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पंजीरी प्रसाद खाने से महिलाओं और बच्चों समेत 40 बीमार
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कैसरगंज/फखरपुर। ग्राम पंचायत इटहुवा के मझरा झोपड़वा में रविवार शाम एक ग्रामीण के घर पूजन और कथा का आयोजन हुआ। देर रात प्रसाद में पंजीरी बंटी लेकिन पंजीरी खाते ही लोगों को चक्कर, उल्टी-दस्त और बुखार की शिकायत शुरू हो गई। एक-एक कर 40 लोग बीमार हो गए। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे। इससे कोहराम मच गया। रात में ही चार एंबुलेंस के साथ चिकित्सकों की टीम ने गांव पहुंचकर इलाज शुरू किया।
28 गंभीर रोगियों को सीएचसी में भर्ती कराया गया, तब स्थिति काबू में हुई। भोर में सभी को वापस घर भेज दिया गया। अभी भी छह लोगों की हालत नाजुक बताई जा रही है। चिकित्सक फूड प्वॉइजनिंग का मामला बता रहे हैं। विकास खंड कैसरगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत इटहुवा के मजरा झोपड़वा निवासी पाटनदीन पुत्र राधेश्याम के घर रविवार शाम सत्यनरायन कथा का आयोजन था।
देर रात कथा समाप्त होने के बाद प्रसाद में पंजीरी का वितरण हुआ। गांव के सभी परिवारों के लोग मौके पर मौजूद रहे। सभी ने प्रसाद लिया लेकिन पंजीरी का प्रसाद खाते ही लोगों को चक्कर, उल्टी-दस्त और बुखार की शिकायत शुरू हो गई। एक-एक कर 40 लोग बीमार हो गए। घरों में कोहराम मच गया। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामू सिंह को सूचना मिली तो वह मौके पर पहुंचे।
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उन्होंने तत्काल मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश सिंह व सीएचसी अधीक्षक डॉ. एनके सिंह को मामले से अवगत कराया। इस पर देर रात डॉ. एनके सिंह की अगुवाई में चिकित्सकों की टीम चार एंबुलेंस के साथ गांव पहुंची।
मौके पर ही सभी का इलाज शुरू हुआ। पीड़ित हरिओम (6), वंदना (8), सरिता (7), सोनम (6), सत्यम (10), शिवम (4), माधव (30), अर्जुन (8), मोहित (9), मनीष (3), गुलाबा (80), शुभम (10), मोहिनी (7), चांदनी (4), प्रियांशी (11), महिमा (3), रवि (2), ऋषु (5), विकास (12), आकाश (3), मालती (35), चंदर (45), मोहित (5), आरती (9), सतीश (4), बच्ची (75), मुकेश (4), कृष्णा (3), लज्जावती (45), जानकी (21), अमित (5), रामू (55) व लखपता (50) की हालत गंभीर देखकर उन्हें रात में ही एंबुलेंस से सीएचसी पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया।
भोर में सभी की तबियत दुरुस्त होने पर घर भेजवाया गया। हालांकि अभी भी घर पर मौजूद हरिओम (6), शिवम (4), बच्ची (75) और मोहित (5) की हालत नाजुक बताई जा रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश सिंह ने बताया कि डॉ. विनोद कुमार के नेतृत्व में चिकित्सीय टीम गांव में कैंप कर रही है। निरंतर सभी का इलाज किया जा रहा है। खानपान में एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
सीएचसी कैसरगंज के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. एनके सिंह ने बताया कि प्रसाद की पंजीरी खाने वाले सभी लोग फूड प्वॉइजनिंग के शिकार हुए थे। लग रहा है पंजीरी में फंगल इंफेक्शन की स्थिति थी जिससे प्वाइजनिंग की हालत बनी। जांच की जा रही है। कुछ ग्रामीणों के घर पंजीरी का प्रसाद मिला है। उसे सील कर जांच के लिए प्रयोगशाला लखनऊ भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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28 गंभीर रोगियों को सीएचसी में भर्ती कराया गया, तब स्थिति काबू में हुई। भोर में सभी को वापस घर भेज दिया गया। अभी भी छह लोगों की हालत नाजुक बताई जा रही है। चिकित्सक फूड प्वॉइजनिंग का मामला बता रहे हैं। विकास खंड कैसरगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत इटहुवा के मजरा झोपड़वा निवासी पाटनदीन पुत्र राधेश्याम के घर रविवार शाम सत्यनरायन कथा का आयोजन था।
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देर रात कथा समाप्त होने के बाद प्रसाद में पंजीरी का वितरण हुआ। गांव के सभी परिवारों के लोग मौके पर मौजूद रहे। सभी ने प्रसाद लिया लेकिन पंजीरी का प्रसाद खाते ही लोगों को चक्कर, उल्टी-दस्त और बुखार की शिकायत शुरू हो गई। एक-एक कर 40 लोग बीमार हो गए। घरों में कोहराम मच गया। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामू सिंह को सूचना मिली तो वह मौके पर पहुंचे।
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उन्होंने तत्काल मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश सिंह व सीएचसी अधीक्षक डॉ. एनके सिंह को मामले से अवगत कराया। इस पर देर रात डॉ. एनके सिंह की अगुवाई में चिकित्सकों की टीम चार एंबुलेंस के साथ गांव पहुंची।
मौके पर ही सभी का इलाज शुरू हुआ। पीड़ित हरिओम (6), वंदना (8), सरिता (7), सोनम (6), सत्यम (10), शिवम (4), माधव (30), अर्जुन (8), मोहित (9), मनीष (3), गुलाबा (80), शुभम (10), मोहिनी (7), चांदनी (4), प्रियांशी (11), महिमा (3), रवि (2), ऋषु (5), विकास (12), आकाश (3), मालती (35), चंदर (45), मोहित (5), आरती (9), सतीश (4), बच्ची (75), मुकेश (4), कृष्णा (3), लज्जावती (45), जानकी (21), अमित (5), रामू (55) व लखपता (50) की हालत गंभीर देखकर उन्हें रात में ही एंबुलेंस से सीएचसी पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया।
भोर में सभी की तबियत दुरुस्त होने पर घर भेजवाया गया। हालांकि अभी भी घर पर मौजूद हरिओम (6), शिवम (4), बच्ची (75) और मोहित (5) की हालत नाजुक बताई जा रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश सिंह ने बताया कि डॉ. विनोद कुमार के नेतृत्व में चिकित्सीय टीम गांव में कैंप कर रही है। निरंतर सभी का इलाज किया जा रहा है। खानपान में एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
सीएचसी कैसरगंज के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. एनके सिंह ने बताया कि प्रसाद की पंजीरी खाने वाले सभी लोग फूड प्वॉइजनिंग के शिकार हुए थे। लग रहा है पंजीरी में फंगल इंफेक्शन की स्थिति थी जिससे प्वाइजनिंग की हालत बनी। जांच की जा रही है। कुछ ग्रामीणों के घर पंजीरी का प्रसाद मिला है। उसे सील कर जांच के लिए प्रयोगशाला लखनऊ भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।