फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   five houses collapsed due to rain

बारिश से पांच मकान ढहे

Mon, 29 Jun 2015 10:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच Updated Mon, 29 Jun 2015 10:24 PM IST
विज्ञापन
तराई में लगातार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। अब तक 18 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है। शहर, गांव और कस्बों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। भारी वर्षा के चलते नानपारा तहसील के नेवादा पूरे कस्बाती गांव में पांच कच्चे मकान ढह गए हैं। हालांकि, कोई हताहत नहीं हुआ है।
विज्ञापन


दो दिन से लगाता बारिश से शहर के मोहल्ला घसियारीपुरा, तिकोनीबाग, बख्शीपुरा नईबस्ती आदि इलाकों में जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई है। सबसे बदहाल स्थिति घसियारीपुरा मोहल्ले की है। यहां लोगों का घर से निकलना दूभर हो गया है। कस्बों और गांवों में भी जलभराव के कारण समस्या उत्पन्न हो गई है। सोमवार दोपहर में दो बजे के आसपास आधे घंटे के लिए मौसम साफ हुआ तो लगा था कि सूरज चमकेगा लेकिन निराशा ही हाथ लगी।
विज्ञापन


फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि वर्षा के चलते तापमान में गिरावट हुई है। अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तामपान 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। उन्होंने कहा कि गरज-चमक के साथ बौछारों का क्रम आगामी चार दिनों तक जारी रहने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


निरंतर वर्षा के चलते नानपारा तहसील के नेवादा पूरे कस्बाती गांव में जलभराव होने से गांव निवासी अमृतलाल, संगीता, रामू, जयकरन और बृजेश के कच्चे मकान ढह गए हैं। परिवार के लोगों ने किसी तरह भाग कर जान बचाई। उपजिलाधिकारी घनश्याम और नायब तहसीलदार मोहम्मद जसीम ने गांव का दौरा किया है।

उपजिलाधिकारी ने बताया कि जिन पांच ग्रामीणों के मकान ढहे हैं, उन सभी को 4100-4100 रुपये की चेक अहेतुक सहायता के रूप में प्रदान की गई है। इसके अलावा ग्राम प्रधान और कोटेदार की मदद से भोजन की व्यवस्था कराई गई है।

ढहे पुल के निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी को लिखा पत्र
गायघाट-रामपुर धोबियाहार मार्ग पर बर्दिया कला गांव के निकट स्थित धंसे पुल का भी उपजिलाधिकारी ने मुआयना किया है। एसडीएम ने बताया कि पुल निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखा गया है।


गड़रियनपुरवा गांव के अस्तित्व पर संकट
जरवलरोड/बिछिया। तराई और नेपाल के पहाड़ों पर हो रही वर्षा से नदियों का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। घाघरा नदी में तीन बैराजों से 2.8 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ऐसे में 48 घंटे बाद घाघरा के उफनाने की संभावना बढ़ गई है। उधर, नदी भी तेज गति से कटान कर रही है, जिसके चलते जरवल के गड़रियनपुरवा गांव के अस्तित्व पर संकट उत्पन्न हो गया है। 29 मकानों में से अब तक 13 मकान कट चुके हैं। गांव का रामजानकी मंदिर भी निशाने पर है। ग्रामीण अपने आशियाने खुद ढहा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य ठप है। वहीं, नदी की लहरें अब आदमपुर रेवली तटबंध पर थपेड़े लेने लगी हैं। बाढ़ खंड गोंडा के अभियंता मौके पर कैंप कर रहे हैं लेकिन नदी का पानी तटबंध तक आने के बाद बचाव कार्य ठप हो गया है। केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के मापक जगदीश प्रसाद ने बताया कि नदी का जलस्तर 105.656 मीटर मापा गया है। यह खतरे के निशान से अभी नीचे है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed