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अहाते में पिता-पुत्र को जिंदा जलाया
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Fri, 22 Jan 2016 10:07 PM IST
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नवाबगंज (बहराइच)। अहाते में सो रहे पिता और उसके मासूम बेटे को गुरुवार रात कुछ लोगों ने जिंदा जला दिया। चीख-पुकार सुनकर जब तक घर के लोग दौड़े तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दो मवेशी भी झुलसे हैं।
परिवारीजनों ने कुछ लोगों से चुनावी और भूमि रंजिश की बात कहते हुए उन पर घटना को अंजाम देने का संदेह जताया है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या और आगजनी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डीआईजी और एसपी ने अमले के साथ घटनास्थल का मुआयना किया है। ये दर्दनाक घटना नवाबगंज के बसऊ गांव की है।
गांव निवासी अनवर अली (30) पुत्र प्रह्लादी का अहाता घर से कुछ दूरी पर है। अहाते में मवेशियों की सुरक्षा के लिए अनवर प्रतिदिन अपने 10 वर्षीय बेटे कलीम के साथ सोता था।
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गुरुवार को भी रात नौ बजे के आसपास खाना खाकर अनवर और कलीम अहाते में सोने चले गए। रात 11 बजे के करीब किसी ने अहाते में आग लगा दी। लपटों से घिरने के बाद पिता-पुत्र की नींद खुली।
उनकी चीख-पुकार सुनकर परिवारीजन और गांव के लोग दौड़े लेकिन अहाते को धधकता देख कोई उन्हें बचाने की हिम्मत नहीं कर सका। इसी बीच अहाते में ही बंधीं दो भैंसें रस्सी तोड़कर भाग निकलीं पर बुरी तरह झुलस गईं।
ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया लेकिन तब तक अनवर और उसका बेटा कलीम दम तोड़ चुके थे। पिता-पुत्र की मौत से घर में कोहराम मच गया।
रात में ही सूचना पाकर थानाध्यक्ष मोहम्मद यासीन भी मौके पर पहुंचे। सुबह देवीपाटन मंडल के डीआईजी जेपी सिंह, एसपी सालिकराम वर्मा, एएसपी डॉ. अरविंद भूषण, सीओ भरत यादव ने घटनास्थल का मुआयना किया है।
अनवर के भाई असगर अली ने डीआईजी और एसपी को दिए गए बयान में गांव के कई लोगों से रंजिश की बात बताई है। उन्हीं में से किसी द्वारा आग लगाए जाने की आशंका भी जताई है।
वहीं, अनवर के पिता प्रह्लादी भी आगजनी की बात कह रहे हैं लेकिन आरोपियों का नाम नहीं बता पा रहे हैं। पुलिस ने असगर की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ आगजनी और हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
खेती से करता था परिवार का भरण-पोषण
अनवर अली खेती-किसानी और मवेशी पालन कर परिवार का भरण पोषण करता था। उसकी मौत से परिवार के लोग बेसहारा हो गए हैं। पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य पछाड़े खा-खाकर गिर रहे हैं।
मवेशी चोरी होने के बाद करता था रखवाली
दो माह पूर्व अनवर अली की दो भैंसें अहाते से चोर खोल ले गए थे। ऐसे में अन्य मवेशियों की सुरक्षा के लिए उसने अहाते की रखवाली का जिम्मा लिया था और तब से प्रतिदिन बेटे के साथ वहीं सोता था।
एसओ को सौंपी जांच
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. अरविंद भूषण पांडेय का कहना है कि परिवार के लोग रंजिश की बात जरूर बता रहे हैं लेकिन किसी का नाम नहीं बता रहे हैं। चुनाव के दौरान हुई पार्टीबंदी में आशंका जताई गई है।
उसी के चलते हत्या और आगजनी का केस दर्ज किया गया है। फिलहाल, थानाध्यक्ष को जांच सौंपी गई है। विवेचना के दौरान मामले का खुलासा होगा।
एसपी बोले, ढिबरी से लगी आग
पुलिस अधीक्षक सालिकराम वर्मा का कहना है कि जांच के दौरान प्रथम दृष्टया पता चला है कि अहाते में जल रही ढिबरी की लौ से छप्पर में आग लगी। मामले की जांच की जा रही है।
