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Bahraich News: भेड़िया की दहशत के चलते बाहर कमाने नहीं जा पा रहे युवक
Sat, 07 Sep 2024 02:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sat, 07 Sep 2024 02:41 AM IST
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महसी तहसील क्षेत्र के पूरेदिलदारसिंह ग्राम पंचायत में वन विभाग द्वारा लगाए जा रहे जागरुकता के प
बौंडी (बहराइच)। महसी तहसील क्षेत्र के लगभग 50 गांवों के 100 मजरों में बीते पांच महीने से भेड़िये का आतंक व्याप्त है। भेड़िये से प्रभावित गांवों के लोगों की जिंदगी डर के साए में कट रही है। भेड़िये के आतंक से अपने परिवार को बचाने के लिए ग्रामीणों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं, अब ग्रामीणों के सामने आर्थिक संकट भी उत्पन्न होने लगा है।
सरयू के कछार में भेड़िया रोज नए-नए गांव के बाशिंदों को अपना निवाला बना रहा है। लोग अपने परिवार को बचाने के लिए घर छोड़कर दूसरी जगहों पर कमाने भी नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग पांच महीने से भेड़िये का आतंक क्षेत्र में व्याप्त है। दर्जनों परिवारों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। दिन-रात परिवार की रखवाली में गुजर रहा है।
महसी क्षेत्र के सिसैया चूड़ामणि के मजरा कौलेला गांव निवासी दुलारे व सिद्धू ने बताया कि वे पंजाब व लुधियाना जैसे शहरों में दिहाड़ी मजदूरी आदि का काम करके परिवार का पालन पोषण करते थे। लेकिन जब से भेड़िये का आतंक गांव में फैला तब से कमाने के लिए घर से बाहर नहीं जा सके हैं। नतीजतन परिवार के पालन-पोषण के लिए आर्थिक समस्या भी उत्पन्न हो रही है।
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सिकंदरपुर के मक्का पुरवा निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि खेतों में ऊगी धान की फसलों को छुट्टा मवेशी नष्ट कर रहे हैं। भेड़िये के डर से लोग अपनी फसलों को बचाने के लिए खेतों तक नहीं जा पा रहे हैं। आने वाले समय में गांव के लोगों के समक्ष अनाज का भी संकट खड़े होने की आशंका बनी हुई है। इदरीस ने बताया कि परिवार की सुरक्षा के लिए पूरी रात गांव के लोग जागकर परिवार के सदस्यों की रखवाली करते हैं, पूरी रात रखवाली में ही गुजर जाती है।
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सरयू के कछार में भेड़िया रोज नए-नए गांव के बाशिंदों को अपना निवाला बना रहा है। लोग अपने परिवार को बचाने के लिए घर छोड़कर दूसरी जगहों पर कमाने भी नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग पांच महीने से भेड़िये का आतंक क्षेत्र में व्याप्त है। दर्जनों परिवारों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। दिन-रात परिवार की रखवाली में गुजर रहा है।
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महसी क्षेत्र के सिसैया चूड़ामणि के मजरा कौलेला गांव निवासी दुलारे व सिद्धू ने बताया कि वे पंजाब व लुधियाना जैसे शहरों में दिहाड़ी मजदूरी आदि का काम करके परिवार का पालन पोषण करते थे। लेकिन जब से भेड़िये का आतंक गांव में फैला तब से कमाने के लिए घर से बाहर नहीं जा सके हैं। नतीजतन परिवार के पालन-पोषण के लिए आर्थिक समस्या भी उत्पन्न हो रही है।
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सिकंदरपुर के मक्का पुरवा निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि खेतों में ऊगी धान की फसलों को छुट्टा मवेशी नष्ट कर रहे हैं। भेड़िये के डर से लोग अपनी फसलों को बचाने के लिए खेतों तक नहीं जा पा रहे हैं। आने वाले समय में गांव के लोगों के समक्ष अनाज का भी संकट खड़े होने की आशंका बनी हुई है। इदरीस ने बताया कि परिवार की सुरक्षा के लिए पूरी रात गांव के लोग जागकर परिवार के सदस्यों की रखवाली करते हैं, पूरी रात रखवाली में ही गुजर जाती है।