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Bahraich News: फजिर के नमाज के बाद दरगाह का जेठ मेला शुरू
Fri, 12 May 2023 12:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Fri, 12 May 2023 12:07 AM IST
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बहराइच। विश्व प्रसिद्घ दरगाह जेठ मेले की शुरुआत गुरुवार से फजिर की नमाज के बाद से हो गई है। परंपरा के अनुसार जियारत के लिए मजार शरीफ का मुख्य फाटक खोल दिया गया है। फाटक खुलते ही मजार शरीफ पर गाजी के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए जायरीन का सैलाब उमड़ पड़ा। जायरीन जंजीरी गेट चूमकर गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए मजार पर पहुंचे। यहां सभी ने चादरपोशी करते हुए नजराना पेश कर हाजिरी लगाई। दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि जेठ मेले की शुरुआत कर दी गई है। गुरुवार से जायरीन मेले में पहुंचने लगे हैं। उन्होंने बताया कि इलाहाबाद के न्यायमूर्ति 13 मई की शाम सात बजे मेले का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद 14 मई को मुख्य मेला होगा। जहां देश-विदेश के जायरीन मजार-ए-मुबारक पर पहुंचकर हाजिरी देंगे।
उन्होंने बताया कि बनारस, जौनपुर, इलाहाबाद, आजमगढ़, प्रतापगढ़, मऊ, संतकबीर नगर, गोरखपुर, कलकत्ता, दिल्ली, बांबे, पंजाब आदि जगहों से गाजी मियां की दरगाह पर बारातों का पहुंचना शुरू हो गया है। एक-एक जिले से 25 बरातें आ रही हैं।
देश के अमनचैन की दुआ मांगी
सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर लगने वाला जेठ मेला एक माह तक चलता है। गुरुवार को मौलाना अरशदुल कादरी की अगुवाई में खादिम, खुद्दाम, दरगाह प्रबंध समिति के पदाधिकारी और इंतजामिया कमेटी के सदस्यों ने अकीदत के साथ फजिर की नमाज अदा की। फिर कुरानख्वानी का आयोजन हुआ। इस दौरान मौलाना ने दुआ मांगी कि जो लोग हाजिरी देने आए हैं उनकी मन्नत पूरी हों।
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इस अवसर पर दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाम अहमद, कमेटी के हाजी अजमतउल्ला गिरदावर, दिलशाद अहमद एडवोकेट, बच्चे भारती, मकसूद रायनी, अलीमुलहक आदि मेले की व्यवस्थाओं में लगे हुए हैं।
मेले में सजी दुकानें व मनोरंजन के साधन
दरगाह मेले में ढोल, चूड़ी, रेडीमेड ज्वैलरी, बर्तन, कॉलीन, कपड़े, लाठी तथा खानपान की दुकानें सज गई हैं। मेलार्थियों के मनोरंजन के लिए जादू, झूला, मौत का कुआं, सरकस समेत अन्य साधन लग गए हैं।
बागों में जायरीनों के लगे डेरे
हजरत सैय्यद सालार मसऊद गाजी रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह जायरीन से गुलजार होने लगी है। लोनिनबाग, सालारबाग, टांडा बाग, पलरीबाग, लोहार बाग में जायरीन ने अपने डेरे लगाए हैं। उनके सामने निशान लहरा रहे हैं। भीषण गर्मी में जायरीनों को जियारत करने में घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।
बनारस से पैदल चलकर दरगाह पहुंचेगी बरात
मजार-ए-मुबारक पर हाजिरी देने के लिए बनारस, देवरिया, मानिकपुर, बलराजपुर से पैदल बरात आ रही है, जो देर रात तक दरगाह पहुंच जाएगी। इसके बाद जायरीन सुबह से अकीदत के साथ मिठाई, चादर आदि नजराना पेश करेंगे।
ढोलक व ढपली की थाप पर झूमे जायरीन
हिन्दू-मुस्लिम के आस्था का प्रतीक दरगाह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मन्नतें मांगते हैं। मुराद पूरी होने पर जेठ मेले के दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। मन्नत पूरी होने की खुशी में ढोलक व ढपली की थाप पर जायरीन नाचते-गाते हुए नजराना पेश करते हैं।
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उन्होंने बताया कि बनारस, जौनपुर, इलाहाबाद, आजमगढ़, प्रतापगढ़, मऊ, संतकबीर नगर, गोरखपुर, कलकत्ता, दिल्ली, बांबे, पंजाब आदि जगहों से गाजी मियां की दरगाह पर बारातों का पहुंचना शुरू हो गया है। एक-एक जिले से 25 बरातें आ रही हैं।
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देश के अमनचैन की दुआ मांगी
सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर लगने वाला जेठ मेला एक माह तक चलता है। गुरुवार को मौलाना अरशदुल कादरी की अगुवाई में खादिम, खुद्दाम, दरगाह प्रबंध समिति के पदाधिकारी और इंतजामिया कमेटी के सदस्यों ने अकीदत के साथ फजिर की नमाज अदा की। फिर कुरानख्वानी का आयोजन हुआ। इस दौरान मौलाना ने दुआ मांगी कि जो लोग हाजिरी देने आए हैं उनकी मन्नत पूरी हों।
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इस अवसर पर दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाम अहमद, कमेटी के हाजी अजमतउल्ला गिरदावर, दिलशाद अहमद एडवोकेट, बच्चे भारती, मकसूद रायनी, अलीमुलहक आदि मेले की व्यवस्थाओं में लगे हुए हैं।
मेले में सजी दुकानें व मनोरंजन के साधन
दरगाह मेले में ढोल, चूड़ी, रेडीमेड ज्वैलरी, बर्तन, कॉलीन, कपड़े, लाठी तथा खानपान की दुकानें सज गई हैं। मेलार्थियों के मनोरंजन के लिए जादू, झूला, मौत का कुआं, सरकस समेत अन्य साधन लग गए हैं।
बागों में जायरीनों के लगे डेरे
हजरत सैय्यद सालार मसऊद गाजी रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह जायरीन से गुलजार होने लगी है। लोनिनबाग, सालारबाग, टांडा बाग, पलरीबाग, लोहार बाग में जायरीन ने अपने डेरे लगाए हैं। उनके सामने निशान लहरा रहे हैं। भीषण गर्मी में जायरीनों को जियारत करने में घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।
बनारस से पैदल चलकर दरगाह पहुंचेगी बरात
मजार-ए-मुबारक पर हाजिरी देने के लिए बनारस, देवरिया, मानिकपुर, बलराजपुर से पैदल बरात आ रही है, जो देर रात तक दरगाह पहुंच जाएगी। इसके बाद जायरीन सुबह से अकीदत के साथ मिठाई, चादर आदि नजराना पेश करेंगे।
ढोलक व ढपली की थाप पर झूमे जायरीन
हिन्दू-मुस्लिम के आस्था का प्रतीक दरगाह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मन्नतें मांगते हैं। मुराद पूरी होने पर जेठ मेले के दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। मन्नत पूरी होने की खुशी में ढोलक व ढपली की थाप पर जायरीन नाचते-गाते हुए नजराना पेश करते हैं।