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वन और वन्यजीव की सुरक्षा के टिप्स दिए
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Tue, 14 Jul 2015 10:22 PM IST
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बहराइच। वन और वन्य जीवों की सुरक्षा पर मंथन के लिए वन के साथ विभिन्न
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सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी मंगलवार को एक मंच पर साथ आए।
इस दौरान अफसरों ने अपने अनुभ्ाव साझा किए सेंक्चुरी क्षेत्र की सुरक्षा का खाका दिया। भारत और नेपाल के अधिकारियों ने आपसी समन्वय से अपराधियों के धर पकड़ की रूपरेखा बनाई।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग, व विश्व प्रकृति निधि-भारत (डब्लूडब्लूएफ) के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को इको पर्यटन परिसर मोतीपुर में वन्य जीव अपराध की रोकथाम विषय पर कार्यशाला हुई।
शुभारंभ दुधवा के फील्ड डायरेक्टर संजय सिंह ने दीप जलाकर किया। मुख्य वक्ता एवं अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तर प्रदेश डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने कहा कि वन क्षेत्रों के प्रभावी संरक्षण से वन्य जीव अपराधों पर अंकुश लग सकता है।
कहा कि बेहतर निगरानी से अच्छा संरक्षण का अन्य तरीका नहीं है। इसके लिए सभी एजेंसियों को बेहतर तालमेल के साथ काम करने की जरूरत है।
अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि संदिग्ध व्यक्तियों पर पैनी दृष्टि, पैट्रोलिंग, बैंक ट्रांजेक्शन, ट्रेवेल बुकिंग, एटीएम, होटल के विवरण, आईडी, सीसी टीवी फुटेज, मूवमेंट सूचना तकनीकि के द्वारा अपराधी तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।
तराई आर्क लैंड स्केप डब्लूडब्लूएफ देहरादून के हेड डॉ. एके सिंह ने कहा कि नियमित बैठकों से ही बेहतर समन्वयय स्थापित होगा।
चीफ वार्डेन बर्दिया नेपाल के रामचंद्र एवं प्रभागीय वनाधिकारी बर्दिया नेपाल के भैरव प्रसाद ने वन अपराधों पर अंकुश में सहयोग का वादा किया।
डब्लूडब्लूएफ. के समन्वयक डाॅ. मुदित गुप्ता ने बैठक के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। प्रभागीय वनाधिकारी कतर्नियाघाट आशीष तिवारी ने भी मौके पर विचार रखे।
मौके पर डिप्टी कमांडेन्ट एसएसबी देवेंद्र कुमार, कुलजीत, डब्लूडब्लूएफ. के परियोजना अधिकारी दबीर हसन, पुलिस क्षेत्राधिकारी नानपारा भरत, आईएआईओ आईबी कुलदीप, वन क्षेत्राधिकारी निशानगाढ़ा गयादीन, कतर्नियाघाट के रमेश चन्द्र आदि मौजूद रहे।
इस दौरान अफसरों ने अपने अनुभ्ाव साझा किए सेंक्चुरी क्षेत्र की सुरक्षा का खाका दिया। भारत और नेपाल के अधिकारियों ने आपसी समन्वय से अपराधियों के धर पकड़ की रूपरेखा बनाई।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग, व विश्व प्रकृति निधि-भारत (डब्लूडब्लूएफ) के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को इको पर्यटन परिसर मोतीपुर में वन्य जीव अपराध की रोकथाम विषय पर कार्यशाला हुई।
शुभारंभ दुधवा के फील्ड डायरेक्टर संजय सिंह ने दीप जलाकर किया। मुख्य वक्ता एवं अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तर प्रदेश डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने कहा कि वन क्षेत्रों के प्रभावी संरक्षण से वन्य जीव अपराधों पर अंकुश लग सकता है।
कहा कि बेहतर निगरानी से अच्छा संरक्षण का अन्य तरीका नहीं है। इसके लिए सभी एजेंसियों को बेहतर तालमेल के साथ काम करने की जरूरत है।
अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि संदिग्ध व्यक्तियों पर पैनी दृष्टि, पैट्रोलिंग, बैंक ट्रांजेक्शन, ट्रेवेल बुकिंग, एटीएम, होटल के विवरण, आईडी, सीसी टीवी फुटेज, मूवमेंट सूचना तकनीकि के द्वारा अपराधी तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।
तराई आर्क लैंड स्केप डब्लूडब्लूएफ देहरादून के हेड डॉ. एके सिंह ने कहा कि नियमित बैठकों से ही बेहतर समन्वयय स्थापित होगा।
चीफ वार्डेन बर्दिया नेपाल के रामचंद्र एवं प्रभागीय वनाधिकारी बर्दिया नेपाल के भैरव प्रसाद ने वन अपराधों पर अंकुश में सहयोग का वादा किया।
डब्लूडब्लूएफ. के समन्वयक डाॅ. मुदित गुप्ता ने बैठक के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। प्रभागीय वनाधिकारी कतर्नियाघाट आशीष तिवारी ने भी मौके पर विचार रखे।
मौके पर डिप्टी कमांडेन्ट एसएसबी देवेंद्र कुमार, कुलजीत, डब्लूडब्लूएफ. के परियोजना अधिकारी दबीर हसन, पुलिस क्षेत्राधिकारी नानपारा भरत, आईएआईओ आईबी कुलदीप, वन क्षेत्राधिकारी निशानगाढ़ा गयादीन, कतर्नियाघाट के रमेश चन्द्र आदि मौजूद रहे।