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झमाझम हुई बरसात, किसानों के चेहरे खिले
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बहराइच। तराई में मानसून ने दस्तक दे दी है। पहली मानसूनी बारिश ने किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ा दी। किसान धान की नर्सरी तैयार करने में जुट गए हैं तो वहीं जगह-जगह पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ। विद्युत आपूर्ति भी ठप रही।
शहर और ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में जलभराव के कारण लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। घरों में पानी घुसने से लोग परेशान दिखे। पालिका प्रशासन की ओर से बारिश से पहले सफाई को लेकर किए गए दावे पूरी तरह फेल नजर आए। विद्युत आपूर्ति भी दोपहर बाद ही बहाल हो सकी।
तराई में भीषण गर्मी के चलते लोग बेहाल चल रहे थे। किसान भी आसमान की ओर टकटकी लगाए मानसून का इंतजार कर रहे थे। सुबह चार बजे के करीब झमाझम बारिश की शुरुआत हो गई। इससे किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई।
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किसान सुबह से ही धान की फसल के लिए खेत तैयार करने में जुट गए। उधर तराई में हुई पहली मानसूनी बारिश ने ही पालिका प्रशासन की ओर से किए जा रहे सफाई व्यवस्था के दावे को फेल साबित कर दिया।
बहराइच शहर के मोहल्ला ब्राह्मणीपुरा, बड़ीहाट, पीपल तिराहा, खत्रीपुरा, सिविल लाइंस, डीएम तिराहा समेत अन्य इलाकों में जलभराव की स्थिति रही। लोगों को घुटनों तक पानी से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ा।
नौवागढ़ी इलाके में घरों में पानी भर गया। रिसिया के इंदिरा नगर इलाके में रेलवे क्रॉसिंग से थाने की ओर जाने वाले मार्ग पर भी जलभराव की स्थिति रही। इसके अलावा नानपारा नगर, रुपईडीहा बाजार, जरवल कस्बा, मिहींपुरवा आदि इलाकों में भी मुख्य मार्गों पर जलभराव नजर आया।
उप कृषि निदेशक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि खरीफ में बहराइच जनपद में 2.55 लाख हेक्टेयर फसल की बोआई का लक्ष्य रखा गया है। खरीफ की मुख्य फसल धान की नर्सरी के लिए यह बारिश काफी अच्छी रही है। किसान खेतों में नर्सरी लगाने का काम तत्काल शुरू कर दें। इसके लिए उनके पास करीब 15 दिन का समय भी है।
तराई की पहली मानसूनी बरसात ने पावर कार्पोरेशन की ओर से बिजली आपूर्ति की व्यवस्था को धराशायी कर दिया। बारिश शुरू होते ही जगह-जगह तार टूट गए जिससे पूरे जिले की विद्युत आपूर्ति सुबह से ही ठप कर दी गई।
फाल्ट दुरुस्त करने के बाद शहर की बिजली व्यवस्था दोपहर बाद दुरुस्त कर दी गई। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की बिजली समाचार लिखने तक बहाल नहीं हो सकी।
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शहर और ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में जलभराव के कारण लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। घरों में पानी घुसने से लोग परेशान दिखे। पालिका प्रशासन की ओर से बारिश से पहले सफाई को लेकर किए गए दावे पूरी तरह फेल नजर आए। विद्युत आपूर्ति भी दोपहर बाद ही बहाल हो सकी।
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तराई में भीषण गर्मी के चलते लोग बेहाल चल रहे थे। किसान भी आसमान की ओर टकटकी लगाए मानसून का इंतजार कर रहे थे। सुबह चार बजे के करीब झमाझम बारिश की शुरुआत हो गई। इससे किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई।
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किसान सुबह से ही धान की फसल के लिए खेत तैयार करने में जुट गए। उधर तराई में हुई पहली मानसूनी बारिश ने ही पालिका प्रशासन की ओर से किए जा रहे सफाई व्यवस्था के दावे को फेल साबित कर दिया।
बहराइच शहर के मोहल्ला ब्राह्मणीपुरा, बड़ीहाट, पीपल तिराहा, खत्रीपुरा, सिविल लाइंस, डीएम तिराहा समेत अन्य इलाकों में जलभराव की स्थिति रही। लोगों को घुटनों तक पानी से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ा।
नौवागढ़ी इलाके में घरों में पानी भर गया। रिसिया के इंदिरा नगर इलाके में रेलवे क्रॉसिंग से थाने की ओर जाने वाले मार्ग पर भी जलभराव की स्थिति रही। इसके अलावा नानपारा नगर, रुपईडीहा बाजार, जरवल कस्बा, मिहींपुरवा आदि इलाकों में भी मुख्य मार्गों पर जलभराव नजर आया।
उप कृषि निदेशक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि खरीफ में बहराइच जनपद में 2.55 लाख हेक्टेयर फसल की बोआई का लक्ष्य रखा गया है। खरीफ की मुख्य फसल धान की नर्सरी के लिए यह बारिश काफी अच्छी रही है। किसान खेतों में नर्सरी लगाने का काम तत्काल शुरू कर दें। इसके लिए उनके पास करीब 15 दिन का समय भी है।
तराई की पहली मानसूनी बरसात ने पावर कार्पोरेशन की ओर से बिजली आपूर्ति की व्यवस्था को धराशायी कर दिया। बारिश शुरू होते ही जगह-जगह तार टूट गए जिससे पूरे जिले की विद्युत आपूर्ति सुबह से ही ठप कर दी गई।
फाल्ट दुरुस्त करने के बाद शहर की बिजली व्यवस्था दोपहर बाद दुरुस्त कर दी गई। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की बिजली समाचार लिखने तक बहाल नहीं हो सकी।