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जिंदा को मृत दिखा हड़पी जमीन

Fri, 22 Apr 2022 11:24 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 22 Apr 2022 11:24 PM IST
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Grab land showing dead to alive
बहराइच। पयागपुर तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार के खुलासे प्रतिदिन हो रहे हैं। ताजा मामला ग्राम सभा सरसा का है, जहां एक जीवित व्यक्ति को मृतक घोषित कर उसकी जमीन दूसरे के नाम खतौनी में दर्ज करा दी गई। जबसे उस व्यक्ति को अपनी जमीन की स्थिति का पता चला तबसे घर के लोग परेशान हैं।
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ग्रामसभा सरसा मजरा रेवली के रहने वाले रामदुलारे पुत्र सत्यनाराण एवं अन्य के नाम खाता संख्या 00914 में 0.3390 एवं 0.0500 हेक्टेयर भूमि दर्ज थी। परिवार के लोग खेती कर इसी से गुजरबसर करते थे। जनवरी महीने में उन्हें पता चला कि उनकी जमीन दूसरे के नाम दर्ज हो गई है। रामदुलारे ने जब प्रकरण की तस्दीक कराई तो पता चला कि कागजों में उनकी मौत हो चुकी है। अब उनकी जमीन उनके गांव रेवली से तीन किलोमीटर दूर स्थित लहरौरा के पांच लोगों के नाम दर्ज है। इतना सुनते ही परिवार में सन्नाटा पसर गया। पहले से गरीबी से तंग परिवार आहत होकर इधर-उधर अधिकारियों के पास न्याय पाने के लिए गणेश परिक्रमा करने लगा।
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रामदुलारे ने बताया कि दो नवंबर 2021 को उनकी जमीन लहरौरा के लोगों के नाम दर्ज हुई। उनके द्वारा दिखाई गई खतौनी के अनुसार खाता संख्या 00914, 02 नवंबर 2021 को मृतक रामदुलारे पुत्र सत्यनारायण के स्थान पर विशेष कुमार व विनोद कुमार व नरेंद्र कुमार पुत्रगण रामकरन व वैभव व शुभम पुत्रगण नीरज कुमार निवासी लहरौरा का नाम बतौर वारिस दर्ज हो गया। एक अन्य वाद के अनुसार राजस्व निरीक्षक पयागपुर द्वारा दिनांक 05 मार्च 2022 को आदेश हुआ कि खाता संख्या 914 पर दर्ज खातेदार शिवप्रसाद पुत्र सत्यनारायण के स्थान पर शिवशंकर पुत्र सत्यनारायण दर्ज हो गया। इस प्रकरण पर जब तत्कालीन लेखपाल किरन यादव से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि यह गलती से हो गया है। इसमें संशोधन होगा। अब सवाल यह उठता है कि यदि लेखपाल से गलती हुई है तो कानूनगो क्या कर रहे थे। उन्होंने मामले की बारीकी सी जांच क्यों नहीं की।
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अफसरों से बताऊंगा पीड़ा
मुझे कागजों में मृतक दिखा दिया गया, जबकि मैं जिंदा हूं और लखनऊ ऐशबाग स्थित एक ट्रांसपोर्ट में मजदूरी का काम करता हूं। 12 अप्रैल को तहसील जाऊंगा और अफसरों से अपनी पीड़ा बताकर नाम में संशोधन कराऊंगा। -रामदुलारे, सरसा

दोषी मिलने पर लेखपाल पर होगी कार्रवाई
पूरा प्रकरण संज्ञान में नहीं है। एक दिन तहसीलदार ने प्रकरण के प्रति अवगत जरूर कराया था। तत्काल संशोधन के लिए निर्देश दिया गया है। लेखपाल का दोष पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई होगी। -दिनेश कुमार, उपजिलाधिकारी, पयागपुर
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