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डॉक्टर ने मरा बताया टेक्नीशियन ने बचाया
बहराइच
Updated Mon, 04 Sep 2017 10:29 PM IST
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लखनऊ ले जाते समय नवजात का एंबुलेंस में इलाज करते टेक्नीशियन।
- फोटो : अमर उजाला
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शहर के मोहल्ला सूफीपुरा निवासी एक नवजात की हालत खराब होने पर जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने लखनऊ रेफर कर दिया। एंबुलेंस से नवजात को लेकर दंपती लखनऊ जा रहे थे। इसी दौरान हालत और खराब हो गई। इस पर एंबुलेंस चालक व टेक्नीशियन उसे फखरपुर स्वास्थ्य केंद्र ले गए।
यहां पर मौजूद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया लेकिन नवजात की पल्स चल रही थी। टेक्नीशियन ने लखनऊ बात की और चिकित्सकों के बताए अनुसार प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद लखनऊ ले गए। हालांकि ट्रॉमा सेंटर में कुछ घंटों बाद नवजात की मौत हो गई। पिता ने चिकित्सक की शिकायत सीएमओ से की। सीएमओ एके पांडेय का कहना है कि पत्र मिलने पर जांच कर कार्रवाई
की जाएगी।
सूफीपुरा निवासी सुशील कुमार ने बताया कि बताया कि पत्नी गुंजा ने चार दिन पूर्व बेटे को जन्म दिया था। जन्म के कुछ देर बाद ही उसकी हालत बिगड़ गई। इस पर शनिवार को उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने हालत गंभीर देख लखनऊ रेफर कर दिया। दंपती 102 एंबुलेंस से लखनऊ रवाना हुए।
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मरौचा के निकट नवजात को तेज झटके आने लगे सांस तेज चलने लगी। इस पर टेक्नीशियन कुशल कुमार व चालक रंजीत शुक्ला उसे फखरपुर स्वास्थ्य केंद्र ले गए। यहां चिकित्सक ने नवजात को मृत बता दिया लेकिन उसकी नब्ज चल रही थी। इस पर टेक्नीशियन ने लखनऊ के चिकित्सकों से संपर्क साधा। लखनऊ के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार का तरीका बताया।
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यहां पर मौजूद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया लेकिन नवजात की पल्स चल रही थी। टेक्नीशियन ने लखनऊ बात की और चिकित्सकों के बताए अनुसार प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद लखनऊ ले गए। हालांकि ट्रॉमा सेंटर में कुछ घंटों बाद नवजात की मौत हो गई। पिता ने चिकित्सक की शिकायत सीएमओ से की। सीएमओ एके पांडेय का कहना है कि पत्र मिलने पर जांच कर कार्रवाई
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की जाएगी।
सूफीपुरा निवासी सुशील कुमार ने बताया कि बताया कि पत्नी गुंजा ने चार दिन पूर्व बेटे को जन्म दिया था। जन्म के कुछ देर बाद ही उसकी हालत बिगड़ गई। इस पर शनिवार को उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने हालत गंभीर देख लखनऊ रेफर कर दिया। दंपती 102 एंबुलेंस से लखनऊ रवाना हुए।
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मरौचा के निकट नवजात को तेज झटके आने लगे सांस तेज चलने लगी। इस पर टेक्नीशियन कुशल कुमार व चालक रंजीत शुक्ला उसे फखरपुर स्वास्थ्य केंद्र ले गए। यहां चिकित्सक ने नवजात को मृत बता दिया लेकिन उसकी नब्ज चल रही थी। इस पर टेक्नीशियन ने लखनऊ के चिकित्सकों से संपर्क साधा। लखनऊ के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार का तरीका बताया।