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हत्या के 36 साल पुराने मामले में उम्रकैदी बरी
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Thu, 15 Oct 2015 10:16 PM IST
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लखनऊ/बहराइच। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बहराइच जिले में हत्या के 36 साल पुराने मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे राम राज को तत्काल रिहा करने के निर्देश दिए।
न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी और न्यायमूर्ति रंजना पांड्या की खंडपीठ ने यह फैसला राम राज की अपील को मंजूर करते हुए सुनाया।
अपीलकर्ता की ओर से बतौर न्यायमित्र पेश हुए वकील राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि अपील में बहराइच की सत्र अदालत के छह मई 1982 के फैसले को चुनौती दी गई थी।
कोर्ट ने इस फैसले को रद्द करते कहा कि अभियोजन पक्ष अपीलकर्ता के खिलाफ केस और आरोप संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा। लिहाजा अपीलकर्ता बरी होने का हकदार है। साथ ही उसकी अपील मंजूर किए जाने लायक है।
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अभियोजन के मुताबिक वादी बरातीलाल ने 18 दिसंबर 1979 को बहराइच के हरदी थाने में अपनी मां कृष्णावती की हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले में राम राज को बतौर आरोपी गिरफ्तार किया गया था।
माफिया अतुल सिंह की चल-अचल संपत्ति की होगी कुर्की
बहराइच। कैसरगंज के रसूलाबाद में चुनावी संघर्ष में नामजद माफिया अतुल सिंह की गिरफ्तारी नहीं होने पर उसकी चल-अचल संपत्ति की कुर्क करने की कार्रवाई पुलिस ने शुरू कर दी है। गौरतलब हो कि कैसरगंज थाना क्षेत्र के रसूलाबाद गांव में रणंजय सिंह के समर्थन में माफिया अतुल सिंह ने फायरिंग की थी। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
माफिया अतुल सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम के साथ एसटीएफ लखनऊ की टीम भी दबिश दे रही थी। इसी बीच उन्नाव के निकट से उसकी चौपहिया गाड़ी बरामद की गई लेकिन माफिया हाथ नहीं लगा।
एसपी सालिकराम वर्मा ने बताया कि कोर्ट से माफिया अतुल सिंह के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी हो चुका है। अब उसकी गिरफ्तारी नहीं होने के बाद उसकी चल-अचल संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई के लिए पुलिस ने कोर्ट में पैरवी तेज कर दी है।
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न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी और न्यायमूर्ति रंजना पांड्या की खंडपीठ ने यह फैसला राम राज की अपील को मंजूर करते हुए सुनाया।
अपीलकर्ता की ओर से बतौर न्यायमित्र पेश हुए वकील राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि अपील में बहराइच की सत्र अदालत के छह मई 1982 के फैसले को चुनौती दी गई थी।
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कोर्ट ने इस फैसले को रद्द करते कहा कि अभियोजन पक्ष अपीलकर्ता के खिलाफ केस और आरोप संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा। लिहाजा अपीलकर्ता बरी होने का हकदार है। साथ ही उसकी अपील मंजूर किए जाने लायक है।
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अभियोजन के मुताबिक वादी बरातीलाल ने 18 दिसंबर 1979 को बहराइच के हरदी थाने में अपनी मां कृष्णावती की हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले में राम राज को बतौर आरोपी गिरफ्तार किया गया था।
माफिया अतुल सिंह की चल-अचल संपत्ति की होगी कुर्की
बहराइच। कैसरगंज के रसूलाबाद में चुनावी संघर्ष में नामजद माफिया अतुल सिंह की गिरफ्तारी नहीं होने पर उसकी चल-अचल संपत्ति की कुर्क करने की कार्रवाई पुलिस ने शुरू कर दी है। गौरतलब हो कि कैसरगंज थाना क्षेत्र के रसूलाबाद गांव में रणंजय सिंह के समर्थन में माफिया अतुल सिंह ने फायरिंग की थी। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
माफिया अतुल सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम के साथ एसटीएफ लखनऊ की टीम भी दबिश दे रही थी। इसी बीच उन्नाव के निकट से उसकी चौपहिया गाड़ी बरामद की गई लेकिन माफिया हाथ नहीं लगा।
एसपी सालिकराम वर्मा ने बताया कि कोर्ट से माफिया अतुल सिंह के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी हो चुका है। अब उसकी गिरफ्तारी नहीं होने के बाद उसकी चल-अचल संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई के लिए पुलिस ने कोर्ट में पैरवी तेज कर दी है।