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Bahraich News: धू-धू कर जला जलनिगम दफ्तर, दस्तावेज राख
Thu, 09 Mar 2023 11:09 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Thu, 09 Mar 2023 11:09 PM IST
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बहराइच। होलिका दहन के दिन मंगलवार को डीएम आवास के बगल स्थित जलनिगम कार्यालय के गोदाम में अज्ञात कारणों से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। सूचना मिलते ही मौके पर नगर कोतवाली पुलिस व चंद कदम की दूरी पर स्थित फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंची और आग बुझाने लगीं। लेकिन कुछ ही देर में आग ने पूरे जलनिगम कार्यालय को अपने आगोश में ले लिया। सूचना पर डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे और हाथों में माइक लेकर मोर्चा संभाला। लगभग दो घंटे के बाद आग पर काबू पाया जा सका। लेकिन जब तक आग पर काबू पाया जाता पूरा कार्यालय व गोदाम जलकर राख हो गया। आग से लाखों के नुकसान हुआ और जरूरी कागजात जल कर राख हो गए। डीएम ने संदिग्धावस्था में लगी आग पर मजिस्ट्रेटी जांच बिठाई है।
जल निगम कार्यालय के गोदाम में मंगलवार की दोपहर अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। कार्यालय के बाहर से गुजर रहे राहगीरों ने जब कार्यालय से धुआं उठता देखा तो इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना पर तत्काल नगर कोतवाल शैलेश सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और मोर्चा संभाला। वहीं आग की सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई। लेकिन तब तक आग ने पूरी तरह से जलनिगम के गोदाम को अपने आगोश में ले लिया और आसमान में धुएं का गुबार छाया रहा। कार्यालय के बाहर सड़क पर अफरातफरी मच गयी। यातायात पुलिस ने मार्ग पर आवागमन रोक दिया। कुछ देर बाद की डीएम डॉ. दिनेश चन्द्र व एसपी प्रशांत वर्मा भी मौके पर पहुंचे और आग पर नियंत्रण की जिम्मेदारी संभाली। लगातार प्रयास व दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत कर लगभग दो घंटे बाद आग पर काबू पाया।
गोदाम में रखे पाइपों व अन्य सामानों में लगी आग देखते ही देखते रौद्र रूप ले लिया और हवाओं ने उसे कार्यालय परिसर में भी धकेल दिया। थोड़ी ही देर में कार्यालय परिसर से भी आग की तेज लपटें निकलने लगी। यह देख अधिकारियों व पुलिस कर्मियों के पसीने छूट गए। आग पर काबू करने के लिए तत्काल मौके पर बुलडोजर बुलाया गया और जलनिगम कार्यालय की दीवारों को तोड़ा गया। इसके बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया।भीषण आग के चलते मौके पर अफरातफरी का माहौल रहा। हर अधिकारी व कर्मचारी आग पर जल्द से जल्द काबू पाने की जुगत में लगा था। डीएम व एसपी जहां माइक से सभी को निर्देशित कर रहे थे तो वहीं वहीं नगर कोतवाल शैलेश सिंह भी आग बुझाने के लिए इधर उधर दौड़ रहे थे। इसी दौरान उनका बैलेंस बिगड़ गया और वे गिर गए जिससे उनके हाथ में गहरी चोट आई। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने उनके हाथ में टांके लगाए।
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जलनिगम कर्मचारियों को बैठने के भी लाले जलनिगम कार्यालय पूरी तरह से लगभग नष्ट हो गया है। आलम यह है, कि कार्यालय में कर्मचारियों के बैठने तक की जगह नहीं है। ऐसे में होली की छुट्टियो के बाद जलनिगम का कार्य भी बाधित हो सकता है। हालांकि जल निगम एक्सईएन राकेश सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों को पूरे प्रकरण से अवगत करवाया गया है। उनके निर्देशानुसान काम-काज के लिए स्थान का चयन किया जाएगा।
पूरे प्रकरण की जांच के लिए सिटी मजिस्ट्रेट को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। जलनिगम एक्सईएन की ओर से एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है।
डॉ. दिनेश चन्द्र, डीएम
गोदाम में रखे पाइप व कार्यालय का फर्नीचर, प्रपत्र पूरी तरह नष्ट हो गया है। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। कई लाख या फिर करोड़ों में नुकसान हो सकता है। बहुत बड़ी क्षति हुई है।
राकेश कुमार, एक्सईएन जलनिगम
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जल निगम कार्यालय के गोदाम में मंगलवार की दोपहर अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। कार्यालय के बाहर से गुजर रहे राहगीरों ने जब कार्यालय से धुआं उठता देखा तो इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना पर तत्काल नगर कोतवाल शैलेश सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और मोर्चा संभाला। वहीं आग की सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई। लेकिन तब तक आग ने पूरी तरह से जलनिगम के गोदाम को अपने आगोश में ले लिया और आसमान में धुएं का गुबार छाया रहा। कार्यालय के बाहर सड़क पर अफरातफरी मच गयी। यातायात पुलिस ने मार्ग पर आवागमन रोक दिया। कुछ देर बाद की डीएम डॉ. दिनेश चन्द्र व एसपी प्रशांत वर्मा भी मौके पर पहुंचे और आग पर नियंत्रण की जिम्मेदारी संभाली। लगातार प्रयास व दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत कर लगभग दो घंटे बाद आग पर काबू पाया।
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गोदाम में रखे पाइपों व अन्य सामानों में लगी आग देखते ही देखते रौद्र रूप ले लिया और हवाओं ने उसे कार्यालय परिसर में भी धकेल दिया। थोड़ी ही देर में कार्यालय परिसर से भी आग की तेज लपटें निकलने लगी। यह देख अधिकारियों व पुलिस कर्मियों के पसीने छूट गए। आग पर काबू करने के लिए तत्काल मौके पर बुलडोजर बुलाया गया और जलनिगम कार्यालय की दीवारों को तोड़ा गया। इसके बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया।भीषण आग के चलते मौके पर अफरातफरी का माहौल रहा। हर अधिकारी व कर्मचारी आग पर जल्द से जल्द काबू पाने की जुगत में लगा था। डीएम व एसपी जहां माइक से सभी को निर्देशित कर रहे थे तो वहीं वहीं नगर कोतवाल शैलेश सिंह भी आग बुझाने के लिए इधर उधर दौड़ रहे थे। इसी दौरान उनका बैलेंस बिगड़ गया और वे गिर गए जिससे उनके हाथ में गहरी चोट आई। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने उनके हाथ में टांके लगाए।
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जलनिगम कर्मचारियों को बैठने के भी लाले जलनिगम कार्यालय पूरी तरह से लगभग नष्ट हो गया है। आलम यह है, कि कार्यालय में कर्मचारियों के बैठने तक की जगह नहीं है। ऐसे में होली की छुट्टियो के बाद जलनिगम का कार्य भी बाधित हो सकता है। हालांकि जल निगम एक्सईएन राकेश सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों को पूरे प्रकरण से अवगत करवाया गया है। उनके निर्देशानुसान काम-काज के लिए स्थान का चयन किया जाएगा।
पूरे प्रकरण की जांच के लिए सिटी मजिस्ट्रेट को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। जलनिगम एक्सईएन की ओर से एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है।
डॉ. दिनेश चन्द्र, डीएम
गोदाम में रखे पाइप व कार्यालय का फर्नीचर, प्रपत्र पूरी तरह नष्ट हो गया है। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। कई लाख या फिर करोड़ों में नुकसान हो सकता है। बहुत बड़ी क्षति हुई है।
राकेश कुमार, एक्सईएन जलनिगम