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महसी के 24 गांवों में भरा बाढ़ का पानी
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महसी/जरवल (बहराइच)। घाघरा (सरयू) नदी का रौद्र रूप दिखने लगा है। नदी का जलस्तर बढ़ने से महसी तहसील क्षेत्र के 24 गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। वहीं, सरयू व घाघरा नदी के बीच बसे तीन गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। यहां के 1500 लोग बाढ़ में फंस गए हैं। ग्रामीणों को निकालने के लिए स्टीमर व एनडीआरएफ की टीम लगाई गई है। ग्रामीण छप्परों पर सहारा लिए हुए हैं। तहसीलदार गांव के निकट कैंप कर रहे हैं। उधर, जरवल में एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी का जलस्तर 52 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है।
महसी तहसील में घाघरा नदी में तीन बैराजों का पानी पहुंच गया है। बैराजों से 2.83 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। इससे घाघरा नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से 24 गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। सबसे अधिक समस्या मांझा दरिया बुर्द, चमरही, रेवतीपुरवा गांव की है। यह तीनों गांव सरयू व घाघरा नदी के बीच में बसे है। इन गांवों में पानी भर जाने के कारण लोग घर छोड़कर सड़कों पर आ गए हैं। इन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए स्टीमर, एनडीआरएफ की टीम लगाई गई है।
तीन गांवों की 1500 की आबादी छप्पर व मकान तथा सड़क पर शरण लिए हुए है। इन गांव के ग्रामीणों को बाहर निकालने के लिए तहसील प्रशासन द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। तहसीलदार महसी राजेश वर्मा व नायब तहसीलदार गांव के पास कैंप कर रहे हैं। एनडीआरएफ के जवान स्टीमर से इन गांव के ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों की ओर ले जा रहे हैं। वहीं तहसील क्षेत्र के तारापुरवा, गुथरू, जोगलापुरवा, पंडितपुरवा, लोनियनपुरवा, मल्लाहनपुरवा, अहिरनपुरवा, ठड़बेहना, पुरबियनपुरवा, चुरवलिया, लोनियनपुरवा द्वितीय, गलकारा के जंगलपुरवा समेत 24 गांवों में पानी भरा गया है।
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इससे इन गांव के ग्रामीणों का जनजीवन व्यस्त हो गया है। लोग दैनिक दिनचर्या के काम नहीं कर पा रहे हैं। खाना-पानी को सभी मोहताज हैं। उधर कैसरगंज तहसील के जरवल विकास खंड में स्थित घाघरा नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से 52 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। खतरे के निशान के पार करने पर निचले क्षेत्र में बसे लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। लोग रात में जागकर समय काट रहे हैं।
2.83 लाख क्यूसेक पानी हुआ डिस्चार्ज
घाघरा नदी में बनबसा बैराज से 2.13 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके अलावा मोतीपुर तहसील के गिरिजापुरी बैराज से 39 हजार क्यूसेक व गोपिया बैराज से 44 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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महसी तहसील में घाघरा नदी में तीन बैराजों का पानी पहुंच गया है। बैराजों से 2.83 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। इससे घाघरा नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से 24 गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। सबसे अधिक समस्या मांझा दरिया बुर्द, चमरही, रेवतीपुरवा गांव की है। यह तीनों गांव सरयू व घाघरा नदी के बीच में बसे है। इन गांवों में पानी भर जाने के कारण लोग घर छोड़कर सड़कों पर आ गए हैं। इन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए स्टीमर, एनडीआरएफ की टीम लगाई गई है।
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तीन गांवों की 1500 की आबादी छप्पर व मकान तथा सड़क पर शरण लिए हुए है। इन गांव के ग्रामीणों को बाहर निकालने के लिए तहसील प्रशासन द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। तहसीलदार महसी राजेश वर्मा व नायब तहसीलदार गांव के पास कैंप कर रहे हैं। एनडीआरएफ के जवान स्टीमर से इन गांव के ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों की ओर ले जा रहे हैं। वहीं तहसील क्षेत्र के तारापुरवा, गुथरू, जोगलापुरवा, पंडितपुरवा, लोनियनपुरवा, मल्लाहनपुरवा, अहिरनपुरवा, ठड़बेहना, पुरबियनपुरवा, चुरवलिया, लोनियनपुरवा द्वितीय, गलकारा के जंगलपुरवा समेत 24 गांवों में पानी भरा गया है।
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इससे इन गांव के ग्रामीणों का जनजीवन व्यस्त हो गया है। लोग दैनिक दिनचर्या के काम नहीं कर पा रहे हैं। खाना-पानी को सभी मोहताज हैं। उधर कैसरगंज तहसील के जरवल विकास खंड में स्थित घाघरा नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से 52 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। खतरे के निशान के पार करने पर निचले क्षेत्र में बसे लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। लोग रात में जागकर समय काट रहे हैं।
2.83 लाख क्यूसेक पानी हुआ डिस्चार्ज
घाघरा नदी में बनबसा बैराज से 2.13 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके अलावा मोतीपुर तहसील के गिरिजापुरी बैराज से 39 हजार क्यूसेक व गोपिया बैराज से 44 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।