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बारिश से खिले किसानों के चेहरे
अमर उजाला/बहराइच
Updated Fri, 16 Jun 2017 10:29 PM IST
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बारिश से जलभराव
- फोटो : अमर उजाला
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तराई में भीषण गर्मी के बीच शुक्रवार को सुबह अचानक मौसम बदल गया। झमाझम बरसात हुई और तेज हवाएं चलीं। जिससे पारा लुढ़क गया और लोगों को गर्मी से निजात मिली। वहीं, तेज बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए। हालांकि झमाझम वर्षा के बीच रामगांव, महसी और मिहींपुरवा क्षेत्र में सात स्थानों पर ग्रामीणों के मकान ढह गए। वहीं, पांच लोग घायल हो गए। उधर, बरसात होने से कई स्थानों पर लोगों को जलभराव की समस्या से भी जूझना पड़ा। इस दौरान 10 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई।
तराई में एक पखवारे से लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। उमस और चिपचिपाहट भरी गर्मी लोगों को बेहाल किए हुए थी। इस बीच शुक्रवार को सुबह अचानक तराई का मौसम बदल गया। आसमान में काले बादल उमड़ने घुमड़ने लगे। तेज पुरवा हवाएं चलीं।
इसके साथ ही वर्षा का क्रम शुरू हुआ। झमाझम बरसात होने से मौसम खुशनुमा हो गया। तापमान में गिरावट होने से लोगों को भीषण गर्मी से निजात मिली। बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए। हालांकि वर्षा के बीच रामगांव थाना क्षेत्र के लौकना गांव में शिवाकांत के कच्चे मकान की दीवार ढह गई। मलबे में शिवाकांत की पुत्री प्रियंका (8), बृजेंद्र (2), सविता (10), हेमा (14) के साथ ही शिवाकांत और उनकी पत्नी चंदा देवी भी दबकर चोटिल हो गईं।
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चीख पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़े और मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला गया। इसमें प्रियंका को गंभीर चोटें आई हैं। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा महसी में तटबंध के किनारे गुजर-बसर कर रहे जगदीश और बालकराम के मकान की कच्ची दीवार ढह गई। जबकि मिहींपुरवा के सुजौली थाना क्षेत्र में रामकिशुन, तौफीक, लोहा और राधे के मकान की दीवारें ढह गईं। सूचना तहसील को दी गई है। लेकिन कोई भी राजस्वकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है।
वहीं, वर्षा के चलते शहर के सिविल लांइस, महोलीपुरा, बड़ीहाट, बख्शीपुरा नईबस्ती, घसियारीपुरा में जलभराव की स्थिति बन गई। मोहल्ले तालाब मानिंद दिख रहे थे। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह का कहना है कि 10 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है। प्री मानसून बारिश मानी जा सकती है। उन्होंने कहा कि आगामी तीन-चार दिन तक मौसम मेें तब्दीली जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं। शुक्रवार को अधिक तापमान 37 डिग्री व न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहा।
प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने कहा कि झमाझम बरसात हुई है। ऐसे में किसानों के लिए यह वर्षा सुखद है। जिन किसानों ने अभी तक धान की नर्सरी की बोआई नहीं की है। वह नर्सरी की बोआई शीघ्र कर दें।
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तराई में एक पखवारे से लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। उमस और चिपचिपाहट भरी गर्मी लोगों को बेहाल किए हुए थी। इस बीच शुक्रवार को सुबह अचानक तराई का मौसम बदल गया। आसमान में काले बादल उमड़ने घुमड़ने लगे। तेज पुरवा हवाएं चलीं।
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इसके साथ ही वर्षा का क्रम शुरू हुआ। झमाझम बरसात होने से मौसम खुशनुमा हो गया। तापमान में गिरावट होने से लोगों को भीषण गर्मी से निजात मिली। बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए। हालांकि वर्षा के बीच रामगांव थाना क्षेत्र के लौकना गांव में शिवाकांत के कच्चे मकान की दीवार ढह गई। मलबे में शिवाकांत की पुत्री प्रियंका (8), बृजेंद्र (2), सविता (10), हेमा (14) के साथ ही शिवाकांत और उनकी पत्नी चंदा देवी भी दबकर चोटिल हो गईं।
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चीख पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़े और मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला गया। इसमें प्रियंका को गंभीर चोटें आई हैं। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा महसी में तटबंध के किनारे गुजर-बसर कर रहे जगदीश और बालकराम के मकान की कच्ची दीवार ढह गई। जबकि मिहींपुरवा के सुजौली थाना क्षेत्र में रामकिशुन, तौफीक, लोहा और राधे के मकान की दीवारें ढह गईं। सूचना तहसील को दी गई है। लेकिन कोई भी राजस्वकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है।
वहीं, वर्षा के चलते शहर के सिविल लांइस, महोलीपुरा, बड़ीहाट, बख्शीपुरा नईबस्ती, घसियारीपुरा में जलभराव की स्थिति बन गई। मोहल्ले तालाब मानिंद दिख रहे थे। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह का कहना है कि 10 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है। प्री मानसून बारिश मानी जा सकती है। उन्होंने कहा कि आगामी तीन-चार दिन तक मौसम मेें तब्दीली जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं। शुक्रवार को अधिक तापमान 37 डिग्री व न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहा।
प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने कहा कि झमाझम बरसात हुई है। ऐसे में किसानों के लिए यह वर्षा सुखद है। जिन किसानों ने अभी तक धान की नर्सरी की बोआई नहीं की है। वह नर्सरी की बोआई शीघ्र कर दें।