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कैश के लिए बेकाबू हुई भीड़, पुलिस ने भांजी लाठियां
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 15 Nov 2016 10:36 PM IST
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बेकाबू हुई भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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पांच सौ व हजार के बंद हो चुके नोट बदलने व कैश निकालने को बैंकों में मंगलवार को भी अफरातफरी रही। सुबह इलाहाबाद बैंक मुख्य शाखा का गेट खुलते ही अंदर जाने के लिए लोग बेकाबू हो गए। इस पर पुलिस ने लाठियां भांजी। इस घटना में कई लोगों को चोट आई।
उधर शहर व कस्बों की बैंक शाखाओं में दोपहर तक कैश खत्म होने से अफरातफरी की स्थिति रही। बैंक कर्मियों से ग्राहकों की कई जगह जमकर झड़प हुई। ग्रामीण अंचलों के बैंक भी कैश की कमी से जूझे। मांग की अपेक्षा बैंकों में कैश की सप्लाई नहीं हो पाने से जिले में लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है।
एक दिन अवकाश के बाद मंगलवार सुबह बैंक शाखाएं खुलने से दो-ढाई घंटे पहले ही बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। शहर स्थित इलाहाबाद बैंक मुख्य शाखा पर सुबह आठ बजे के करीब सैकड़ों लोग जमा थे। बैंक का गेट खुला अंदर पहुंचने के लिए धक्कामुक्की शुरू हो गई।
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भीड़ को बेकाबू होता देख मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लाठी चला दी जिसमें कई लोगों को चोट आई। किसी तरह स्थिति सामान्य हुई। शहर के बैकों में तो जैसे-तैसे दिन भर लेनदेन हुआ लेकिन दरगाह स्थित स्टेट बैंक की शाखा में शाम चार बजे गेट बंद होने व कैश की कमी बताए जाने पर लाइन में खड़े लोग बिफर पड़े। कर्मचारियों से उनकी झड़प हुई।
उधर नानपारा में पंजाब नेशनल, सेंट्रल, बैंक आफ बड़ौदा, यूनियन और लखनऊ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में दोपहर तक कैश खत्म हो गया। इसके चलते लोग नाराज होकर लौट गए। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक महसी में लेनदेन के लिए सिर्फ एक लाख रुपये शाखा प्रबंधक को दिया गया था जो दोपहर तक खत्म हो गया।
इसके पूर्व भी किसी को एक हजार तो किसी को दो हजार के नोट बदले गए। खाते से पैसे की निकासी नहीं की गई। सिर्फ पैसे नोट जमा किए गए। इलाहाबाद बैंक शिवपुर लालपुर मटेरा चौराहा में कैश ही नहीं था। पूरे दिन लोग इंतजार करते रह गए।
यही हाल कैसरगंज, जरवल, हुजूरपुर, पयागपुर, विशेश्वरगंज, रिसिया, मिहींपुरवा, नवाबगंज, रुपईडीहा की बैंकों का रहा। बाबागंज स्थित इलाहाबाद बैंक शाखा में लेनदेन का कार्य रात एक बजे तक हो रहा है। शाखा प्रबंधक रवींद्र सिंह ने बताया कि लोगों की समस्या को देखते हुए लोगों के मौजूद रहने तक बैंक बंद नहीं किया जाता है।
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उधर शहर व कस्बों की बैंक शाखाओं में दोपहर तक कैश खत्म होने से अफरातफरी की स्थिति रही। बैंक कर्मियों से ग्राहकों की कई जगह जमकर झड़प हुई। ग्रामीण अंचलों के बैंक भी कैश की कमी से जूझे। मांग की अपेक्षा बैंकों में कैश की सप्लाई नहीं हो पाने से जिले में लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है।
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एक दिन अवकाश के बाद मंगलवार सुबह बैंक शाखाएं खुलने से दो-ढाई घंटे पहले ही बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। शहर स्थित इलाहाबाद बैंक मुख्य शाखा पर सुबह आठ बजे के करीब सैकड़ों लोग जमा थे। बैंक का गेट खुला अंदर पहुंचने के लिए धक्कामुक्की शुरू हो गई।
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भीड़ को बेकाबू होता देख मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लाठी चला दी जिसमें कई लोगों को चोट आई। किसी तरह स्थिति सामान्य हुई। शहर के बैकों में तो जैसे-तैसे दिन भर लेनदेन हुआ लेकिन दरगाह स्थित स्टेट बैंक की शाखा में शाम चार बजे गेट बंद होने व कैश की कमी बताए जाने पर लाइन में खड़े लोग बिफर पड़े। कर्मचारियों से उनकी झड़प हुई।
उधर नानपारा में पंजाब नेशनल, सेंट्रल, बैंक आफ बड़ौदा, यूनियन और लखनऊ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में दोपहर तक कैश खत्म हो गया। इसके चलते लोग नाराज होकर लौट गए। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक महसी में लेनदेन के लिए सिर्फ एक लाख रुपये शाखा प्रबंधक को दिया गया था जो दोपहर तक खत्म हो गया।
इसके पूर्व भी किसी को एक हजार तो किसी को दो हजार के नोट बदले गए। खाते से पैसे की निकासी नहीं की गई। सिर्फ पैसे नोट जमा किए गए। इलाहाबाद बैंक शिवपुर लालपुर मटेरा चौराहा में कैश ही नहीं था। पूरे दिन लोग इंतजार करते रह गए।
यही हाल कैसरगंज, जरवल, हुजूरपुर, पयागपुर, विशेश्वरगंज, रिसिया, मिहींपुरवा, नवाबगंज, रुपईडीहा की बैंकों का रहा। बाबागंज स्थित इलाहाबाद बैंक शाखा में लेनदेन का कार्य रात एक बजे तक हो रहा है। शाखा प्रबंधक रवींद्र सिंह ने बताया कि लोगों की समस्या को देखते हुए लोगों के मौजूद रहने तक बैंक बंद नहीं किया जाता है।