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लॉकअप में बंदियों का हंगामा, पेशी पर जाने से इंकार

Mon, 13 Jul 2015 10:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच Updated Mon, 13 Jul 2015 10:05 PM IST
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बहराइच। पेशी पर कचहरी पहुंचे कुछ बंदियों को उनके परिवारीजन भोजन व अन्य सामग्री देने पहुंचे। ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों ने विरोध किया तो बंदी भड़क उठे।
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हाथापाई और मारपीट की नौबत बन गई। इस दौरान कुछ बंदियों ने लॉकअप में गंदगी और अव्यवस्था होने की बात कहकर नारेबाजी शुरू कर दी और पेशी पर जाने से इन्कार कर दिया।
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 मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह सभी को समझाकर शांत किया।

शहर स्थित दीवानी कचहरी में प्रतिदिन जिला कारागार से बंदी पेशी पर ले जाए जाते हैं। उसी के तहत सोमवार को भी एक ट्रक से बंदियों को कचहरी ले जाया गया।

 इन सभी को कचहरी के लॉकअप में रखा गया। वहीं से जब बंदियों को अलग-अलग न्यायालयों पर सिपाही पेशी पर ले जा रहे थे तभी कुछ बंदियों के परिवारीजन उनसे मुलाकात करने पहुंच गए।
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एक बंदी को परिवार के सदस्यों ने झोले में खाना व अन्य सामग्री दी लेकिन ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों ने कोई भी सामग्री देने से रोक दिया।

इसी बात पर लॉकअप में मौजूद अन्य बंदी भी भड़क उठे। सिपाही से कहासुनी हुई। सिपाही लॉकअप के पास पहुंचा तो उससे हाथापाई की नौबत बन गई। बंदियों ने पेशी पर जाने से इंकार कर दिया।

सूचना पाकर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जेपी पांडेय, सीओ सिटी अनूप कुमार व कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक मौके पर पहुंचे।

जब पुलिस अधिकारी बंदियों को समझाने बुझाने का प्रयास कर रहे थे तभी बंदियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। लॉकअप में गंदगी और अव्यवस्था होने की भी बात कही।

 इस पर सीओ सिटी ने सभी बंदियों का तस्किरा (लॉकअप की डायरी में मामला दर्ज करना) लिखवा दिया। इस पर बंदी फिर भड़क उठे। किसी तरह उन्हें समझा बुझाकर शांत किया गया। लॉकअप में व्यवस्थाएं दुुरुस्त करने का भी आश्वासन अधिकारियों ने दिया।


एएसपी और सीओ सिटी ने कहा कि लॉकअप में मुलाकातियों से सख्ती बरती जा रही है। उसी के चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

उन्होंने कहा कि बंदी अक्सर अनावश्यक की डिमांड करते हैं, उसे पूरा करना संभव नहीं होता है। इस हंगामे के चलते कचहरी परिसर में डेढ़ घंटे तक अफरातफरी की स्थिति बनी रही।

कोतवाली नगर और देहात की फोर्स काफी संख्या में पहुंचने के बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
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