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दरगाह शरीफ का मुख्य मेला आज
Sat, 25 May 2019 10:59 PM IST
Praveen Singh
Amarujala Bureau/Bahraich
Amarujala Bureau/Bahraich
Published by: Praveen Singh
Updated Sat, 25 May 2019 10:59 PM IST
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सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर मुख्य मेला रविवार को है। इसकी तैयारियां पूरी करने का दावा प्रबंध समिति कर रही है। मेले में गाजे-बाजे के साथ विभिन्न जनपदों व प्रांतों से परंपरागत बारातें आएंगी। यह सभी बारातें मेला परिसर में ठहरी हुई हैं। हालांकि बारात में दूल्हा व दुल्हन नहीं होगा। टांडा, बस्ती, जौनपुर, नासिक व रुदौली की बारातें आकर्षण का केंद्र रहेंगी। मुख्य मेले में शामिल होने के लिए अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ रहा है। जियारत का सिलसिला जारी है।
दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि 26 मई को मुख्य जेठ मेला में एक हजार सोलह वर्ष पुरानी परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूर्वांचल, नेपाल, मुंबई, दिल्ली, राजस्थान, बिहार से बाराती दरगाह शरीफ पहुंच चुके हैं। अभी भी कुछ बारातियों के आने का सिलसिला जारी है। रविवार शाम 7:30 बजे बारातें गाजे-बाजे के साथ दरगाह मेला परिसर में स्थित डेरों से गाजी की दरगाह के लिए रवाना होंगी।
इन बारातियों के हाथों में निशान, चादर, पलंगपीढ़ी व दहेज का पूरा सामान होगा। बारातियों का स्वागत दरगाह प्रबंध समिति के साथ जिला प्रशासन के आला अधिकारी भी करेंगे। बारातें जंजीरी गेट से प्रवेश कर नाल दरवाजा होते हुए गाजी की दरगाह पर हाजिरी लगाएंगी। वहां पर पलंग पीढ़ी व दहेज का सामान रखा जाएगा।
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शमशाद का कहना है कि प्रति वर्ष बारातों को लाने का सिलसिला बढ़ रहा है। ऐसे में लगभग छह सौ बारातें देश के विभिन्न हिस्सों से बहराइच दरगाह शरीफ आती हैं। उधर, गाजी की दरगाह पर मुख्य मेले के दिन आने वाली बारातों में आतिशबाज भी आगे-आगे आतिशबाजी करते हुए चलते हैं। इस बार बाराबंकी के आतिशबाजों से रौनक बढ़ेगी।
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दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि 26 मई को मुख्य जेठ मेला में एक हजार सोलह वर्ष पुरानी परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूर्वांचल, नेपाल, मुंबई, दिल्ली, राजस्थान, बिहार से बाराती दरगाह शरीफ पहुंच चुके हैं। अभी भी कुछ बारातियों के आने का सिलसिला जारी है। रविवार शाम 7:30 बजे बारातें गाजे-बाजे के साथ दरगाह मेला परिसर में स्थित डेरों से गाजी की दरगाह के लिए रवाना होंगी।
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इन बारातियों के हाथों में निशान, चादर, पलंगपीढ़ी व दहेज का पूरा सामान होगा। बारातियों का स्वागत दरगाह प्रबंध समिति के साथ जिला प्रशासन के आला अधिकारी भी करेंगे। बारातें जंजीरी गेट से प्रवेश कर नाल दरवाजा होते हुए गाजी की दरगाह पर हाजिरी लगाएंगी। वहां पर पलंग पीढ़ी व दहेज का सामान रखा जाएगा।
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शमशाद का कहना है कि प्रति वर्ष बारातों को लाने का सिलसिला बढ़ रहा है। ऐसे में लगभग छह सौ बारातें देश के विभिन्न हिस्सों से बहराइच दरगाह शरीफ आती हैं। उधर, गाजी की दरगाह पर मुख्य मेले के दिन आने वाली बारातों में आतिशबाज भी आगे-आगे आतिशबाजी करते हुए चलते हैं। इस बार बाराबंकी के आतिशबाजों से रौनक बढ़ेगी।