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Bahraich News: 40 से 48 फीसदी तक घट सकता है मालभाड़ा
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रुपईडीहा। नेपालगंज रोड रेलवे स्टेशन से बड़ी रेल लाइन पर ट्रेन का संचालन शुरू होने के साथ सीमावर्ती व्यापारियों की उम्मीदें अब माल ढुलाई पर टिक गई हैं। कारोबारियों का कहना है कि यदि इस रेलखंड से मालगाड़ियों का संचालन शुरू होता है तो सड़क मार्ग से होने वाली ढुलाई के मुकाबले मालभाड़े में करीब 40 से 48 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। इससे नेपाल के साथ कारोबार करने वाले व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी और माल की परिवहन लागत घटने से कारोबार को विस्तार देने का रास्ता खुल सकता है।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल की रुपईडीहा इकाई के अध्यक्ष शैलेश जायसवाल और व्यापारी नेता रतन अग्रवाल ने कहा कि नेपालगंज रोड से बड़ी रेल लाइन पर यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू होना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस रेल नेटवर्क का इस्तेमाल माल परिवहन के लिए भी किया जाता है तो इसका सीधा लाभ सीमावर्ती कारोबार को मिलेगा।
उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र में कारोबार का एक बड़ा हिस्सा परिवहन लागत से प्रभावित होता है। सड़क मार्ग से माल की ढुलाई में ट्रक के किराये के साथ ईंधन, दूरी और अन्य परिवहन खर्च जुड़ते हैं। कोषाध्यक्ष बलराम मिश्रा के मुताबिक, रेल से माल ढुलाई शुरू होने पर मालभाड़े में लगभग 40 से 48 प्रतिशत तक कमी आने की उम्मीद है। इससे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। कम परिवहन लागत का लाभ कारोबारियों के साथ उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकता है और नेपाल को निर्यात किए जाने वाले भारतीय सामान की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ सकती है।
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नेपाल को निर्यात होने वाले माल को मिल सकता है फायदा
रुपईडीहा भारत-नेपाल सीमा पर महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है। यहां से नेपाल को विभिन्न प्रकार की वस्तुओं की आपूर्ति होती है। व्यापारियों का कहना है कि यदि माल को रेल के माध्यम से बड़े पैमाने पर और कम लागत में आगे भेजने की सुविधा मिलती है तो नेपाल को होने वाले निर्यात में भी वृद्धि की संभावना बनेगी। माल परिवहन की लागत कम होने पर भारतीय उत्पाद नेपाल के बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकते हैं। इससे व्यापार का दायरा बढ़ने के साथ सरकार को भी निर्यात से जुड़े राजस्व और आर्थिक गतिविधियों में लाभ मिलने की उम्मीद है।
ट्रक के साथ रेल का विकल्प मिला तो घटेगा दबाव
अभी सीमावर्ती कारोबार में माल की आवाजाही के लिए सड़क परिवहन की महत्वपूर्ण भूमिका है। व्यापारियों के सामने ट्रक उपलब्धता, परिवहन लागत और लंबी दूरी की ढुलाई जैसी चुनौतियां रहती हैं। ऐसे में रेलवे का विकल्प मिलने पर व्यापारी अपनी जरूरत के अनुसार सड़क और रेल दोनों माध्यमों का इस्तेमाल कर सकेंगे।
रुपईडीहा में माल टर्मिनल की मांग को मिल सकती है ताकत
व्यापारियों का मानना है कि यदि रेल के जरिये माल परिवहन की योजना बनाई जाती है तो रुपईडीहा और नेपालगंज रोड क्षेत्र में माल लोडिंग-अनलोडिंग, भंडारण और अन्य लॉजिस्टिक सुविधाओं का विकास भी जरूरी होगा। इससे सीमा क्षेत्र को एक बड़े व्यापारिक और लॉजिस्टिक केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावना बढ़ेगी। रेल से माल ढुलाई शुरू होने के बाद ट्रांसपोर्ट, गोदाम, पैकेजिंग, लोडिंग-अनलोडिंग और अन्य सहायक कारोबारों में भी गतिविधियां बढ़ेंगी।
