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हाथियों ने गिराए दो घर, 50 बीघा फसल रौंदी

Thu, 08 Dec 2016 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच Updated Thu, 08 Dec 2016 12:04 AM IST
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Elephants downed two houses, 50 acres crop Rundi
elephant play in rain
कतर्नियाघाट रेंज के जंगल से सटे भरथापुर गांव में मंगलवार रात हाथियों के झुंड ने उत्पात मचाया। गांव में हाथियों ने दो ग्रामीणों के घरों को गिरा दिया। लोगों के हांका लगाने पर हाथी गन्ना और सरसों के खेत मेें पहुंच गए। हाथियों ने लगभग 50 बीघा फसल भी रौंद डाली। किसी तरह गांव के लोगों ने अपनी और परिवारीजनों की जान बचाई। रात में ही सूचना रेंज कार्यालय पर दी गई, लेकिन कोई भी वन कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। हाथियों के उत्पात के बाद से ग्रामीणों में दहशत हैं।  
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र से सटे गांवों में नेपाल से आने वाले प्रवासी हाथियों का उत्पात फिर शुरू हो गया है। मंगलवार की रात 10 बजे के आसपास गेरुआ पार स्थित भरथापुर गांव के ग्रामीण सोने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान हाथियों की चिंघाड़ सुनाई दी। पहले ग्रामीणों ने समझा कि हाथी जंगल की ओर हैं, लेकिन धीरे धीरे आवाज बढ़ती गई।
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इस पर गांव के लोग हांका लगाते हुए मशाल जलाकर घरों से बाहर निकल आए। तब तक हाथी गांव में पहुंच चुके थे। हाथियोें के झुंड ने गांव निवासी फरीद और गुलजारे के मकान को गिरा दिया। परिवार के लोगों ने किसी तरह भाग कर जान बचाई। हाथी लगभग 40 मिनट तक गांव में रहे। दोनों घरों में लगभग ढाई लाख के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
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ग्रामीणों के हांका लगाने पर हाथियों का झुंड गन्ना और सरसों के खेत में पहुंच गया। हाथियों ने गांव निवासी राजकुमार, घनश्याम, सुरेश और परगट समेत छह ग्रामीणों की 50 बीघा फसल को रौंद दिया। हाथी भोर में पांच बजे खेत से निकलकर जंगल की ओर चले गए। पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि रात में कई बार फोन कर रेंज कार्यालय पर सूचना दी गई, लेकिन कोई भी वन कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा।  


जांच करवाकर दिलाएंगे मुआवजा
भरथापुर गांव में हाथियों के हमले के मामले में जांच करवाकर पीड़ितों के प्रार्थनापत्र को उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। जांच पूरी होने के बाद मुआवजे दिलाया जाएगा। गांव नदी के उस पर बसा हुआ है। इसी के चलते वन्य जीवों का हमला होता है।- गयादीन, वन क्षेत्राधिकारी, कतर्नियाघाट
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