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बुखार व बर्थ एक्सफिक्सिया से तीन रोगियों की मौत
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बहराइच। जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में शनिवार देर रात से रविवार दोपहर तक तीन मासूमों की इलाज के दौरान मौत हो गई। इनमें से एक बुखार व दो बर्थ एक्सफिक्सिया से पीड़ित थे। विभिन्न बीमारियों से ग्रसित 20 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें से चार की हालत गंभीर बतायी जा रही है।
तराई में पड़ रही भीषण गर्मी से मासूमों की मौत का सिलसिला बढ़ने लगा है। प्रतिदिन इलाज के दौरान कोई न कोई रोगी दम तोड़ रहा है। जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में बौंडी थाना क्षेत्र के कोदही गांव निवासी लक्ष्मी (एक माह) पुत्री अजय कुमार को तेज बुखार की शिकायत पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। शनिवार देर रात इलाज के दौरान लक्ष्मी की मौत हो गई।
रिसिया के हुदगवा निवासी शंकर की पत्नी रजनी ने बेटी को जन्म दिया। जन्म के कुछ देर बाद ही उसकी हालत बिगड़ गई। इस पर उसे पीआईसीयू में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान नवजात की सांस थम गई। सीतापुर जिले के बिसवां पिपरी निवासी सावित्री (4 दिन) पुत्री पुत्तीलाल की भी रविवार दोपहर बाद मौत हो गई।
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परिवारीजन रोते-बिलखते शव लेकर घर चले गए। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने बताया कि दो नवजातों की मौत बर्थ एक्सफिक्सिया से हुई है। बदल रहे मौसम में परिवारीजन बच्चों का विशेष ख्याल रखें। उधर बुखार व अन्य संक्रामक बीमारियों से पीड़ित 20 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें से चार की हालत गंभीर होने पर उन्हें पीआईसीयू वार्ड में शिफ्ट किया गया है।
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तराई में पड़ रही भीषण गर्मी से मासूमों की मौत का सिलसिला बढ़ने लगा है। प्रतिदिन इलाज के दौरान कोई न कोई रोगी दम तोड़ रहा है। जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में बौंडी थाना क्षेत्र के कोदही गांव निवासी लक्ष्मी (एक माह) पुत्री अजय कुमार को तेज बुखार की शिकायत पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। शनिवार देर रात इलाज के दौरान लक्ष्मी की मौत हो गई।
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रिसिया के हुदगवा निवासी शंकर की पत्नी रजनी ने बेटी को जन्म दिया। जन्म के कुछ देर बाद ही उसकी हालत बिगड़ गई। इस पर उसे पीआईसीयू में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान नवजात की सांस थम गई। सीतापुर जिले के बिसवां पिपरी निवासी सावित्री (4 दिन) पुत्री पुत्तीलाल की भी रविवार दोपहर बाद मौत हो गई।
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परिवारीजन रोते-बिलखते शव लेकर घर चले गए। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने बताया कि दो नवजातों की मौत बर्थ एक्सफिक्सिया से हुई है। बदल रहे मौसम में परिवारीजन बच्चों का विशेष ख्याल रखें। उधर बुखार व अन्य संक्रामक बीमारियों से पीड़ित 20 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें से चार की हालत गंभीर होने पर उन्हें पीआईसीयू वार्ड में शिफ्ट किया गया है।