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Bahraich News: फर्जी वसीयत से जमीन हड़पने में फंसा पूर्व प्रधान, केस दर्ज
Mon, 26 Jun 2023 11:13 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Mon, 26 Jun 2023 11:13 PM IST
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बहराइच। तीन पुत्रियां जीवित होने के बावजूद खातेदार को मृतक दर्शाकर फर्जी वसीयत से लाखों कीमत की जमीन हड़पने के मामले में एक पूर्व प्रधान पर शिकंजा कसा है। इस मामले में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने पूर्व प्रधान खादिम समेत एक अन्य आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पूरा मामला थाना बौंडी अन्तर्गत ग्राम मुरौव्वा का है। गांव निवासी रशीद के कोई पुत्र नहीं था। उसकी तीन पुत्रियां सूगी, मल्हू व शकीना थी। मां के बाद पिता रशीद की मृत्यु भी वर्ष 2008 में हो गई थी। मृतक रशीद के नाम काश्तकारी खाता संख्या 1037 में 12 बीघे कृषि योग्य जमीन थी। तीनों बहनों की शादी हो गई थी।
मृत्यु से पहले पिता के चलने फिरने में असमर्थ होने का फायदा उठाते हुए ग्राम मुरौव्वा के पूर्व प्रधान खादिम ने कूट रचित दस्तावेज तैयार कर रशीद को मृतक दिखाकर सीओ चकबंदी न्यायालय पर वाद दायर कर दिया और चकबंदी न्यायालय को गुमराह कर फर्जी साक्ष्य व गवाह पेश करते हुए कूटरचित दस्तावेज से वर्ष 1997 में 12 बीघा जमीन अपने नाम करवा ली। जबकि रशीद की मौत साल 2008 में हुई थी।
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तहसील प्रशासन द्वारा 2007 में इसी 12 बीघे फसल के नुकसान का मुआवजा 1925 रुपये भी चेक से रशीद को मिला था। इस पर रशीद ने 26 नवम्बर 2007 को बैंक शाखा हरदी में 100 रूपये जमा कर खाता संख्या 2603 खुलवाया था। इससे साफ था कि रशीद की मृत्यु वर्ष 1997 में नहीं हुई थी।
इसके बावजूद पूर्व प्रधान ने फर्जी तरीके से रशीद को मृतक दिखाकर उसकी 12 बीघा जमीन अपने नाम करा ली। मृतका की पुत्री व पीड़िता शकीना ने मामले की जानकारी के बाद जब चकबंदी अभिलेखों का मुआयना करवाया तो इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
शिकायत के बाद भी पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने न्यायालय का सहारा लेते हुए केस दर्ज कराने को अर्जी दाखिल की। इस पर एसीजेएम न्यायालय ने थाना बौंडी को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। इसी का अनुपालन करते हुए पुलिस ने पूर्व प्रधान खादिम व रमजान निवासी मुरौव्वा के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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पूरा मामला थाना बौंडी अन्तर्गत ग्राम मुरौव्वा का है। गांव निवासी रशीद के कोई पुत्र नहीं था। उसकी तीन पुत्रियां सूगी, मल्हू व शकीना थी। मां के बाद पिता रशीद की मृत्यु भी वर्ष 2008 में हो गई थी। मृतक रशीद के नाम काश्तकारी खाता संख्या 1037 में 12 बीघे कृषि योग्य जमीन थी। तीनों बहनों की शादी हो गई थी।
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मृत्यु से पहले पिता के चलने फिरने में असमर्थ होने का फायदा उठाते हुए ग्राम मुरौव्वा के पूर्व प्रधान खादिम ने कूट रचित दस्तावेज तैयार कर रशीद को मृतक दिखाकर सीओ चकबंदी न्यायालय पर वाद दायर कर दिया और चकबंदी न्यायालय को गुमराह कर फर्जी साक्ष्य व गवाह पेश करते हुए कूटरचित दस्तावेज से वर्ष 1997 में 12 बीघा जमीन अपने नाम करवा ली। जबकि रशीद की मौत साल 2008 में हुई थी।
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तहसील प्रशासन द्वारा 2007 में इसी 12 बीघे फसल के नुकसान का मुआवजा 1925 रुपये भी चेक से रशीद को मिला था। इस पर रशीद ने 26 नवम्बर 2007 को बैंक शाखा हरदी में 100 रूपये जमा कर खाता संख्या 2603 खुलवाया था। इससे साफ था कि रशीद की मृत्यु वर्ष 1997 में नहीं हुई थी।
इसके बावजूद पूर्व प्रधान ने फर्जी तरीके से रशीद को मृतक दिखाकर उसकी 12 बीघा जमीन अपने नाम करा ली। मृतका की पुत्री व पीड़िता शकीना ने मामले की जानकारी के बाद जब चकबंदी अभिलेखों का मुआयना करवाया तो इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
शिकायत के बाद भी पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने न्यायालय का सहारा लेते हुए केस दर्ज कराने को अर्जी दाखिल की। इस पर एसीजेएम न्यायालय ने थाना बौंडी को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। इसी का अनुपालन करते हुए पुलिस ने पूर्व प्रधान खादिम व रमजान निवासी मुरौव्वा के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।