{"_id":"cd2a551809765346eea026d7990ccba4","slug":"inaugration-of-lok-adalat-bhawan-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुलह-समझौता से वादों का निस्तारण ही देश की परंपरा : जस्टिस राकेश ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुलह-समझौता से वादों का निस्तारण ही देश की परंपरा : जस्टिस राकेश
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Sat, 27 Feb 2016 09:40 PM IST
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बहराइच। दीवानी कचहरी के पास नव निर्मित स्थायी लोक अदालत भवन का उद्घाटन शनिवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना के साथ हुआ। मुख्य अतिथि इलाहाबाद के वरिष्ठ न्यायामूर्ति राकेश तिवारी रहे।
इस मौके पर उन्होंने सुलह समझौता के आधार पर वादों का निस्तारण करने पर बल दिया। बोले कि देश की परंपरा रही है, जहां तक हो सके, सुलह-समझौता से मामले निपटाना चाहिए।
अभी तक लोक अदालतों का आयोजन दीवानी कचहरी परिसर में होता था लेकिन हाल ही में शासन ने स्थायी भवन निर्माण को हरी झंडी दी थी।
उसी के तहत दीवानी कचहरी के पास 97.25 लाख रुपये की लागत से स्थायी लोक अदालत भवन निर्मित हुआ है। शनिवार को उद्घाटन समारोह में पहुंचे इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायामूर्ति राकेश तिवारी ने कहा कि सुलह-समझौता के तहत प्राप्त होने वाला न्याय स्थायी होता है।
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इसमें किसी भी पक्ष की हार नहीं होती है। उन्होंने कहा कि एक स्थान पर स्थायी लोक अदालत लगने से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और भी बेहतर ढंग से आमजन को लाभ पहुंचा सकेगा, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
जनपद न्यायाधीश विजय कुमार शर्मा ने कहा कि मार्च में भवन का हस्तांतरण होना था लेकिन न्यायमूर्ति के प्रयास से समय से पूर्व ही भवन के हस्तांतरण का कार्य पूरा हो गया।
डीएम अभय ने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर होने से न्यायिक कार्यों को सम्पादित करने में आसानी होगी, जिसका प्रत्यक्ष लाभ वादकारी जनता को होगा। कार्यक्रम का संचालन अपर जिला जज नरेंद्र कुमार ने किया।
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इस मौके पर उन्होंने सुलह समझौता के आधार पर वादों का निस्तारण करने पर बल दिया। बोले कि देश की परंपरा रही है, जहां तक हो सके, सुलह-समझौता से मामले निपटाना चाहिए।
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अभी तक लोक अदालतों का आयोजन दीवानी कचहरी परिसर में होता था लेकिन हाल ही में शासन ने स्थायी भवन निर्माण को हरी झंडी दी थी।
उसी के तहत दीवानी कचहरी के पास 97.25 लाख रुपये की लागत से स्थायी लोक अदालत भवन निर्मित हुआ है। शनिवार को उद्घाटन समारोह में पहुंचे इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायामूर्ति राकेश तिवारी ने कहा कि सुलह-समझौता के तहत प्राप्त होने वाला न्याय स्थायी होता है।
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इसमें किसी भी पक्ष की हार नहीं होती है। उन्होंने कहा कि एक स्थान पर स्थायी लोक अदालत लगने से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और भी बेहतर ढंग से आमजन को लाभ पहुंचा सकेगा, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
जनपद न्यायाधीश विजय कुमार शर्मा ने कहा कि मार्च में भवन का हस्तांतरण होना था लेकिन न्यायमूर्ति के प्रयास से समय से पूर्व ही भवन के हस्तांतरण का कार्य पूरा हो गया।
डीएम अभय ने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर होने से न्यायिक कार्यों को सम्पादित करने में आसानी होगी, जिसका प्रत्यक्ष लाभ वादकारी जनता को होगा। कार्यक्रम का संचालन अपर जिला जज नरेंद्र कुमार ने किया।