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Bahraich News: सीएचसी पर बनाए गए डेंगू वार्ड, 10 बेड आरक्षित
Mon, 07 Aug 2023 11:16 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Mon, 07 Aug 2023 11:16 PM IST
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बहराइच। बारिश के मौसम में जलभराव होने से मच्छर पनपने लगते हैं। इससे डेंगू व मलेरिया की आशंका बढ़ जाती है। इससे निपटने के लिए जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अलग से डेंगू, मलेरिया वार्ड बनाया गया है। वार्ड में 10 बेड मरीजों को भर्ती करने के लिए आरक्षित किए गए हैं। बेडों पर मच्छरदानी भी लगाई गई है। अभी तक जिले में कोई भी मरीज नहीं मिला है।
सीएमओ डॉ. एसके सिंह ने बताया कि डेंगू वायरल संक्रमण है, जो मच्छर मादा एडीज के काटने से होता है। इस मच्छर के शरीर पर चीते जैसी धारियां होती हैं और यह साफ व ठहरे पानी में पनपता है। यह बहुत ऊंचाई तक नहीं उड़ पाता और रात के बजाय दिन में खासकर सुबह के समय काटता है। उन्होंने बताया कि पानी की खुली टंकियां, छत पर रखा कबाड़ व पुराने टायर, फ्रिज के नीचे की ट्रे, टूटे बर्तन में जमा पानी में डेंगू के मच्छर पनपते हैं।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी ने बताया कि 14 सीएचसी पर (जेई) जापानी इंसेफेलाइटिस तथा (ईटीसी) इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर वार्ड तैयार किया गया है। इस वार्ड में 10-10 बेड आरक्षित किए गए हैं। यदि कोई मरीज मिला तो फौरन भर्ती कर इलाज किया जाएगा। वार्ड में सभी दवाएं, चिकित्सक व स्टॉफ, ऑक्सीजन सहित सभी इमरजेंसी सेवाएं मौजूद हैं।
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बचाव के उपाय
घर के आसपास साफ-सफाई रखें। कूलर का पानी नियमित बदलते रहें। घर में छत पर बारिश का पानी जमा न होने दें। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें।
इन लक्षणों पर लें चिकित्सकों की सलाह
सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों व जोड़ों में दर्द।
जी मिचलाना, उल्टी लगना, आंखों के पीछे दर्द।
ग्रंथियों में सूजन, त्वचा पर लाल चकत्ते होना।
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सीएमओ डॉ. एसके सिंह ने बताया कि डेंगू वायरल संक्रमण है, जो मच्छर मादा एडीज के काटने से होता है। इस मच्छर के शरीर पर चीते जैसी धारियां होती हैं और यह साफ व ठहरे पानी में पनपता है। यह बहुत ऊंचाई तक नहीं उड़ पाता और रात के बजाय दिन में खासकर सुबह के समय काटता है। उन्होंने बताया कि पानी की खुली टंकियां, छत पर रखा कबाड़ व पुराने टायर, फ्रिज के नीचे की ट्रे, टूटे बर्तन में जमा पानी में डेंगू के मच्छर पनपते हैं।
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जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी ने बताया कि 14 सीएचसी पर (जेई) जापानी इंसेफेलाइटिस तथा (ईटीसी) इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर वार्ड तैयार किया गया है। इस वार्ड में 10-10 बेड आरक्षित किए गए हैं। यदि कोई मरीज मिला तो फौरन भर्ती कर इलाज किया जाएगा। वार्ड में सभी दवाएं, चिकित्सक व स्टॉफ, ऑक्सीजन सहित सभी इमरजेंसी सेवाएं मौजूद हैं।
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बचाव के उपाय
घर के आसपास साफ-सफाई रखें। कूलर का पानी नियमित बदलते रहें। घर में छत पर बारिश का पानी जमा न होने दें। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें।
इन लक्षणों पर लें चिकित्सकों की सलाह
सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों व जोड़ों में दर्द।
जी मिचलाना, उल्टी लगना, आंखों के पीछे दर्द।
ग्रंथियों में सूजन, त्वचा पर लाल चकत्ते होना।