{"_id":"54727a03bdb00d26a866e5c6d8165945","slug":"officers-explored-jsy-documents-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोडल अधिकारियों ने खंगाले जेएसवाई के दस्तावेज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नोडल अधिकारियों ने खंगाले जेएसवाई के दस्तावेज
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 08 Jul 2015 10:13 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहराइच। जननी सुरक्षा योजना के घोटाले की जांच के लिए डीएम अभय कुमार ने ब्लॉकवार टीम गठित कर दी है।
जनवरी से जून तक के दस फीसदी लाभार्थियों का सत्यापन किया जाएगा। बुधवार को सात ब्लॉकों में जेएसवाई के अभिलेख खंगाले गए हैं।
इस दौरान तमाम खामियां उजागर हुई हैं। भारी संख्या में चेकों का भुगतान लटका मिला है तो भुगतान न होने की दशा में तमाम चेक एक्सपायर कर गए हैं।
जननी सुरक्षा योजना में हो रहे घोटाले की खबर को 7 जुलाई के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इतना ही नहीं, जांच में हो रही हेराफेरी की भी कलई खोली थी। इस पर डीएम अभय कुमार ने पूरे मामले को संज्ञान में लेकर विशेष जांच के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती कर उन्हे जांच का जिम्मा सौंपा है।
डीएम के निर्देश पर सहायक निदेशक रेशम एके सिंह व एसीएमओ डॉ पीके बांदिल को जरवल ब्लॉक, जिला गन्ना अधिकारी राम किशन व एसीएमओ डॉ अजय वर्मा को कैसरगंज, जिला कृषि रक्षा अधिकारी व सीएमओ डॉ केबी जैन को फखरपुर, उपायुक्त एनआरएलएम व डिप्टी एसीएमओ डॉ अनिल को मिहींपुरवा, उपायुक्त मनरेगा व एसीएमओ डॉ पीके अग्रवाल को नवाबगंज, उद्योग केंद्र महाप्रबंधक व डीएचआईओ एके चौधरी को बलहा और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं चिकित्सा अधिकारी टीबी क्लीनिक डॉ पवन कुमार वर्मा को रिसिया ब्लॉक का नोडल अधिकारी बना कर जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।
इन अधिकारियों को आठ से 10 जुलाई तक दस फीसदी लाभार्थियों के सत्यापन की रिपोर्ट 15 जुलाई को उपलब्ध करानी होगी। इसी तरह जिला उद्यान अधिकारी महेश श्रीवास्तव को चित्तौरा, जिला पंचायत राज अधिकारी एके सिंह को विशेश्वरगंज, जिला समाज कल्याण अधिकारी को हुजूरपुर, जिला कृषि अधिकारी डॉ अश्विनी कुमार को तेजवापुर, जिला प्रोबेशन अधिकारी को महसी व जिला विकलांग कल्याण अधिकारी को पयागपुर में जांच की जिम्मेदारी दी गई है। ये अधिकारी 13 जून से 15 जून तक जेएसवाई की जांच करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जनवरी से जून तक के दस फीसदी लाभार्थियों का सत्यापन किया जाएगा। बुधवार को सात ब्लॉकों में जेएसवाई के अभिलेख खंगाले गए हैं।
इस दौरान तमाम खामियां उजागर हुई हैं। भारी संख्या में चेकों का भुगतान लटका मिला है तो भुगतान न होने की दशा में तमाम चेक एक्सपायर कर गए हैं।
जननी सुरक्षा योजना में हो रहे घोटाले की खबर को 7 जुलाई के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इतना ही नहीं, जांच में हो रही हेराफेरी की भी कलई खोली थी। इस पर डीएम अभय कुमार ने पूरे मामले को संज्ञान में लेकर विशेष जांच के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती कर उन्हे जांच का जिम्मा सौंपा है।
डीएम के निर्देश पर सहायक निदेशक रेशम एके सिंह व एसीएमओ डॉ पीके बांदिल को जरवल ब्लॉक, जिला गन्ना अधिकारी राम किशन व एसीएमओ डॉ अजय वर्मा को कैसरगंज, जिला कृषि रक्षा अधिकारी व सीएमओ डॉ केबी जैन को फखरपुर, उपायुक्त एनआरएलएम व डिप्टी एसीएमओ डॉ अनिल को मिहींपुरवा, उपायुक्त मनरेगा व एसीएमओ डॉ पीके अग्रवाल को नवाबगंज, उद्योग केंद्र महाप्रबंधक व डीएचआईओ एके चौधरी को बलहा और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं चिकित्सा अधिकारी टीबी क्लीनिक डॉ पवन कुमार वर्मा को रिसिया ब्लॉक का नोडल अधिकारी बना कर जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।
विज्ञापन
इन अधिकारियों को आठ से 10 जुलाई तक दस फीसदी लाभार्थियों के सत्यापन की रिपोर्ट 15 जुलाई को उपलब्ध करानी होगी। इसी तरह जिला उद्यान अधिकारी महेश श्रीवास्तव को चित्तौरा, जिला पंचायत राज अधिकारी एके सिंह को विशेश्वरगंज, जिला समाज कल्याण अधिकारी को हुजूरपुर, जिला कृषि अधिकारी डॉ अश्विनी कुमार को तेजवापुर, जिला प्रोबेशन अधिकारी को महसी व जिला विकलांग कल्याण अधिकारी को पयागपुर में जांच की जिम्मेदारी दी गई है। ये अधिकारी 13 जून से 15 जून तक जेएसवाई की जांच करेंगे।
विज्ञापन