{"_id":"683f68ff5147061cc3009e45","slug":"in-gadamaar-kala-a-child-sleeping-with-his-mother-was-killed-by-a-wolf-bahraich-news-c-98-1-slko1011-131661-2025-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: गदामार कला में मां के साथ सो रहे बच्चे को भेड़िये ने मार डाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: गदामार कला में मां के साथ सो रहे बच्चे को भेड़िये ने मार डाला
Wed, 04 Jun 2025 02:58 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Wed, 04 Jun 2025 02:58 AM IST
विज्ञापन
हरदी क्षेत्र के गदामार कला में भेड़िये के हमले में बालक की मौत के बाद ड्रोन से की जा रही निगरान
तेजवापुर/खैरीघाट (बहराइच)। गदामार कला के मजरा गढ़ीपुरवा में सोमवार रात मां के साथ सो रहे मासूम आयुष (02) को भेड़िया उठा ले गया। मंगलवार सुबह आयुष का क्षत विक्षत शव गन्ने के खेत से मिला। डीएफओ अजीत प्रताप सिंह व थाना प्रभारी संजय सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया।
आयुष की मां खुशबू ने बिलखते हुए बताया कि रात में आयुष को अपने आंचल के नीचे सुलाया था। रात में जब भेड़िये ने आयुष की गर्दन दबोच कर खींचा तो उसकी नींद खुल गई। शोर मचाते हुए भेड़िये का पीछा किया।
खुशबू की चीख सुन घर के अन्य परिजन भी जाग गए और शोर मचाते हुए भेड़िये के पीछे दौड़े। लेकिन भेड़िया अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों में भाग निकला। परिजनों ने तत्काल घटना की सूचना वन विभाग व पुलिस को दी।
विज्ञापन
माैके पर पहुंची हरदी थाने की पुलिस के साथ रातभर ग्रामीण व परिजन खेतों में आयुष की तलाश करते रहे, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। मंगलवार सुबह लगभग पांच बजे मासूम का शव गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर गन्ने के खेत में पड़ा मिला। मासूम के दोनों हाथ व एक पैर गायब था। वहीं खेत में पगचिह्न मिले। शव देख परिजन समेत पूरे गांव के लोग बिलख पड़े। आयुष फखरपुर क्षेत्र के कोठवल कला का रहने वाला था। वह मां के साथ अपने नाना के घर हरदी क्षेत्र की ग्राम पंचायत गदामार कला के मजरा गढ़ीपुरवा आया था। सोमवार रात आंगन में मां के साथ ही सो रहा था।
गांव के पास मिली चार मांद, भेड़िया होने का दावा
मासूम आयुष की मौत के बाद गांव के पास चार मांद मिली हैं। इसे ग्रामीण भेड़िये की मांद बता रहे हैं। वहीं घटना के बाद से ग्रामीण हाथोंं में लाठी लेकर घरों से बाहर निकल रहे हैं।
संदिग्ध जानवर के मिले पगचिह्न, सात टीमें गठित : डीएफओ
डीएफओ अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि टीम के साथ मौके की जांच की है। टीम के साथ आसपास सर्च ऑपरेशन चलाया है और बारीकी से अध्ययन किया गया है। शव के पास संदिग्ध जानवर के पगचिह्न मिले हैं। जो शव से खेत की ओर जाते हैं। पगचिह्न प्रथमदृष्टया सियार के लग रहे हैं। थर्मल ड्रोन कैमरे की मदद से तलाश की गई है, जिसमें दो सियार ट्रेस हुए हैं। ग्रामीणों को जागरूक करने व सर्च ऑपरेशन के लिए सात टीमें गठित की गई हैं। ग्रामीणों को रात के समय सावधान रहने और खास कर बच्चोंं को खुले में न सुलाने की अपील की है।
मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने किया निरीक्षण
ग्राम पंचायत गदामार कला में बालक के मौत की सूचना पर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक रेणु सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने डीएफओ अजीत प्रताप सिंह से घटना से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने हमलावर जानवर को चिह्नित कर जल्द पकड़ने, महसी में पूर्व में हुई घटनाओं के समानता की जांच करने के लिए निर्देशित किया। साथ ही गांव में जाल, पिंजरा व ड्रोन कैमरा तैनात करने को कहा।
विधायक ने परिजनों से की बात
