 10:54 PM IST
विज्ञापन
katarniya ghat forest will open today
बहराइच। कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार आज से पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। कतर्नियाघाट में स्थित वेटैंड्स की सुरम्यता पर्यटकों को काफी आकर्षित करेगी। वर्तमान समय में कतर्निया में 23 प्राकृतिक वेटलैंड्स हैं। जिनमें दुर्लभ वन्यजीवों की चहलकदमी की पूरी संभावना है। इसे देखते हुए वन विभाग द्वारा वेटलैंड की सफाई के साथ ही सिल्ट निकालने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन

कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग का क्षेत्रफल करीब 551 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। कतर्निया में कतर्नियाघाट, निशानगाड़ा, धर्मापुर, मुर्तिहा, सुजौली, ककरहा और मोतीपुर रेंज शामिल हैं। जंगल के इन रेंज में करीब 23 प्राकृतिक वेटलैंड स्थापित हैं। जिसमें नदी, नाले, जलाशय और ददली भूमि भी शामिल है।
विज्ञापन

कतर्नियाघाट में स्थित वेटलैंड की सुरम्यता को और अधिक बढ़ाने की दिशा में वन विभाग द्वारा काम शुरू कर दिया गया है। कतर्नियाघाट का सबसे बड़ा वेटलैंड महादेवा ताल है। यह करीब 400 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। महादेवा ताल जंगल के बीच स्थित तटबंध के किनारे है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे में पर्यटन के लिए खोले जाने पर इस तालाब के निकट टाइगर और लेपर्ड के विचरण की अधिक संभावना रहती है। इसी तरह पुठी ताल, भगहर ताल, पुरैना, धोबनिया ताल, मछली ताल, चफराताल, बभनियावां फाटा 20 से 30 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले हुए हैं।
वहीं मोतीपुर का बबई नाला 10 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। यह वेटलैंड वन्यजीवों के विश्रामस्थल के साथ ही प्राकृतिवास के रूप में देखे जाते हैं। वन विभाग की ओर से इन सभी वेटलैंड्स की सफाई का काम तेजी से किया जा रहा है।
बनाए गए 50 कृत्रिम वाटर होल्स
उप प्रभागीय वनाधिकारी यशवंत सिंह ने बताया कि कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार के वेटलैंड पूरे क्षेत्रफल का करीब साढ़े नौ प्रतिशत हैं। इसके अलावा वन्यजीवों के संरक्षण के लिए 50 कृत्रिम वाटर होल्स भी बनाए गए हैं। जिनसे वन्यजीवों को पानी पीने की समस्या से न जूझना न पड़े।
31 मार्च तक रहेगी पर्यटन की सुविधा
प्रभागीय वनाधिकारी जीपी सिंह ने बताया कि 15 नवंबर से कतर्नियाघाट को पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। इसके बाद 31 मार्च तक पर्यटन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। भ्रमण के लिए भी समय निर्धारित किया गया है। सुबह सात बजे से 10 बजे और दोपहर तीन बजे से सूर्यास्त तक लोग जंगल का भ्रमण कर सकेंगे।

मुस्तैद रहेंगे वनकर्मी
डीएफओ ने बताया कि कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार में वनकर्मियों को असलहों के साथ तैनात किया गया है। यहां पर वनकर्मी 315 बोर रायफल और 12 बोर बंदूक के साथ जगह-जगह मुस्तैद रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed