{"_id":"5d73ea928ebc3e93da786f91","slug":"doctors-treat-under-the-tree-bahraich-news-lko4804167171","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेड़ के नीचे इलाज करते हैं चिकित्सक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेड़ के नीचे इलाज करते हैं चिकित्सक
विज्ञापन
रिसिया विकास खंड के लक्ष्मणपुर गांव में पेड़ के नीचे इलाज के दौरान एमआर से दवा की डिमांड लिखवाते ?
- फोटो : BAHRAICH
मटेराचौराहा (बहराइच)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लक्ष्मणपुर शंकरपुर के चिकित्सक अस्पताल के बजाय एएनएम सेंटर के पास पेड़ के नीचे शिविर लगाकर मरीजों की जांच व इलाज करते हैं।। शनिवार को वह पेड़ के नीचे बैठकर एमआर से बाहर की दवा का आर्डर दे रहे थे।
पूछने पर चिकित्सक ने बताया कि सरकारी दवा नहीं मिलती है, जिससे बाहर की दवा लेनी पड़ रही है। वहीं, डॉक्टर के स्वास्थ्य केंद्र आने का कोई समय निर्धारित नहीं है। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
रिसिया विकास खंड अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लक्ष्मणपुर शंकरपुर में डॉक्टर सलीम की तैनाती है। वह अस्पताल में नहीं बैठते हैं। अस्पताल में कंडे रखे हुए हैं। यहां मवेशी भी बांधे जाते हैं। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने शुक्रवार को सीएमओ से करते हुए प्रदर्शन भी किया था।
विज्ञापन
शनिवार को जब अमर उजाला प्रतिनिधि मौके पर पहुंचा तो डॉक्टर सलीम स्वास्थ्य केंद्र के बजाय एएनएम सेंटर के पास बरगद के पेड़ के नीचे मरीजों की जांच करते मिले। उनके पास तीन एमआर भी मौजूद मिले। वह मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव को दवा का आर्डर दे रहे थे।
उनसे जब सरकारी दवाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय से दवा नहीं आती है, जिससे बाहर की दवा लिखी जाती है। अस्पताल के बाहर बैठने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यहां मेरा नियम चलता है। चाहे जहां बैठें, इसमें किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
वहीं, गांव निवासी राजेश कुमार, संगीता देवी, राजकुमार, सलीम आदि का कहना है कि डॉक्टर स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं आते हैं। जब उनके बताए स्थान पर इलाज के लिए जाते हैं तो बाहर की दवा लिखते हैं। ग्रामीणों ने डॉक्टर पर मनमानी करने का भी आरोप लगाया। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने डॉक्टर के 11 बजे तो कहीं दो बजे आने का भी आरोप लगाया।
कई जगह का मिला प्रभार, नहीं मिलती दवा
जब पेड़ के नीचे मरीजों का इलाज करने व बाहर की दवा मंगवाने के मामले में डॉक्टर सलीम से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें कई जगह स्वास्थ्य केंद्रों का प्रभार मिला है, जिससे 11 बजे, 12 या दो बजे अपने समय से आकर मरीजों को देखते हैं। मुख्यालय से सरकारी दवा नहीं मिलती है। यदि बाहर की दवा न लिखें तो मरीजों का इलाज नहीं हो सकता।
विज्ञापन
पूछने पर चिकित्सक ने बताया कि सरकारी दवा नहीं मिलती है, जिससे बाहर की दवा लेनी पड़ रही है। वहीं, डॉक्टर के स्वास्थ्य केंद्र आने का कोई समय निर्धारित नहीं है। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
रिसिया विकास खंड अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लक्ष्मणपुर शंकरपुर में डॉक्टर सलीम की तैनाती है। वह अस्पताल में नहीं बैठते हैं। अस्पताल में कंडे रखे हुए हैं। यहां मवेशी भी बांधे जाते हैं। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने शुक्रवार को सीएमओ से करते हुए प्रदर्शन भी किया था।
विज्ञापन
शनिवार को जब अमर उजाला प्रतिनिधि मौके पर पहुंचा तो डॉक्टर सलीम स्वास्थ्य केंद्र के बजाय एएनएम सेंटर के पास बरगद के पेड़ के नीचे मरीजों की जांच करते मिले। उनके पास तीन एमआर भी मौजूद मिले। वह मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव को दवा का आर्डर दे रहे थे।
उनसे जब सरकारी दवाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय से दवा नहीं आती है, जिससे बाहर की दवा लिखी जाती है। अस्पताल के बाहर बैठने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यहां मेरा नियम चलता है। चाहे जहां बैठें, इसमें किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
वहीं, गांव निवासी राजेश कुमार, संगीता देवी, राजकुमार, सलीम आदि का कहना है कि डॉक्टर स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं आते हैं। जब उनके बताए स्थान पर इलाज के लिए जाते हैं तो बाहर की दवा लिखते हैं। ग्रामीणों ने डॉक्टर पर मनमानी करने का भी आरोप लगाया। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने डॉक्टर के 11 बजे तो कहीं दो बजे आने का भी आरोप लगाया।
कई जगह का मिला प्रभार, नहीं मिलती दवा
जब पेड़ के नीचे मरीजों का इलाज करने व बाहर की दवा मंगवाने के मामले में डॉक्टर सलीम से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें कई जगह स्वास्थ्य केंद्रों का प्रभार मिला है, जिससे 11 बजे, 12 या दो बजे अपने समय से आकर मरीजों को देखते हैं। मुख्यालय से सरकारी दवा नहीं मिलती है। यदि बाहर की दवा न लिखें तो मरीजों का इलाज नहीं हो सकता।