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गुरु की महिमा का गुणगान कर छका लंगर
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 25 Nov 2015 10:17 PM IST
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बहराइच। गुरुनानक जयंती का पर्व बुधवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गुरुद्वारे में सजी गुरुग्रंथ साहिब की दीवान पर श्रद्धालुओं ने मत्था टेककर मन्नतें की।
रागी जत्थे ने शबद कीर्तन किया, जिसे सुनकर लोग निहाल हुए। फिर, अटूट लंगर में हजारों लोगों ने प्रसाद छका। इस मौके पर गुरुद्वारा प्रबंध समिति के पदाधिकारी व सेवादारों को सम्मानित किया गया।
वहीं, रात के 12 बजते ही आतिशबाजी से शहर जगमग हो गया। लोगों ने एक दूसरे को गले लगकर गुरु पर्व की बधाइयां दीं।
शहर के पीपल तिराहे के पास बड़ा गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में एक माह से चल रहे अखंड पाठ का गुरुवार सुबह समापन हुआ। इसके बाद हुजूरी रागी जत्थे ने कीर्तन दरबार में गुरु की महिमा का गुणगान किया।
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दिल्ली से आए ज्ञानी संत सिंह के रागी जत्थे ने शबद गायन ‘मिटी धुंध, जग चानन होया, जिऊ कर सूरज निकलया...‘सुनी पुकार दातारि मोहि जग याहि पठाया..., ‘ऐसे गुरु को बल-बल जाइए, आप मुक्त मोहितारौ’ समेत अन्य कीर्तन सुनाकर लोगों को निहाल कर दिया।
गुरुद्वारे में सजी गुरु ग्रंथ साहब की झांकी आकर्षण चुराती रही। दीवान में अरदास लगाने के लिए सिख श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं।
गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह काले और महामंत्री सरदार परमजीत सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा गौरा धनौली, मेहरपुरवा, डिहवा, गौरा पिपरा, सियापुरवा समेत विभिन्न गुरुद्वारों के पदाधिकारियों और सेवादारों को सरोपा प्रदान कर सम्मानित किया गया।
दोपहर में शुरू हुआ अटूट लंगर का दौर रात जारी रहा। शाम सात बजे पुन: कीर्तन दरबार लगा। गुरुवाणी, शबद कीर्तन और विचार कार्यक्रम हुआ। लोगों ने एक-दूसरे को गुरुनानक जयंती की बधाई दी।
कार्यक्रम में सरदार देवेंद्र सिंह, सरदार मंजीत सिंह, कुलदीप सिंह, बलवीर सिंह, दर्शन सिंह, सरदार योगेंद्र सिंह, त्रिलोक, सर्वजीत, गुरुदेव सिंह, इंद्रजीत, राजविंदर कौर, परमजीत कौर, कुलदीप कौर समेत काफी संख्या में सिख समुदाय के लोग मौजूद रहे।
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रागी जत्थे ने शबद कीर्तन किया, जिसे सुनकर लोग निहाल हुए। फिर, अटूट लंगर में हजारों लोगों ने प्रसाद छका। इस मौके पर गुरुद्वारा प्रबंध समिति के पदाधिकारी व सेवादारों को सम्मानित किया गया।
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वहीं, रात के 12 बजते ही आतिशबाजी से शहर जगमग हो गया। लोगों ने एक दूसरे को गले लगकर गुरु पर्व की बधाइयां दीं।
शहर के पीपल तिराहे के पास बड़ा गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में एक माह से चल रहे अखंड पाठ का गुरुवार सुबह समापन हुआ। इसके बाद हुजूरी रागी जत्थे ने कीर्तन दरबार में गुरु की महिमा का गुणगान किया।
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दिल्ली से आए ज्ञानी संत सिंह के रागी जत्थे ने शबद गायन ‘मिटी धुंध, जग चानन होया, जिऊ कर सूरज निकलया...‘सुनी पुकार दातारि मोहि जग याहि पठाया..., ‘ऐसे गुरु को बल-बल जाइए, आप मुक्त मोहितारौ’ समेत अन्य कीर्तन सुनाकर लोगों को निहाल कर दिया।
गुरुद्वारे में सजी गुरु ग्रंथ साहब की झांकी आकर्षण चुराती रही। दीवान में अरदास लगाने के लिए सिख श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं।
गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह काले और महामंत्री सरदार परमजीत सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा गौरा धनौली, मेहरपुरवा, डिहवा, गौरा पिपरा, सियापुरवा समेत विभिन्न गुरुद्वारों के पदाधिकारियों और सेवादारों को सरोपा प्रदान कर सम्मानित किया गया।
दोपहर में शुरू हुआ अटूट लंगर का दौर रात जारी रहा। शाम सात बजे पुन: कीर्तन दरबार लगा। गुरुवाणी, शबद कीर्तन और विचार कार्यक्रम हुआ। लोगों ने एक-दूसरे को गुरुनानक जयंती की बधाई दी।
कार्यक्रम में सरदार देवेंद्र सिंह, सरदार मंजीत सिंह, कुलदीप सिंह, बलवीर सिंह, दर्शन सिंह, सरदार योगेंद्र सिंह, त्रिलोक, सर्वजीत, गुरुदेव सिंह, इंद्रजीत, राजविंदर कौर, परमजीत कौर, कुलदीप कौर समेत काफी संख्या में सिख समुदाय के लोग मौजूद रहे।