व्यापारियों का दावा
40–48 प्रतिशत तक मालभाड़ा घटने की उम्मीद
कम लागत से नेपाल को निर्यात में बढ़ोतरी की संभावना
रेल व सड़क दोनों विकल्प मिलने से कारोबारियों को सुविधा
माल टर्मिनल विकसित होने पर बढ़ सकता है रुपईडीहा का लॉजिस्टिक महत्व
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उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल की रुपईडीहा इकाई के अध्यक्ष शैलेश जायसवाल और व्यापारी नेता रतन अग्रवाल ने कहा कि नेपालगंज रोड से बड़ी रेल लाइन पर यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू होना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस रेल नेटवर्क का इस्तेमाल माल परिवहन के लिए भी किया जाता है तो इसका सीधा लाभ सीमावर्ती कारोबार को मिलेगा।
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उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र में कारोबार का एक बड़ा हिस्सा परिवहन लागत से प्रभावित होता है। सड़क मार्ग से माल की ढुलाई में ट्रक के किराये के साथ ईंधन, दूरी और अन्य परिवहन खर्च जुड़ते हैं। कोषाध्यक्ष बलराम मिश्रा के मुताबिक, रेल से माल ढुलाई शुरू होने पर मालभाड़े में लगभग 40 से 48 प्रतिशत तक कमी आने की उम्मीद है। इससे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। कम परिवहन लागत का लाभ कारोबारियों के साथ उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकता है और नेपाल को निर्यात किए जाने वाले भारतीय सामान की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ सकती है।
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नेपाल को निर्यात होने वाले माल को मिल सकता है फायदा
रुपईडीहा भारत-नेपाल सीमा पर महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है। यहां से नेपाल को विभिन्न प्रकार की वस्तुओं की आपूर्ति होती है। व्यापारियों का कहना है कि यदि माल को रेल के माध्यम से बड़े पैमाने पर और कम लागत में आगे भेजने की सुविधा मिलती है तो नेपाल को होने वाले निर्यात में भी वृद्धि की संभावना बनेगी। माल परिवहन की लागत कम होने पर भारतीय उत्पाद नेपाल के बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकते हैं। इससे व्यापार का दायरा बढ़ने के साथ सरकार को भी निर्यात से जुड़े राजस्व और आर्थिक गतिविधियों में लाभ मिलने की उम्मीद है।
ट्रक के साथ रेल का विकल्प मिला तो घटेगा दबाव
अभी सीमावर्ती कारोबार में माल की आवाजाही के लिए सड़क परिवहन की महत्वपूर्ण भूमिका है। व्यापारियों के सामने ट्रक उपलब्धता, परिवहन लागत और लंबी दूरी की ढुलाई जैसी चुनौतियां रहती हैं। ऐसे में रेलवे का विकल्प मिलने पर व्यापारी अपनी जरूरत के अनुसार सड़क और रेल दोनों माध्यमों का इस्तेमाल कर सकेंगे।
रुपईडीहा में माल टर्मिनल की मांग को मिल सकती है ताकत
व्यापारियों का मानना है कि यदि रेल के जरिये माल परिवहन की योजना बनाई जाती है तो रुपईडीहा और नेपालगंज रोड क्षेत्र में माल लोडिंग-अनलोडिंग, भंडारण और अन्य लॉजिस्टिक सुविधाओं का विकास भी जरूरी होगा। इससे सीमा क्षेत्र को एक बड़े व्यापारिक और लॉजिस्टिक केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावना बढ़ेगी। रेल से माल ढुलाई शुरू होने के बाद ट्रांसपोर्ट, गोदाम, पैकेजिंग, लोडिंग-अनलोडिंग और अन्य सहायक कारोबारों में भी गतिविधियां बढ़ेंगी।
व्यापारियों का दावा
40–48 प्रतिशत तक मालभाड़ा घटने की उम्मीद
कम लागत से नेपाल को निर्यात में बढ़ोतरी की संभावना
रेल व सड़क दोनों विकल्प मिलने से कारोबारियों को सुविधा
माल टर्मिनल विकसित होने पर बढ़ सकता है रुपईडीहा का लॉजिस्टिक महत्व