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Bahraich News: एनआरएचएम घोटाले में जांच की आंच पूर्व विधायक के परिवार तक पहुंची
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पयागपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाले में गिरफ्तार पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव के बाद अब जांच की आंच उनके परिवार तक पहुंचती दिखाई दे रही है। बृहस्पतिवार को अयोध्या विजिलेंस की छह सदस्यीय टीम पूर्व विधायक के भाई एवं पयागपुर नगर पंचायत अध्यक्ष बालेंद्र श्रीवास्तव विपिन की तलाश में पयागपुर पहुंची। वह न तो अपने आवास पर और न ही नगर पंचायत कार्यालय में मिले।
सूत्रों के अनुसार सबसे पहले विजिलेंस टीम बहराइच-लखनऊ मार्ग स्थित मुकेश श्रीवास्तव के आवास पर पहुंची। वहां केवल घरेलू कर्मचारी मिले। कर्मचारियों ने टीम को बताया कि परिवार के सदस्य इन दिनों लखनऊ में रह रहे हैं। इसके बाद विजिलेंस टीम पयागपुर नगर पंचायत कार्यालय पहुंची और अध्यक्ष बालेंद्र श्रीवास्तव के संबंध में जानकारी ली।
कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ के दौरान टीम ने बालेंद्र श्रीवास्तव का मोबाइल नंबर लेकर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनका फोन लगातार स्विच ऑफ मिला। नगर पंचायत कार्यालय में विजिलेंस टीम के पहुंचने से कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति रही।
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कार्यालय के लिपिक सत्यपाल यादव ने बताया कि अयोध्या से आई विजिलेंस टीम नगर पंचायत अध्यक्ष के बारे में पूछताछ कर रही थी। उनके कहने पर मोबाइल नंबर मिलाया गया, लेकिन चेयरमैन का फोन बंद मिला। इसके बाद टीम वापस लौट गई।
गौरतलब है कि एनआरएचएम घोटाले की जांच के दौरान विजिलेंस ने 10 जून को पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव को लखनऊ के वेब मॉल से गिरफ्तार किया था। इसके बाद से जांच एजेंसियां उनसे जुड़े विभिन्न ठिकानों और करीबी लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही हैं। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को हुई कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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सूत्रों के अनुसार सबसे पहले विजिलेंस टीम बहराइच-लखनऊ मार्ग स्थित मुकेश श्रीवास्तव के आवास पर पहुंची। वहां केवल घरेलू कर्मचारी मिले। कर्मचारियों ने टीम को बताया कि परिवार के सदस्य इन दिनों लखनऊ में रह रहे हैं। इसके बाद विजिलेंस टीम पयागपुर नगर पंचायत कार्यालय पहुंची और अध्यक्ष बालेंद्र श्रीवास्तव के संबंध में जानकारी ली।
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कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ के दौरान टीम ने बालेंद्र श्रीवास्तव का मोबाइल नंबर लेकर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनका फोन लगातार स्विच ऑफ मिला। नगर पंचायत कार्यालय में विजिलेंस टीम के पहुंचने से कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति रही।
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कार्यालय के लिपिक सत्यपाल यादव ने बताया कि अयोध्या से आई विजिलेंस टीम नगर पंचायत अध्यक्ष के बारे में पूछताछ कर रही थी। उनके कहने पर मोबाइल नंबर मिलाया गया, लेकिन चेयरमैन का फोन बंद मिला। इसके बाद टीम वापस लौट गई।
गौरतलब है कि एनआरएचएम घोटाले की जांच के दौरान विजिलेंस ने 10 जून को पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव को लखनऊ के वेब मॉल से गिरफ्तार किया था। इसके बाद से जांच एजेंसियां उनसे जुड़े विभिन्न ठिकानों और करीबी लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही हैं। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को हुई कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।