{"_id":"6499cf91608a51640f0872b8","slug":"doctor-is-not-posted-pharmacist-is-running-the-hospital-bahraich-news-c-13-1-308012-2023-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: डॉक्टर की तैनाती नहीं, फार्मासिस्ट चला रहा अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: डॉक्टर की तैनाती नहीं, फार्मासिस्ट चला रहा अस्पताल
Mon, 26 Jun 2023 11:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Mon, 26 Jun 2023 11:19 PM IST
विज्ञापन
मोतीपुर (बहराइच)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर नौ वर्षों से सिर्फ एक फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा है। यहां किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं हो सकी है। इससे क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हैं। बेड व स्ट्रेचर टूटे पड़े हैं। मरीज के आने पर उसे चबूतरे पर लिटाकर फार्मासिस्ट की ओर से इलाज किया जाता है।
चिकित्सा व्यवस्था को आइना दिखाता प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। अस्पताल भवन की समय-समय पर मरम्मत न होने के कारण भवन जर्जर हो गया है। इससे हादसा होने की आशंका बनी हुई है। अस्पताल परिसर गंदगी से पटा रहता है। बाउंड्रीवाल भी जर्जर है। परिसर में चारों तरफ झाड़-झंखाड़ है। फर्नीचर आदि की व्यवस्था नहीं है।
फार्मासिस्ट करते मरीजों का इलाज
चिकित्सा उपकरणों की बात करें तो मोतीपुर पीएचसी में एक भी स्ट्रेचर नहीं है। बेड भी टूट चुके हैं। यदि कोई मरीज पहुंचता है तो अस्पताल के अंदर चबूतरे पर लिटाकर इलाज किया जाता है। हैंडपंप पर बाहरी लोग अपने वाहनों को धोते हैं। यहां दवाओं का अभाव बना रहता है।
विज्ञापन
व्यवस्था सुधरे तो 50 हजार आबादी को मिलेगी सुविधा
कतर्नियाघाट जंगल के किनारे दर्जनों गांव बसे हैं। जहां आए दिन तेंदुए व बाघों का हमला होता रहता है। यदि अस्पताल में बेहतर सुविधाएं हों तो घायलों को स्थानीय स्तर पर ही इलाज मुहैया हो जाएगा।
जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यदि व्यवस्था सुधर जाए तो स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल होने के कारण मोतीपुर, हंसुलिया, गोपिया, महबूब नगर, भरिया, ककरहा, गौरा पिपरा, बंगलीपुरवा, भागड़िया, चुरवा, नईबस्ती निद्धिपूरवा, प्रेमनगर, कंडा, पड़रिया, सर्रा, मझगवा, बस्थनवा, सोहनी आदि गांवों की लगभग 50 हजार की आबादी लाभान्वित होगी।
चिकित्सकों की है कमी
गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिहींपुरवा में इलाज किया जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बुखार व छोटी बीमारियों की दवाएं दी जाती हैं। डॉक्टरों की कमी है। डॉक्टर उपलब्ध होते ही पीएचसी में तैनात किया जाएगा।
- डॉ. एसके सिंह, सीएमओ
विज्ञापन
चिकित्सा व्यवस्था को आइना दिखाता प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। अस्पताल भवन की समय-समय पर मरम्मत न होने के कारण भवन जर्जर हो गया है। इससे हादसा होने की आशंका बनी हुई है। अस्पताल परिसर गंदगी से पटा रहता है। बाउंड्रीवाल भी जर्जर है। परिसर में चारों तरफ झाड़-झंखाड़ है। फर्नीचर आदि की व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन
फार्मासिस्ट करते मरीजों का इलाज
चिकित्सा उपकरणों की बात करें तो मोतीपुर पीएचसी में एक भी स्ट्रेचर नहीं है। बेड भी टूट चुके हैं। यदि कोई मरीज पहुंचता है तो अस्पताल के अंदर चबूतरे पर लिटाकर इलाज किया जाता है। हैंडपंप पर बाहरी लोग अपने वाहनों को धोते हैं। यहां दवाओं का अभाव बना रहता है।
विज्ञापन
व्यवस्था सुधरे तो 50 हजार आबादी को मिलेगी सुविधा
कतर्नियाघाट जंगल के किनारे दर्जनों गांव बसे हैं। जहां आए दिन तेंदुए व बाघों का हमला होता रहता है। यदि अस्पताल में बेहतर सुविधाएं हों तो घायलों को स्थानीय स्तर पर ही इलाज मुहैया हो जाएगा।
जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यदि व्यवस्था सुधर जाए तो स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल होने के कारण मोतीपुर, हंसुलिया, गोपिया, महबूब नगर, भरिया, ककरहा, गौरा पिपरा, बंगलीपुरवा, भागड़िया, चुरवा, नईबस्ती निद्धिपूरवा, प्रेमनगर, कंडा, पड़रिया, सर्रा, मझगवा, बस्थनवा, सोहनी आदि गांवों की लगभग 50 हजार की आबादी लाभान्वित होगी।
चिकित्सकों की है कमी
गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिहींपुरवा में इलाज किया जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बुखार व छोटी बीमारियों की दवाएं दी जाती हैं। डॉक्टरों की कमी है। डॉक्टर उपलब्ध होते ही पीएचसी में तैनात किया जाएगा।
- डॉ. एसके सिंह, सीएमओ