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Bahraich News: डीजल संकट, छह से ज्यादा स्कूल-कॉलेज बंद
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पानीटंकी के पास पेट्रोल भराने के लिए लगी लाइन।
- फोटो : पानीटंकी के पास पेट्रोल भराने के लिए लगी लाइन।
बहराइच। जिले में गहराते ईंधन संकट का असर अब शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। डीजल न मिलने से स्कूली वाहन नहीं चल पा रहे हैं। इससे छह से ज्यादा स्कूल-कॉलेजों को बंद करने का निर्णय लेना पड़ा है। शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर कीर्तनपुर क्षेत्र में स्थित एक कॉलेज समेत चार निजी स्कूलों की बसें डीजल के अभाव में खड़ी हो गई हैं। स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को संदेश भेजकर स्पष्ट किया है कि जब तक ईंधन की व्यवस्था सामान्य नहीं होती, तब तक बस सेवा संचालित नहीं की जा सकेगी। इसके चलते बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं।
उधर, शुक्रवार सुबह शहर के डिगिहा, चुंगी नाका, केबी पेट्रोल पंप, रोडवेज और पानी टंकी स्थित पंपों पर जैसे ही सुबह टैंकर पहुंचे, लोगों की लंबी कतारें लग गईं। कई लोग तो बाइक की टंकी लेकर पेट्रोल भरवाने पहुंचे थे। हालांकि, कुछ ही घंटों में ईंधन खत्म हो जाने से ज्यादातर लोगों को निराश लौटना पड़ा।
गोंडा रोड स्थित पंप पर पहुंचे विवेक और राहुल ने बताया कि वे पिछले दो दिनों से पेट्रोल के लिए भटक रहे हैं। किसी तरह व्यवस्था न होने पर वे बाइक की टंकी ही निकालकर पेट्रोल लेने पहुंचे हैं। इसी तरह बृहस्पतिवार को बहराइच-लखनऊ मार्ग पर हरियाली और हेमरिया स्थित पेट्रोल पंपों पर भी डीजल लेने के लिए भारी भीड़ लगी रही। गेहूं की कटाई-मड़ाई और तेज गर्मी के चलते सिंचाई के लिए डीजल की मांग बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो गई है। शहर के केडीसी पेट्रोल पंप समेत टिकोरामोड़, बौंडी, फखरपुर, महसी, नानपारा रोड और मटेरा क्षेत्र के कई पंपों पर ईंधन खत्म होने से सन्नाटा पसरा रहा। किसानों का कहना है कि ट्रैक्टर में डीजल भरवाने के लिए दो से तीन घंटे तक लाइन में लगना पड़ रहा है।
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जल्द सामान्य होगी स्थिति
जिला पूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी ने बताया कि पेट्रोलियम कंपनियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और टैंकरों की आपूर्ति जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि घबराएं नहीं, जल्द ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
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उधर, शुक्रवार सुबह शहर के डिगिहा, चुंगी नाका, केबी पेट्रोल पंप, रोडवेज और पानी टंकी स्थित पंपों पर जैसे ही सुबह टैंकर पहुंचे, लोगों की लंबी कतारें लग गईं। कई लोग तो बाइक की टंकी लेकर पेट्रोल भरवाने पहुंचे थे। हालांकि, कुछ ही घंटों में ईंधन खत्म हो जाने से ज्यादातर लोगों को निराश लौटना पड़ा।
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गोंडा रोड स्थित पंप पर पहुंचे विवेक और राहुल ने बताया कि वे पिछले दो दिनों से पेट्रोल के लिए भटक रहे हैं। किसी तरह व्यवस्था न होने पर वे बाइक की टंकी ही निकालकर पेट्रोल लेने पहुंचे हैं। इसी तरह बृहस्पतिवार को बहराइच-लखनऊ मार्ग पर हरियाली और हेमरिया स्थित पेट्रोल पंपों पर भी डीजल लेने के लिए भारी भीड़ लगी रही। गेहूं की कटाई-मड़ाई और तेज गर्मी के चलते सिंचाई के लिए डीजल की मांग बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो गई है। शहर के केडीसी पेट्रोल पंप समेत टिकोरामोड़, बौंडी, फखरपुर, महसी, नानपारा रोड और मटेरा क्षेत्र के कई पंपों पर ईंधन खत्म होने से सन्नाटा पसरा रहा। किसानों का कहना है कि ट्रैक्टर में डीजल भरवाने के लिए दो से तीन घंटे तक लाइन में लगना पड़ रहा है।
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जल्द सामान्य होगी स्थिति
जिला पूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी ने बताया कि पेट्रोलियम कंपनियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और टैंकरों की आपूर्ति जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि घबराएं नहीं, जल्द ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।