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Bahraich News: हत्या के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा
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बहराइच। करीब 25 वर्ष पुराने बहुचर्चित हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी-द्वितीय) अनिल कुमार-बारह की अदालत ने चार अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को 27 हजार रुपये का अर्थदंड भी दिया है। अर्थदंड की राशि न जमा करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, थाना पयागपुर के झाला तरहर गांव के रहने वाले रामसुरेश ने 13 सितंबर 2001 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका भाई गोलीराम चार माह पहले हत्या के मुकदमे में जेल गया था और घटना से करीब 15 दिन पहले जमानत पर छूटकर घर आया था। घटना वाले दिन गोलीराम शौच के लिए खेत की ओर गए थे। वहां से लौटते समय गांव के बाहर रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने लाठी और भाला से उन पर हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल गोलीराम की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।
पुलिस ने विवेचना के बाद 27 सितंबर 2001 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी-द्वितीय) अनिल कुमार-बारह ने बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए पयागपुर थाना के झालातरहर गांव निवासी रामकिशुन, राजेंद्र, लफडू और बलदेव को हत्या का दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को आजीवन सश्रम कारावास एवं 27 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना जमा न करने पर सभी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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एक अभियुक्त की मुकदमे के दौरान हो चुकी है मौत
झाला तरहर गांव निवासी राम सुरेश ने अपने भाई गोलीराम की हत्या के मामले में गांव के ही निवासी महादेव, रामकिशुन, राजेंद्र, लफडू और बलदेव को नामजद किया था, लेकिन मुकदमे के दौरान महादेव की मौत हो गई। ऐसे में शेष चार अभियुक्तों को बुधवार को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
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अभियोजन के अनुसार, थाना पयागपुर के झाला तरहर गांव के रहने वाले रामसुरेश ने 13 सितंबर 2001 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका भाई गोलीराम चार माह पहले हत्या के मुकदमे में जेल गया था और घटना से करीब 15 दिन पहले जमानत पर छूटकर घर आया था। घटना वाले दिन गोलीराम शौच के लिए खेत की ओर गए थे। वहां से लौटते समय गांव के बाहर रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने लाठी और भाला से उन पर हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल गोलीराम की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।
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पुलिस ने विवेचना के बाद 27 सितंबर 2001 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी-द्वितीय) अनिल कुमार-बारह ने बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए पयागपुर थाना के झालातरहर गांव निवासी रामकिशुन, राजेंद्र, लफडू और बलदेव को हत्या का दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को आजीवन सश्रम कारावास एवं 27 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना जमा न करने पर सभी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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एक अभियुक्त की मुकदमे के दौरान हो चुकी है मौत
झाला तरहर गांव निवासी राम सुरेश ने अपने भाई गोलीराम की हत्या के मामले में गांव के ही निवासी महादेव, रामकिशुन, राजेंद्र, लफडू और बलदेव को नामजद किया था, लेकिन मुकदमे के दौरान महादेव की मौत हो गई। ऐसे में शेष चार अभियुक्तों को बुधवार को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।