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मुसीबत की घड़ी में ईमानदारी से फर्ज निभा रहीं महिला पुलिसकर्मी
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कमलापुर (सीतापुर)। कोरोना वायरस से निपटने के लिए पुलिस लगातार काम कर रही है। वहीं कुछ पुलिसकर्मी ऐसे भी हैं जो करीब चार महीने से अपने घर नहीं गए हैं। उन्होंने एक भी छुट्टी नहीं ली है। थाने में तैनात सात महिला कांस्टेबल ऐसी हैं जो पिछले चार महीने से अपने घर नहीं गई हैं। वह कोरोना महामारी की जंग में पूरी ईमानदारी के साथ घर-परिवार छोड़कर ड्यूटी कर रही हैं। कांस्टेबल रचना, आरती राघव, रिचा, बबिता, बेबी, सीमा व आंचल लगातार ड्यूटी कर रही हैं। चार महीने से एक भी छुट्टी नहीं ली है। अमर उजाला से बातचीत में आरक्षियों ने अपना ड्यूटी का फर्ज बखूबी बयां किया।
ड्यूटी करने पर मिलती है खुशी
सीमा और रचना का कहना है इस तरह ड्यूटी करने में मुश्किल कुछ नहीं है। खुशी इस बात की है कि हम देश के लिए ड्यूटी कर रहे हैं, जो हमारा फर्ज है उसे बहुत अच्छे से निभा रहे हैं। घर की याद आती है जाने का मन भी बहुत होता है। लेकिन अपने देश को ऐसे मुश्किल समय में छोड़कर नहीं जा सकते है। घर पर बात फोन से और वीडियो कॉल से कर लेती हूं।
अधिकारी कर रहे हैं मदद
मंजू कमलापुर थाने में तैनात हैं, इनके परिवार में इनके माता पिता तीन बहन और एक भाई है। मंजू अपना फर्ज पूरी तरह निभा रही है। कांस्टेबल आरती भी चार महीने से घर नहीं गई हैं। आरती ने कहा मैं करीब चार महीने से अपने घर नहीं गई हूं. घर की याद आती है तो वीडियो कॉल कर लेते हैं। हम यहां जनता की सेवा के लिए आए हैं। अधिकारी मदद कर रहे हैं। इस मुश्किल समय में काम करना अच्छा लग रहा है।
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गर्व महसूस हो रहा है
ऐसी ही कांस्टेबल बेबी भी लगातार ड्यूटी कर रही हैं। बेबी कहती हैं कि इस मुसीबत की घड़ी में देश की सेवा करने में गर्व महसूस हो रहा है। देश को मुसीबत में देखकर मौका मिला है देश की सेवा करने का हमारे एसपी और सीओ सर बहुत अच्छी तरह गाइड करते हैं। मेरा फर्ज बनता है जब तक कोरोना पर पूरी तरह भारत विजय नहीं हासिल कर लेता है तब तक पूरा योगदान देती रहूंगी।
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ड्यूटी करने पर मिलती है खुशी
सीमा और रचना का कहना है इस तरह ड्यूटी करने में मुश्किल कुछ नहीं है। खुशी इस बात की है कि हम देश के लिए ड्यूटी कर रहे हैं, जो हमारा फर्ज है उसे बहुत अच्छे से निभा रहे हैं। घर की याद आती है जाने का मन भी बहुत होता है। लेकिन अपने देश को ऐसे मुश्किल समय में छोड़कर नहीं जा सकते है। घर पर बात फोन से और वीडियो कॉल से कर लेती हूं।
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अधिकारी कर रहे हैं मदद
मंजू कमलापुर थाने में तैनात हैं, इनके परिवार में इनके माता पिता तीन बहन और एक भाई है। मंजू अपना फर्ज पूरी तरह निभा रही है। कांस्टेबल आरती भी चार महीने से घर नहीं गई हैं। आरती ने कहा मैं करीब चार महीने से अपने घर नहीं गई हूं. घर की याद आती है तो वीडियो कॉल कर लेते हैं। हम यहां जनता की सेवा के लिए आए हैं। अधिकारी मदद कर रहे हैं। इस मुश्किल समय में काम करना अच्छा लग रहा है।
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गर्व महसूस हो रहा है
ऐसी ही कांस्टेबल बेबी भी लगातार ड्यूटी कर रही हैं। बेबी कहती हैं कि इस मुसीबत की घड़ी में देश की सेवा करने में गर्व महसूस हो रहा है। देश को मुसीबत में देखकर मौका मिला है देश की सेवा करने का हमारे एसपी और सीओ सर बहुत अच्छी तरह गाइड करते हैं। मेरा फर्ज बनता है जब तक कोरोना पर पूरी तरह भारत विजय नहीं हासिल कर लेता है तब तक पूरा योगदान देती रहूंगी।