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Bahraich News: डॉक्टर सर ...मां को चढ़ना है खून, दिलवा दीजिए
Thu, 30 Oct 2025 01:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Thu, 30 Oct 2025 01:35 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में मां के लिए खून की गुहार लगाता सीतापुर का बालक मुकेश। -संवाद
बहराइच। मायूस आंखें, कांपते होंठ और अपनी मां को बचाने की दुहाई… ये नजारा बुधवार दोपहर बहराइच मेडिकल कॉलेज के सीएमएस कक्ष में देखने को मिला, जब एक 10 साल का एक बच्चा हाथ में कागज लेकर पहुंचा और बोला डॉक्टर सर, मेरी मां को खून चढ़ना है... आप दिलवा दीजिए।
ऐसी मासूम फरियाद सुनकर वहां मौजूद स्टाफ भावुक हो उठा। सीएमएस डॉ. एमएमएम त्रिपाठी ने उसे अपने पास बुलाया, हालचाल पूछा और तुरंत खून की व्यवस्था के लिए परची जारी कर दी।
दरअसल, सीतापुर जिले के बारेती तंबौर लहरपुर निवासी संगीता (35) पेट की गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। वर्षों से चल रहे इलाज के बाद भी आराम न मिलने पर कुछ दिन पहले उनको बहराइच मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। पति की मौत के बाद वे घर की जिम्मेदारी संभाल रही थी कि बीमार पड़ गई।
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अब सब इसी मासूम बेटे मुकेश (10) के कंधों पर है। वही तीमारदारी से लेकर दवाइयों का इंतजाम खुद कर रहा है। मुकेश को सांत्वना देते हुए कहा स्टाफ ने कहा कि किसी भी परेशानी में सीधे आना, घबराना नहीं। तुम्हारी मां जल्दी ठीक हो जाएंगी।
परिवार में हैं सिर्फ मां-बेटे
मासूम मुकेश ने बताया कि पिता की मौत उसके जन्म के कुछ दिन बाद ही हो गई थी। उसने पिता को देखा तक नहीं। इसके अलावा परिवार में कोई भाई-बहन भी नहीं है।
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ऐसी मासूम फरियाद सुनकर वहां मौजूद स्टाफ भावुक हो उठा। सीएमएस डॉ. एमएमएम त्रिपाठी ने उसे अपने पास बुलाया, हालचाल पूछा और तुरंत खून की व्यवस्था के लिए परची जारी कर दी।
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दरअसल, सीतापुर जिले के बारेती तंबौर लहरपुर निवासी संगीता (35) पेट की गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। वर्षों से चल रहे इलाज के बाद भी आराम न मिलने पर कुछ दिन पहले उनको बहराइच मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। पति की मौत के बाद वे घर की जिम्मेदारी संभाल रही थी कि बीमार पड़ गई।
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अब सब इसी मासूम बेटे मुकेश (10) के कंधों पर है। वही तीमारदारी से लेकर दवाइयों का इंतजाम खुद कर रहा है। मुकेश को सांत्वना देते हुए कहा स्टाफ ने कहा कि किसी भी परेशानी में सीधे आना, घबराना नहीं। तुम्हारी मां जल्दी ठीक हो जाएंगी।
परिवार में हैं सिर्फ मां-बेटे
मासूम मुकेश ने बताया कि पिता की मौत उसके जन्म के कुछ दिन बाद ही हो गई थी। उसने पिता को देखा तक नहीं। इसके अलावा परिवार में कोई भाई-बहन भी नहीं है।