मासूम पर भेड़िये के हमले की सूचना पर विधायक सुरेश्वर सिंह कार्यकर्ताओंं के साथ गांव पहुंचे और मृतक के परिजनों से बातचीत की। साथ ही उन्होंंने घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वन विभाग व पुलिसकर्मियों को सघन अभियान चलाकर संदिग्ध जानवर को पकड़ने के लिए निर्देशत किया। विधायक ने कहा कि हम विगत वर्ष के इतिहास को दोहराने नहीं देंगे। इसके लिए प्रमुख सचिव वन, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री से बात की गई है। गैर जिम्मेदार डीएफओ को तत्काल हटाने व भेड़िये को रोकने का उपाय करने को कहा गया है।
विज्ञापन
आयुष की मां खुशबू ने बिलखते हुए बताया कि रात में आयुष को अपने आंचल के नीचे सुलाया था। रात में जब भेड़िये ने आयुष की गर्दन दबोच कर खींचा तो उसकी नींद खुल गई। शोर मचाते हुए भेड़िये का पीछा किया।
विज्ञापन
खुशबू की चीख सुन घर के अन्य परिजन भी जाग गए और शोर मचाते हुए भेड़िये के पीछे दौड़े। लेकिन भेड़िया अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों में भाग निकला। परिजनों ने तत्काल घटना की सूचना वन विभाग व पुलिस को दी।
विज्ञापन
माैके पर पहुंची हरदी थाने की पुलिस के साथ रातभर ग्रामीण व परिजन खेतों में आयुष की तलाश करते रहे, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। मंगलवार सुबह लगभग पांच बजे मासूम का शव गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर गन्ने के खेत में पड़ा मिला। मासूम के दोनों हाथ व एक पैर गायब था। वहीं खेत में पगचिह्न मिले। शव देख परिजन समेत पूरे गांव के लोग बिलख पड़े। आयुष फखरपुर क्षेत्र के कोठवल कला का रहने वाला था। वह मां के साथ अपने नाना के घर हरदी क्षेत्र की ग्राम पंचायत गदामार कला के मजरा गढ़ीपुरवा आया था। सोमवार रात आंगन में मां के साथ ही सो रहा था।
गांव के पास मिली चार मांद, भेड़िया होने का दावा
मासूम आयुष की मौत के बाद गांव के पास चार मांद मिली हैं। इसे ग्रामीण भेड़िये की मांद बता रहे हैं। वहीं घटना के बाद से ग्रामीण हाथोंं में लाठी लेकर घरों से बाहर निकल रहे हैं।
संदिग्ध जानवर के मिले पगचिह्न, सात टीमें गठित : डीएफओ
डीएफओ अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि टीम के साथ मौके की जांच की है। टीम के साथ आसपास सर्च ऑपरेशन चलाया है और बारीकी से अध्ययन किया गया है। शव के पास संदिग्ध जानवर के पगचिह्न मिले हैं। जो शव से खेत की ओर जाते हैं। पगचिह्न प्रथमदृष्टया सियार के लग रहे हैं। थर्मल ड्रोन कैमरे की मदद से तलाश की गई है, जिसमें दो सियार ट्रेस हुए हैं। ग्रामीणों को जागरूक करने व सर्च ऑपरेशन के लिए सात टीमें गठित की गई हैं। ग्रामीणों को रात के समय सावधान रहने और खास कर बच्चोंं को खुले में न सुलाने की अपील की है।
मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने किया निरीक्षण
ग्राम पंचायत गदामार कला में बालक के मौत की सूचना पर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक रेणु सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने डीएफओ अजीत प्रताप सिंह से घटना से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने हमलावर जानवर को चिह्नित कर जल्द पकड़ने, महसी में पूर्व में हुई घटनाओं के समानता की जांच करने के लिए निर्देशित किया। साथ ही गांव में जाल, पिंजरा व ड्रोन कैमरा तैनात करने को कहा।
विधायक ने परिजनों से की बात
मासूम पर भेड़िये के हमले की सूचना पर विधायक सुरेश्वर सिंह कार्यकर्ताओंं के साथ गांव पहुंचे और मृतक के परिजनों से बातचीत की। साथ ही उन्होंंने घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वन विभाग व पुलिसकर्मियों को सघन अभियान चलाकर संदिग्ध जानवर को पकड़ने के लिए निर्देशत किया। विधायक ने कहा कि हम विगत वर्ष के इतिहास को दोहराने नहीं देंगे। इसके लिए प्रमुख सचिव वन, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री से बात की गई है। गैर जिम्मेदार डीएफओ को तत्काल हटाने व भेड़िये को रोकने का उपाय करने को कहा गया है।

हरदी क्षेत्र के गदामार कला में भेड़िये के हमले में बालक की मौत के बाद ड्रोन से की जा रही निगरान