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Bahraich News: डीएफओ ने जंगल में इंटरलॉकिंग व मिट्टी पटान की दी अनुमति
Sat, 06 Apr 2024 11:12 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sat, 06 Apr 2024 11:12 PM IST
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मिहींपुरवा (बहराइच)। कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग से होकर गुजरने वाले राजमार्गों पर हादसे दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। इसका कारण वन क्षेत्र में सड़क का संकरा, सड़क की पटरी नीचा होना है। वन विभाग की ओर से मंजूरी न मिलने की वजह से कार्य लंबित था। लेकिन एक आईजीआरएस के जवाब में डीएफओ ने एनएचएआई को पटरियों पर मिट्टी पटान की स्वीकृति देने की बात कही है। इससे ग्रामीणों में खुशी है।
मिहींपुरवा से कतर्नियाघाट-बिछिया जाने वाला पूरा राजमार्ग जंगल के भीतर होकर गुजरा है। इस मार्ग पर लगभग दो दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीण आवागमन करते हैं। इसका निर्माण एनएचएआई ने पिछले साल करवाया था। इस दौरान सड़क लगभग एक फीट ऊंची हो गई और साइड पटरी नीची। इससे लगातार हादसे हो रहे हैं। बीते सप्ताह ग्राम कारीकोट के आजमगढ़ पुरवा निवासी नाथूराम साइड देते समय मुर्तिहा रेंज के लक्कड़बाबा के पास सड़क किनारे पेड़ से टकरा गए थे। हादसे में उनका पैर कट कर अलग हो गया था। इसके बाद ग्रामीणों ने आईजीआरएस पर शिकायत की थी। इस पर डीएफओ बी. शिवशंकर ने कतर्नियाघाट मार्ग के किनारे पटरी पर मिट्टी पटान व इंटरलाकिंग न होने व इसके लिए एनएचएआई को अनापत्ति प्रमाण पत्र देेने की बात कही है।
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मिहींपुरवा से कतर्नियाघाट-बिछिया जाने वाला पूरा राजमार्ग जंगल के भीतर होकर गुजरा है। इस मार्ग पर लगभग दो दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीण आवागमन करते हैं। इसका निर्माण एनएचएआई ने पिछले साल करवाया था। इस दौरान सड़क लगभग एक फीट ऊंची हो गई और साइड पटरी नीची। इससे लगातार हादसे हो रहे हैं। बीते सप्ताह ग्राम कारीकोट के आजमगढ़ पुरवा निवासी नाथूराम साइड देते समय मुर्तिहा रेंज के लक्कड़बाबा के पास सड़क किनारे पेड़ से टकरा गए थे। हादसे में उनका पैर कट कर अलग हो गया था। इसके बाद ग्रामीणों ने आईजीआरएस पर शिकायत की थी। इस पर डीएफओ बी. शिवशंकर ने कतर्नियाघाट मार्ग के किनारे पटरी पर मिट्टी पटान व इंटरलाकिंग न होने व इसके लिए एनएचएआई को अनापत्ति प्रमाण पत्र देेने की बात कही है।
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