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Bahraich News: ताल बघेल पर अतिक्रमण, एनजीटी ने किया जवाब तलब

Mon, 08 Apr 2024 11:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Mon, 08 Apr 2024 11:28 PM IST
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Encroachment on Tal Baghel, NGT seeks reply
बहराइच के पयागपुर में स्थित ताल बघेल, जहां भूमाफिया कर रहे कमल की खेती
जिले के सबसे बड़े वेटलैंड पर मंडराया संकट, सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सचिव आर्द्रभूमि प्राधिकरण व डीएम से मांगी रिपोर्ट
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भूमाफिया द्वारा प्राकृतिक स्रोत बंद कर किया जा रहा अतिक्रमण और जलदोहन
शलभ वत्स
पयागपुर(बहराइच)। जिले के सबसे बड़े वेटलैंड ताल बघेल पर हो रहे अवैध अतिक्रमण व प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन का राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी ) ने संज्ञान लिया है। एनजीटी ने सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सचिव राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण व डीएम बहराइच से आख्या तलब की है। एनजीटी के पत्र के बाद जिले के अधिकारियों में हड़कंप है। यही नहीं मामले की सुनवाई आगामी 14 मई को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की प्रिंसिपल बेंच द्वारा नई दिल्ली में की जाएगी।
पयागपुर तहसील क्षेत्र स्थित ताल बघेल राजस्व अभिलेखों में कई ग्राम पंचायत की सीमाओं को छूते हुए लगभग 42 किलोमीटर की परिधि में फैला हुआ है। ये वेटलैंड विशाल जल के साथ ही कई जलीय जीवों एवं वनस्पतियों को संरक्षित किए हुए हैं। लेकिन यहां लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है और राजस्व अभिलेखों के बजाए मौके पर इसका फैलाव कम हो गया है।
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यही नहीं यहां अवैध रूप से प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करने से पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। भूमाफिया द्वारा इसके प्राकृतिक जल स्रोतों को बंद कर अतिक्रमण कर लिया गया और इस पर खेती की जा रही है। यही नहीं इसमें पाए जाने वाले बहुमूल्य वनस्पति और जलीय जीवों का अवैध रूप से दोहन किया जा रहा है। जब इसकी शिकायत हुई तो एनजीटी ने संज्ञान लिया। एनजीटी द्वारा ताल बघेल झील के जल नमूने एकत्र करने, प्रकृति का पता लगाते हुए उपचारात्मक उपाय सुझाने की बात कही गई है।
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14 मई को नई दिल्ली में होगी सुनवाई : वन क्षेत्राधिकारी हरिश्चन्द्र तिवारी ने बताया कि यह मामला राजस्व से जुड़ा है, इस बारे में मेरे पास कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि 14 मई 2024 को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की प्रिंसिपल बेंच नई दिल्ली ने सुनवाई की तिथि सुनिश्चित की है। बताते चलें कि एनजीटी के पत्र के बाद वेटलैंड पर कई वर्षों से अतिक्रमण कर खेती कर रहे और प्राकृतिक संसाधनों का अवैध दोहन करने वालों में हड़कंप मचा है। (संवाद)

क्या है एनजीटी
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण अधिनियम, 2010 द्वारा राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) की स्थापना की गई है। इसके तहत पर्यावरण से संबंधित कानूनी अधिकारों के प्रवर्तन, व्यक्तियों व संपत्ति के नुकसान के लिए सहायता व क्षतिपूर्ति देने का प्रावधान है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, वनों व अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित मामलों के प्रभावी व त्वरित निपटारे के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण की स्थापना की गई।

राजस्व से संबंधित जो भी रिपोर्ट मांगी गई है, उसे शीघ्र ही भेजने की कार्यवाही की जा रही है। रिपोर्ट का काम भी जारी है। -धर्मेन्द्र कुमार, तहसीलदार पयागपुर
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