हालांकि, परिवार के लोगों का कहना है कि अहाते में ढिबरी और लालटेन की कोई व्यवस्था नहीं थी। प्रतिदिन अनवर अली अपने साथ टॉर्च लेकर जाता था। उसी की रोशनी में रात गुजारता था।
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परिवारीजनों ने कुछ लोगों से चुनावी और भूमि रंजिश की बात कहते हुए उन पर घटना को अंजाम देने का संदेह जताया है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या और आगजनी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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डीआईजी और एसपी ने अमले के साथ घटनास्थल का मुआयना किया है। ये दर्दनाक घटना नवाबगंज के बसऊ गांव की है।
गांव निवासी अनवर अली (30) पुत्र प्रह्लादी का अहाता घर से कुछ दूरी पर है। अहाते में मवेशियों की सुरक्षा के लिए अनवर प्रतिदिन अपने 10 वर्षीय बेटे कलीम के साथ सोता था।
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गुरुवार को भी रात नौ बजे के आसपास खाना खाकर अनवर और कलीम अहाते में सोने चले गए। रात 11 बजे के करीब किसी ने अहाते में आग लगा दी। लपटों से घिरने के बाद पिता-पुत्र की नींद खुली।
उनकी चीख-पुकार सुनकर परिवारीजन और गांव के लोग दौड़े लेकिन अहाते को धधकता देख कोई उन्हें बचाने की हिम्मत नहीं कर सका। इसी बीच अहाते में ही बंधीं दो भैंसें रस्सी तोड़कर भाग निकलीं पर बुरी तरह झुलस गईं।
ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया लेकिन तब तक अनवर और उसका बेटा कलीम दम तोड़ चुके थे। पिता-पुत्र की मौत से घर में कोहराम मच गया।
रात में ही सूचना पाकर थानाध्यक्ष मोहम्मद यासीन भी मौके पर पहुंचे। सुबह देवीपाटन मंडल के डीआईजी जेपी सिंह, एसपी सालिकराम वर्मा, एएसपी डॉ. अरविंद भूषण, सीओ भरत यादव ने घटनास्थल का मुआयना किया है।
अनवर के भाई असगर अली ने डीआईजी और एसपी को दिए गए बयान में गांव के कई लोगों से रंजिश की बात बताई है। उन्हीं में से किसी द्वारा आग लगाए जाने की आशंका भी जताई है।
वहीं, अनवर के पिता प्रह्लादी भी आगजनी की बात कह रहे हैं लेकिन आरोपियों का नाम नहीं बता पा रहे हैं। पुलिस ने असगर की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ आगजनी और हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
खेती से करता था परिवार का भरण-पोषण
अनवर अली खेती-किसानी और मवेशी पालन कर परिवार का भरण पोषण करता था। उसकी मौत से परिवार के लोग बेसहारा हो गए हैं। पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य पछाड़े खा-खाकर गिर रहे हैं।
मवेशी चोरी होने के बाद करता था रखवाली
दो माह पूर्व अनवर अली की दो भैंसें अहाते से चोर खोल ले गए थे। ऐसे में अन्य मवेशियों की सुरक्षा के लिए उसने अहाते की रखवाली का जिम्मा लिया था और तब से प्रतिदिन बेटे के साथ वहीं सोता था।
एसओ को सौंपी जांच
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. अरविंद भूषण पांडेय का कहना है कि परिवार के लोग रंजिश की बात जरूर बता रहे हैं लेकिन किसी का नाम नहीं बता रहे हैं। चुनाव के दौरान हुई पार्टीबंदी में आशंका जताई गई है।
उसी के चलते हत्या और आगजनी का केस दर्ज किया गया है। फिलहाल, थानाध्यक्ष को जांच सौंपी गई है। विवेचना के दौरान मामले का खुलासा होगा।
एसपी बोले, ढिबरी से लगी आग
पुलिस अधीक्षक सालिकराम वर्मा का कहना है कि जांच के दौरान प्रथम दृष्टया पता चला है कि अहाते में जल रही ढिबरी की लौ से छप्पर में आग लगी। मामले की जांच की जा रही है।
हालांकि, परिवार के लोगों का कहना है कि अहाते में ढिबरी और लालटेन की कोई व्यवस्था नहीं थी। प्रतिदिन अनवर अली अपने साथ टॉर्च लेकर जाता था। उसी की रोशनी में रात गुजारता था।