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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   outsiders giving injection to patient

मरीजों को बाहरी लोग लगाते हैं इंजेक्शन

Mon, 18 Jan 2016 09:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच Updated Mon, 18 Jan 2016 09:52 PM IST
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बहराइच। जिला अस्पताल में इलाज कराने से पहले ये जरूर पुख्ता कर लें कि जो आपको इंजेक्शन लगा रहा है, वह अस्पताल का ही कर्मचारी है। क्योंकि, अस्पताल में अब बाहरी व्यक्ति ज्यादा सक्रिय हैँ।
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ये खुलासा स्वयं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. माहेश्वरी पांडेय ने सोमवार को किया है। उनका कहना है कि इमरजेंसी ओपीडी में रात के समय बाहरी व्यक्ति सक्रिय हो जाते हैं। मरीजों को बरगलाकर उनसे महंगे इंजेक्शन मंगवाते हैं।
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यह खेल फार्मासिस्टों की साठ-गांठ से चल रहा है। निरीक्षण के दौरान इन अनधिकृत व्यक्तियों को भगा दिया जाता है, जिससे पकड़ में नहीं आ रहे हैं।

सीएमएस ने सोमवार को एसपी को पत्र भेजकर अस्पताल में डॉक्टर या फार्मासिस्ट का चोेला पहने बाहरी व्यक्तियों के खिलाफ अभियान चलाने का सहयोग मांगा है। सीएमएस के इस कदम से अस्पताल में हड़कंप मच गया है।
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इंटर्नशिप हुई पूरी पर मरीजों को बरगलाना जारी

इंटर्नशिप पूरी कर चुके चिकित्सक व फार्मेसिस्टों का मोह जिला अस्पताल से खत्म नहीं हो रहा है। ये रात के समय इमरजेंसी व वार्डों में घूमकर मरीजों को बरगलाते हैं और मरीजों के तीमारदारों से बाहर से महंगी दवाएं मंगवाई जा रही हैं।

सोमवार को सीएमएस ने प्रभारी अधिकारी फार्र्मेसी को पत्र देकर चेताया है कि यदि अनधिकृत रूप से मरीजों को इंजेक्शन या दवा लिखते हुए कोई भी बाहरी व्यक्ति पाया गया तो ड्यूटी पर कार्यरत फार्मेसिस्ट के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सीएमएस ने एसपी सालिगराम वर्मा को भी पत्र लिखा है। उन्होंने अनधिकृत रूप से अस्पताल में कार्य कर रहे लोगों पर कार्रवाई किए जाने के लिए सहयोग की मांग की है।

आईसीयू में नहीं मिलीं स्टाफ नर्सें

चिल्ड्रेन वार्ड में 10 बेड का आईसीयू वार्ड है। वार्ड संचालन के लिए 20 स्टाफ नर्स की तैनाती हुई है। सीएमएस ने सोमवार सुबह नौ बजे सभी स्टाफ नर्स को उपस्थित रहने का निर्देश दिया था लेकिन निरीक्षण के दौरान महज चार स्टाफ नर्स वार्ड में मिलीं।

इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सीएमएस ने सहायक नर्सिंग अधीक्षक ललिता जॉर्ज को तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वेतन बाधित कर दिया जाएगा।

प्रशिक्षण में नहीं गए डॉक्टर, थमाया नोटिस

केंद्रीय स्वास्थ्य महकमे की तरफ से 18 से 24 जनवरी तक नई दिल्ली में स्टेट लेवल मास्टर ट्रेनिंग ऑन वेंटिलेटरी मैनेजमेंट प्रोटोकॉल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

सीएमएस डॉ पांडेय ने अस्पताल के एनेस्थेटिस्ट डॉक्टर एनए अंसारी को प्रशिक्षण में हिस्सा लेनेे के लिए नामित किया था लेकिन डॉ एनए अंसारी न तो प्रशिक्षण के लिए दिल्ली गए और न ही इस संबंध में सीएमएस को सूचित किया।

सीएमएस ने एनए अंसारी को नोटिस थमाते हुए तीन दिन के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि डॉ एनए अंसारी द्वारा बार-बार आदेशों की अवहेलना की जा रही है।


बाहर से लिखी दवा तो होगी एफआईआर

सीएमएस डॉ माहेश्वरी पांडेय ने डॉक्टरों के खिलाफ भी कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने कहा है कि यदि कोई डॉक्टर मरीजों को बाहर की दवा या इंजेक्शन, जांच लिखते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
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